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सुप्रीम कोर्ट विवाद: यह SC का आंतरिक मामला, राजनीति कर रहे राहुल गांधी- बीजेपी

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद न्यायपालिका और सियासी गलियारे में हड़कंप मचा हुआ है. चारों जजों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की कार्यशैली और केस के बंटवारे पर असंतोष जाहिर किया है. यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट में पदस्थ जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजेआई के खिलाफ आरोप लगाए हों.

Hindi.news18.com | January 12, 2018, 11:46 PM IST
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Last Updated January 12, 2018

हाइलाइट्स

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद न्यायपालिका और सियासी गलियारे में हड़कंप मचा हुआ है. चारों जजों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की कार्यशैली और केस के बंटवारे पर असंतोष जाहिर किया है. यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट में पदस्थ जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजेआई के खिलाफ आरोप लगाए हों.

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जे चेलामेश्वर, जो कि सीजेआई के बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज हैं, ने कहा कि अपेक्स कोर्ट का प्रशासन व्यवस्थित नहीं है और सीजेआई को समझाने की उनकी कोशिशें बेकार रहीं. उन्होंने चिंता जताई कि टॉप कोर्ट में ऐसी स्थिति बनी रही तो लोकतंत्र का रहना मुश्किल है. सीजेआई के खिलाफ अभियोजन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला देश करेगा. चेलामेश्वर के अलावा जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसफ ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ये तीनों सुप्रीम कोर्ट में वरिषठता के क्रम में क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवे स्थान पर आते हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद जस्टिस दीपक मिश्रा ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से मुलाकात की, वहीं सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस मामले में फिलहाल सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी.

सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के कई पूर्व जजों, न्यायपालिका से जुड़ी हस्तियों ने इस मामले पर चिंता जाहिर की है. कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिंता जताई कि न्याय पालिका से जुड़ा हर व्यक्ति इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए है और इसका जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए. राहुल गांधी ने जस्टिस लोया की मौत की जांच शीर्ष जजों से कराने की मांग की.

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