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सुप्रीम कोर्ट विवाद: यह SC का आंतरिक मामला, राजनीति कर रहे राहुल गांधी- बीजेपी

Hindi.news18.com | January 12, 2018, 11:46 PM IST
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Last Updated 3 days ago
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हाइलाइट्स

सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद न्यायपालिका और सियासी गलियारे में हड़कंप मचा हुआ है. चारों जजों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की कार्यशैली और केस के बंटवारे पर असंतोष जाहिर किया है. यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट में पदस्थ जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीजेआई के खिलाफ आरोप लगाए हों.

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जे चेलामेश्वर, जो कि सीजेआई के बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज हैं, ने कहा कि अपेक्स कोर्ट का प्रशासन व्यवस्थित नहीं है और सीजेआई को समझाने की उनकी कोशिशें बेकार रहीं. उन्होंने चिंता जताई कि टॉप कोर्ट में ऐसी स्थिति बनी रही तो लोकतंत्र का रहना मुश्किल है. सीजेआई के खिलाफ अभियोजन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला देश करेगा. चेलामेश्वर के अलावा जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसफ ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ये तीनों सुप्रीम कोर्ट में वरिषठता के क्रम में क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवे स्थान पर आते हैं. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद जस्टिस दीपक मिश्रा ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से मुलाकात की, वहीं सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस मामले में फिलहाल सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी.

सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के कई पूर्व जजों, न्यायपालिका से जुड़ी हस्तियों ने इस मामले पर चिंता जाहिर की है. कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिंता जताई कि न्याय पालिका से जुड़ा हर व्यक्ति इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए है और इसका जल्द से जल्द समाधान किया जाना चाहिए. राहुल गांधी ने जस्टिस लोया की मौत की जांच शीर्ष जजों से कराने की मांग की.

पढ़ें लाइव अपडेट्सः
10:17 pm (IST)


पूर्व जज आरएस सोढ़ी ने सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ आवाज उठाने वाले चारों जजों पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि चारों जजों पर अभियोजन चलाना चाहिए. उन्हें वहां बैठकर फैसले देने की अब कोई जरूरत नहीं है. यह ट्रेड यूनियन का तरीका गलत है. उनके कहने से लोकतंत्र खतरे में नहीं आ जाएगा, हमारे पास संसद है, कोर्ट है, पुलिस है."

10:07 pm (IST)
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मसले पर राहुल गांधी राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट का आंतरिक माला है. देश में न्यायपालिका इंडिपेंडेंट भूमिका निभाती है और एटॉर्नी जनरल ने इस मुद्दे पर अपनी राय दे दी है. इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

9:03 pm (IST)

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी के नेता डी राजा को इस विवाद के बीच जस्टिस चेलामेश्वर से नहीं मिलना चाहिए था. उन्होंने ट्वीट किया- मैं डी राजा का पूरा सम्मान करता हूं लेकिन उनके जस्टिस चेलामेश्वर के घर जाने के गलत अर्थ निकाले जा सकते हैं. 

7:51 pm (IST)
 राहुल गांधी ने कहा कि यह मुद्दा आम लोगों के विश्वास से जुड़ा हुआ है इसलिए उन्हें लगा कि उन्हें इस बारे में बोलना चाहिए.


7:44 pm (IST)

मुझे लगता है कि भारत का हर नागरिक जिसे न्याय प्रणाली पर भरोसा है वे इस मामले पर गंभीरता से नजर रख रहे हैं. पूरा हिंदुस्तान इस लीगल सिस्टम पर भरोसा करता है- राहुल गांधी

7:43 pm (IST)

चारों जजों द्वारा उठाई गई बातें बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने जिन बातों का जिक्र किया है वे लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं. ऐसा पहली बार हुआ है- राहुल गांधी

7:41 pm (IST)

राहुल गांधी पहुंचे कांग्रेस भवन

7:41 pm (IST)
7:39 pm (IST)

जजों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई बातें बेहद परेशान करने वाली है. लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए न्याय पालिका को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी हैः रणदीप सुरजेवाला.

7:38 pm (IST)

कांग्रेस भवन में प्रेस को संबोधित कर रहे हैं रणदीप सुरजेवाला

7:29 pm (IST)

कांग्रेस भवन पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता. राहुल गांधी करेंगे मीडिया को संबोधित.

