पूर्वी लद्दाख से सेनाएं पीछे हटाने का पहला चरण 15-20 दिन में पूरा हो जाएगा: सूत्र

चीन अपने टैंक एलएसी से पीछे हटा रहा है.

चीन अपने टैंक एलएसी से पीछे हटा रहा है.

सरकार के विश्वस्त सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज़18 को बताया है कि भारत की सेनाएं जिन ऊंचे रणनीतिक (strategic heights) स्थानों पर मौजूद हैं, वहां से उन्हें सबसे आखिरी में हटाया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 12, 2021, 1:50 AM IST
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नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में भारत और चीन की सेनाओं के पीछे हटने  (Disengagement) का पहला चरण करीब 15-20 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा. सरकार के विश्वस्त सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज़18 को बताया है कि भारत की सेनाएं जिन ऊंचे रणनीतिक स्थानों पर मौजूद हैं, वहां से उन्हें सबसे आखिरी में हटाया जाएगा. सूत्र के मुताबिक-दोनों देशों में आपसी सहमति बनी है. हर स्टेप के बाद दोनों पक्षों की तरफ से वेरिफिकेशन की जाएगी. कैलाश रेंज से सेनाएं तभी हटाई जाएंगी जब हमें भरोसा हो जाए कि स्थितियां वैसी ही चलती रहेंगी जैसी अभी पैंगोंग लेक के इलाके में हैं.

दोनों पक्षों की तरफ से इस इलाके में करीब 100 टैंक लगाए गए थे

साउथ बैंक के पास से टैंक और सशस्त्र वाहन हटाने का काम गुरुवार शाम तक पूरा कर लिया गया. दोनों पक्षों की तरफ से इस इलाके में करीब 100 टैंक लगाए गए थे. सूत्रों के मुताबिक पैंगोंग लेक इलाके से सेनाएं पीछे हटने के बाद 48 घंटे के भीतर 10वीं कोर के कमांडर बैठक करेंगे. इसी बैठक में विवाद के अन्य क्षेत्रों जैसे डेस्पांग, गोगरा हॉट स्प्रिंग और डेमचॉक पर चर्चा की जाएगी.

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सकारात्मक स्टेप

एक सूत्र ने बताया- ये एक सकारात्मक स्टेप है. चीनी पक्ष नॉर्थ बैंक में फिंगर 8 के पीछे जाने को तैयार है. अब यहां से हम मान सकते हैं कि प्रक्रिया हमारे प्लान के हिसाब से होगी. साउथ बैंक से चीनी पक्ष ने अपने टैंक तेजी के साथ हटाए हैं. लेकिन हमें अभी देखना होगा कि आगे क्या होता है.

सेना ने शेयर किया वीडियो



भारतीय सेना द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे दोनों पक्षों की सेनाएं अपने टैंक साउथ बैंक से हटा रही है. इस वीडियो में ये भी दिखा कि दोनों तरफ से टैंक एक दूसरे के कितने नजदीक तैनात थे!

रक्षा मंत्री ने दिया बयान

गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया है कि विवाद के करीब 10 महीने बाद साउथ और नॉर्थ बैंक से सैनिकों को वापस लेने के लिए चीन के साथ समझौते पर सहमति बनी है. पैंगोंग लेक इलाके में सबसे पहले सेनाएं पीछे की जानी है.

भारत-चीन के बीच हुए इस एग्रीमेंट के मुताबिक चीनी सेना अपने सैनिकों को फिंगर 8 के पीछे लेकर जाएगी. भारतीय सेना फिंगर 3 इलाके के पास अपने परमानेंट बेस धन सिंह थापा पोस्ट पर रहेगी. रक्षा मंत्री के बयान से साफ हो चुका है कि फिंगर 3 से लेकर फिंगर 8 के बीच का इलाका नो पेट्रोलिंग जोन रहेगा.

(Shreya Dhoundial की पूरी स्टोरी यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है.)
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