7:16 pm (IST)

24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस ऑफिस पहुंची एसपीजी. मीडिया को संबोधित कर सकते हैं राहुल गांधी. 

6:58 pm (IST)

सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस संसद के आगामी सत्र यानी बजट सत्र में भारत  के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग ला सकती है. इस मुद्दे पर 7:30 बजे होने वाली कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा हो सकता है. कहा जा रहा है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के अधिवक्ताओं से बात करने के बाद अंतिम फैसला लेंगे.

6:46 pm (IST)


मैं आज की घटना से बेहद निराश हूं. सुप्रीम कोर्ट से आम आदमी का विश्वास उठ गया है. इसे हाई कोर्ट और सेशन कोर्ट में उदाहरण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. मैं समझता हूं कि जजों की शिकायत काफी सीरियस है. लेकिन यह समाधान का सही तरीका नहीं है. उन्होंने इस मुद्दे को राष्ट्रपति के पास लेकर जाना थाः उज्ज्वल निकम, विशेष अभियोजन अधिवक्ता

6:32 pm (IST)
राजनेताओं को न्यायपालिका के मामलों में बोलने से बचना चाहिए. लेकिन यह कहना जरूरी है कि इस मुद्दे में सरकार की तरफ से भी चूक नजर आ रही है. न्याय पालिका से आम लोगों की चिंताएं जुड़ी हुई हैं. मुझे उम्मीद है कि जस्टिस दीपक मिश्रा जजों से बात करके जल्द ही इस समस्या को सुलझा लेंगे. वहीं सरकार को जजों की नियुक्ति में देरी नहीं करनी चाहिए. राजनीतिक पार्टियों की अपनी अलग भूमिका है, लेकिन समाधान न्यायपालिका को ही निकालना होगा. यदि न्याय पालिका से लोगों का विश्वास उठा तो लोकतंत्र जीवित नहीं रह सकता. लोकतंत्र हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बनाए रखने के लिए हमें मजबूत न्यायपालिका की जरूरत हैः शशि थरूर

6:25 pm (IST)

वे सभी काफी सीनियर जज हैं और उन्होंने इतना बड़ा कदम बिना सोचे समझे नहीं उठाया होगा. हमें यह सोचना चाहिए कि इन सबके पीछे वजह क्या रही होगी- श्रीहरि अनय, पूर्व अटॉर्नी जनरल


5:56 pm (IST)

सीपीआई सांसद डी राजा ने जस्टिस चेलमेश्वर से हुई मुलाकात पर कहा है कि वो उन्हें लंबे समय से जानते हैं. जब मुझे उनके और अन्य जजों द्वारा उठाए गए ऐतिहासिक कदम के बारे में पता चला, तब मैंने सोचा कि मुझे उनसे जरूर मिलना चाहिए. मैं इसे राजनीतिक रंग देने नहीं गया था. ये सभी के लिए चिंता की बात है. ये हमारे देश और लोकतंत्र के भविष्य की बात है.


5:00 pm (IST)
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ अपने आवास पर बैठक कर रहे हैं. इस बैठक में शामिल होने के लिए पी चिदंबरम, कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद जैसे सीनियर अधिवक्ता गांधी के आवास पर पहुंच चुके हैं. 

4:57 pm (IST)

हमारे लिए यह भी जानना जरूरी है कि इस मामले में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा क्या कहते हैं. चारों जजों का स्वभाव अच्छा है. मुख्य न्यायाधीश जजों को केस असाइन करते हैं. लेकिन एक व्यवस्था है जिसके तहत महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई वरिष्ठ जज करते हैं. वर्तमान अटॉर्नी जनरल को पूर्व अटॉर्नी जनरलों की मदद से जजों की बातचीत करानी चाहिए ताकि इस मुद्दे का समाधान हो सके. आदर्श स्थिति होगी कि सीजेआई इन जजों से बात कर इस मुद्दे को सुलझाएं- मुकुल मुद्गल, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश

4:49 pm (IST)

सीपीआई नेता डी राजा ने जस्टिस चेलामेश्वर से मुलाकात की. इस मुद्दे पर कांग्रेस शाम 6:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी.

4:47 pm (IST)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्विटर के जरिए इस मुद्दे पर अपनी राय दी. उन्होंने लिखा- सुप्रीम कोर्ट से जुड़े आज के घटनाक्रम से हम व्यथित हैं. चारों जजों द्वारा जो बयान दिए गए वे नागरिक के तौर पर हमें परेशान और दुखी करने वाले हैं. न्यायपालिका और मीडिया लोकतंत्र के स्तंभ है. केंद्र सरकार का न्याय व्यवस्था पर अत्यधिक दखल लोकतंत्र के लिए खतरनाक है.

4:44 pm (IST)

न्यायपालिका को पूरी तरह आत्मनिर्भर रखना चाहिए. लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि सब ठीक चल रहा है. यह पूरी तरह से कानून मंत्रालय की जिम्मेदारी है कि वह देखे कि न्यायपालिका अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से कर रही है. यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोगों का विश्वास न्यायपालिका पर बनाए रखने के लिए सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिएः एच आर भारद्वाज, पूर्व कानून मंत्री

4:40 pm (IST)

सुप्रीम कोर्ट के 31 में से 25 जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले चार जजों से मुलाकात की: न्यूज 18 के लीगल एडिटर उत्कर्ष आनंद की रिपोर्ट

4:37 pm (IST)

न्यायपालिका में हर जगह मतभेद हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि जज पूरी तरह से एक दूसरे के खिलाफ हो जाएं. मैं चाहता हूं कि इस मामले का निपटारा सरकार के दखल के बिना कोर्ट के भीतर ही हो जाए- सलमान खुर्शीद, वरिष्ठ अधिवक्ता

4:35 pm (IST)

मुख्य न्यायाधीश को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल इस तरह से करना चाहिए कि न्यायापालिका पर लोगों का विश्वास बढ़े. मुख्य न्यायाधीश पर लगाए गए आरोप बेहद गहरे हैं. सरकार को जजों से बात कर उन्हें एकमत करने का प्रयास करना चाहिए. इस समस्या को लंबे समय तक नहीं खींचना चाहिए. लोकतंत्र सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर करता है, सुप्रीम कोर्ट का सही तरीके से काम करना आम जनता के लिए आवश्यक हैः जस्टिस अशोक कुमार गांगुली.

4:29 pm (IST)

यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. ऐसी बातें सार्वजनिक रूप से नहीं कहनी चाहिए थीं. मुझे चिंता है क्योंकि लोगों को अब भी न्यायपालिका पर विश्वास है और इस घटना से उस विश्वास को झटका लगेगा. मैं इस बात से दुखी हूं कि इस महान संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं. मुझे उम्मीद है कि इसका जल्द ही समाधान होगा. सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कोई अथॉरिटी नहीं है और इन जजों को कोई सुझाव नहीं दे सकता है- केजी बालाकृष्णन, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश

4:26 pm (IST)

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन की शनिवार को बैठक होगी. बार असोसिएशन के अध्यक्ष विक्रांत यादव ने कहा, "कल हमारी मीटिंग होगी और उसके बाद ही हम आधिकारिक बयान जारी करेंगे."

4:25 pm (IST)
 बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, "हम उन जजों की आलोचना नहीं कर सकते. वे ईमानदार हैं. उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी कानून के लिए झोंक दी. जबकि सीनियर वकील होते हुए वे अच्छी कमाई कर सकते थे. हमें उनका सम्मान करना चाहिए. प्रधानमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ये चारों जज और मुख्य न्यायाधीश एकमत हों और आगे काम करें."

3:18 pm (IST)

"ये विकट घटना है. भारत के 70 वर्ष के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है. मैं इसको गंभीर मानता हूँ. चार वरिष्ठ जजों को हालात ने लोगों के सामने खड़ा किया है. इस बात की गहराई में हमलोग भी जाएंगे. न्यायपालिका पर लोगों का बड़ा भरोसा है, जिस तरह से इसकी साख मैदान में खड़ी हो गई है, लोगों के लिए चिंता का विषय है. क्यों ये हालात बने, क्या कारण है कि ये चार जज संस्थाओं से बाहर आकर बोले. देश के हालात खराब हो रहे हैं. अघोषित इमरजेंसी से भी कहीं आगे हैं हालात." - शरद यादव

3:11 pm (IST)

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से की मुलाकात. बता दें कि भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस जस्टिस जे चेलमेश्वर के घर में आयोजित की गई. उनके साथ अन्य तीन जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरिन जोसेफ मौजूद थे. चारों जजों ने सीजेआई दीपक मिश्रा पर मनमानी के आरोप लगाए.


2:58 pm (IST)

इसके पीछे कोई गंभीर कारण होगा, तभी उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी. लेकिन इस लोया से क्या कनेक्शन है? मुझे इस बारे में मालूम नहीं है और मैं किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. : मुकुल मुद्गल (रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज)   


2:43 pm (IST)

न्यूज18 की खबर के मुताबिक, सीजेआई का प्रेस कॉन्फ्रेंस का कोई कार्यक्रम नहीं है. वो कोर्टरूम नं- 1 में सुनवाई कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में कामकाज सामान्य चल रहा है.

2:01 pm (IST)

सरकार के सूत्र - ये सुप्रीम कोर्ट का अंदरूनी मामला है, जो भी मतभेद है वे जज खुद सुलझा लेंगे. इस मामले से सरकार का कोई लेना-देना नही है. उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट के जज जल्द इस मसले पर कोई सहमत राय बनाएंगे. 

1:53 pm (IST)

चार जजों के आरोप के बाद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा कुछ ही देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. 

1:41 pm (IST)

"यह न्यायपालिका का काला दिन है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के खराब नतीजे सामने आएंगे. अब से हर आम आदमी न्यायपालिका के हर फैसले को संदेह की नज़रों से देखेगा. हर फैसले पर सवाल उठाए जाएंगे." - उज्जवल निकम, वरिष्ठ वकील


1:36 pm (IST)

प्रेस कांफ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों ने जो कहा, वो इस तरह है

1. ये देश के इतिहास में असाधारण घटना है. ये देश के संविधान के इतिहास की असाधारण घटना है.
2. बेहतर लोकतंत्र का आधार स्वतंत्र न्याय व्यवस्था होती है, बगैर इसके लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रह सकता.
3. सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन काम नहीं कर रहा. पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी बातें हुई हैं.
4. हमारे सामने और कोई चारा बचा नहीं था कि हम सीधे देश से रू-ब-रू हों.
5. हमने मिलकर मुख्य न्यायाधीश को हालात के बारे में बताने की कोशिश की, जिससे जरूरी कदम उठाए जा सकें लेकिन हम नाकाम रहे. हम चारों इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए एक पारदर्शी जज और न्याय व्यवस्था की जरूरत है.
6. हम इसे लेकर आज सुबह सीजेआई से मिले लेकिन उन्हें समझाने में सफल नहीं हो पाए.
7. हमने देश में बहुत से बुद्धिमान लोगों को देखा है लेकिन हम नहीं चाहते कि 20 साल बाद बुद्धिमान लोग हमसे इस बारे में बोलें कि हम चारों ने अपनी आत्मा बेच दी थी. ये हमारी जिम्मेदारी थी कि हम देश को इस बारे में बताएं और हमने ऐसा किया. 
8. हम महाभियोग लगाने वाले नहीं होते.(जब पूछा गया कि क्या मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र के खिलाफ महाभियोग लाया जाना चाहिए).

1:35 pm (IST)

(RECAP) - देश के लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने खुलेआम मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ विद्रोह का संकेत दे दिया. चार जजों ने सीजेआई के खिलाफ असंतोष को उजागर करने के लिए प्रेस कांफ्रेंस बुलाई. वहां उन्होंने जाहिर कर दिया कि केसों के बंटवारे और सीजेआई की कार्यशैली से उनमें गहरे मतभेद हैं. 

जिन चार जजों ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई, उसमें जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल रहे. ये चारों जज करीब 15 से 20 मिनट के लिए मीडिया से रू-ब-रू हुए. ये प्रेस कांफ्रेंस जस्टिस चेलामेश्वर के घर पर बुलाई गई थी. 

1:34 pm (IST)

प्रशांत भूषण ने कहा कि जिस तरह प्रसाद मेडिकल कॉलेज मामले में जो कुछ मुख्य न्यायाधीश ने किया, जिस तरह उन्होंने ये केस सीनियर जजों से लिया और उससे डील किया. और इसे जूनियर जजों को दे दिया गया. ये गंभीर बात ही नहीं थी बल्कि कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन भी था. जिस तरह सीजेआई अपनी ताकत का दुरूपयोग किया, उससे किसी को तो टकराना ही था. जिस तरह ये चारों जज सामने आए ये ऐतिहासिक है तो दुर्भाग्यपूर्ण भी लेकिन ये जरूरी भी था. आखिर ये सवाल तो उठता ही है कि आखिर सीजेआई क्यों सीनियर जजों से केस लेकर जूनियर जजों को दे रहे थे. साफ है कि वो अपनी ताकत से खिलवाड़ ही कर रहे थे. इसके दूरगामी परिणाम होंगे. इन जजों ने अपना संवैधानिक दायित्व निभाया है


1:32 pm (IST)

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा कुछ ही देर में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से मिलेंगे. 

 

1:30 pm (IST)
1:29 pm (IST)

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि वो मीडिया से रू-ब-रू होने वाले सुप्रीम कोर्ट के जजों के साथ हैं. उन्होंने कहा कि वो उनकी वेदना समझ सकते हैं. उनका दर्द साधारण नहीं रहा होगा तभी उन्हें प्रेस के सामना आना पड़ा. मेरी राय इन चारों जजों के लिए उच्चकोटि की है. 

स्वामी ने कहा कि अब प्रधानमंत्री को सामने आना चाहिए और इस मामले में दखल देना चाहिए. ये देखना चाहिए कि क्या हो सकता है. उन्होंने कहा कि चारों जजों ने जो कुछ किया है वो अपने लिए नहीं किया है बल्कि देश के लिए किया है, इसका समाधान निकलना जरूरी है. 

उन्होंने कहा कि जहां तक मैं समझता हूं कि केस कैसे अल\ट हों और जज कैसे बनें.

1:28 pm (IST)

"मैं यह सब देखकर काफी दुखी हूं. हमारे बीच कई बार मतभेद हुए, लेकिन यह प्रेस के बीच कभी नहीं आया. यह भयावह है. क्या हम सही और गलत के लिए जनमत संग्रह करवाएंगे? वे सभी देश के सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ जज हैं. ये चार या कोई और चार लोकतंत्र को नष्ट नहीं कर सकते. यह अपरिपक्व व्यवहार है. इन चारों पर महाभियोग चलाकर घर भेज देना चाहिए. वे सुप्रीम कोर्ट में ट्रेड यूनियन जैसा सिस्टम बनाना चाहते हैं." - आर. एस. सोढ़ी, रिटायर्ड जज 

1:24 pm (IST)

सुप्रीम कोर्ट जजों के आरोपों को कांग्रेस ने गंभीर बताया है. राशिद अल्वी ने कहा की चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा पर पहले वक़ील आरोप लगाते थे, अब जज लगा रहे हैं. मामले को सरकार को गंभीरता से देखना चाहिए, दीपक मिश्रा को नैतिकता के आधार पर तुरंत चीफ़ जस्टिस के पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.

1:20 pm (IST)

"मेरा मानना है कि चारों के खिलाफ महाभियोग चलना चाहिए. अब उन्हें कोर्ट में बैठकर फैसला नहीं सुनाना चाहिए. ट्रेड यूनियनवाद गलत है. उन्हें खतरे में है, यह वे नहीं कह सकते. इसके लिए संसद, कोर्ट और पुलिस काम कर रही है." - रिटायर्ड जस्टिस आर.एस. सोढ़ी 


1:14 pm (IST)

"यह कोई मामला नहीं है. यह प्रशासनिक मामलों के खिलाफ उनकी शिकायत है. वे केवल 4 हैं. उनके अलावा भी 23 अन्य जज हैं. 4 एक साथ मिलकर साबित करना चाहते हैं कि चीफ जस्टिस खराब हैं. यह अपरिपक्व और बचकाना है." - रिटायर्ड जस्टिस आर.एस. सोढ़ी


1:11 pm (IST)

"यह चौंकाने वाला है. सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों के पास ऐसा कदम उठाने का कोई ठोस कारण होगा. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था." - केटीएस तुलसी, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट


1:03 pm (IST)
1:00 pm (IST)

बार एंड बेंच के मुताबिक, सीजेआई और जस्टिस चेलमेश्वर के बीच नवंबर में सुप्रीम कोर्ट की वकील कामिनी जायसवाल की याचिका को लेकर मतभेद हुए थे. 


12:58 pm (IST)

जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस ए बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा द्वारा मामलों को आवंटन समेत कई मामले उठाए. 

12:53 pm (IST)
12:49 pm (IST)

EXCLUSIVE: चारों जजों द्वारा जस्टिस मिश्रा को लिखी गई चिट्ठी की तस्वीर


12:49 pm (IST)

EXCLUSIVE: चारों जजों द्वारा जस्टिस मिश्रा को लिखी चिट्ठी की तस्वीर


12:45 pm (IST)

सुप्रीम कोर्ट के चार मौजूदा जजों ने सीजेआई दीपक मिश्रा पर कई बड़े आरोप लगाए हैं. कुछ महीनों पहले सुप्रीम कोर्ट के जजों ने सीजेआई  को चिट्ठी लिखी थी. जजों ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक से काम नहीं कर रहा है और हमने इसके लिए चीफ जस्टिस से मुलाकात भी की थी. हमने जो मुद्दा उठाया उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मीडिया ने जजों से पूछा कि क्या ये जस्टिस बी.एच लोया की संदिग्ध मौत से जुड़ा मामला है, तो इस पर जजों ने सहमति जताई.

12:43 pm (IST)

देश में बहुत से समझदार लोग समझदार बातें बोल रहे हैं. हम नहीं चाहते कि 20 साल बाद लोग कहें कि जस्टि चेलामेश्वर, गोगोई, लोकुर और कुरियन जोसेफ ने अपनी आत्मा बेच दी और सविंधान के मुताबिक सही फैसले नहीं दिए. - जस्टिस चेलामेश्वर

12:39 pm (IST)

जस्टिस जे. चेलमेश्वर ने कहा, सुप्रीम कोर्ट प्रशासन सही तरीके से नहीं चल रहा है. हम चीफ जस्टिस को समझाने में नाकाम रहे हैं. कुछ चीजें नियंत्रण के बाहर हो गई हैं. इसके चलते हमारे पास मीडिया में बात करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा. हम अपनी चिंताओं को सामने लाना चाहते हैं.

12:39 pm (IST)

किसी भी देश के लोकतंत्र के लिए जजों की स्वतंत्रता भी जरूरी है. अगर ऐसा नहीं होता है तो लोकतंत्र नहीं बच पाएगा: जस्टिस चेलमेश्वर

12:39 pm (IST)
12:38 pm (IST)

चीफ जस्टिस पर महाभियोग लगाए जाने को लेकर जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि इसका फैसला देश को करने दें. हम नहीं चाहते कि न्यायपालिका की निष्ठा और हम पर कोई सवाल उठे.

12:35 pm (IST)

हमें देश का कर्ज चुकाना होगा - जस्टिस रंजन गोगोई

12:28 pm (IST)

सुप्रीम कोर्ट में जो हुआ, वो सही नहीं था. हमने चीफ जस्टिस को समझाने की कोशिश की, लेकिन हम कामयाब नहीं हो सके. हम चारों जज मानते हैं कि लोकतंत्र के बचे रहने के लिए पारदर्शी न्याय ज़रूरी है. - जस्टिस जे. चेलामेश्वर

12:25 pm (IST)

देश तय करे चीफ जस्टिस पर महाभियोग - जस्टिस जे चेलामेश्वर 

12:24 pm (IST)

सुप्रीम कोर्ट प्रशासन सही तरीके से काम नहीं कर रहा है. - जस्टिस जे चेलामेश्वर 

12:22 pm (IST)

हमारे पास कोई और चारा नहीं बचा था. हम मुख्य न्यायधीश को समझाने में नाकाम रहे. - जस्टिस जे चेलामेश्वर 

12:21 pm (IST)

सुप्रीम कोर्ट के जज कुरियन जोसेफ, जे. चेलमेश्वर, रंजन गोगोई और मदन लोकुर मीडिया से बात कर रहे हैं.


12:20 pm (IST)

सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जज मीडियो को संबोधित कर रहे हैं.


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