अनुच्छेद 370 हटने का एक साल, आतंकवाद के खिलाफ मिली बड़ी कामयाबी

अनुच्छेद 370 हटने का एक साल, आतंकवाद के खिलाफ मिली बड़ी कामयाबी
आतंकियों के खिलाफ मिली बड़ी सफलता.

पिछले साल मोदी सरकार ने यह ऐतिहासिक कदम उठाकर दशकों से चल रहे भेदभाव को खत्म कर दिया और साथ ही पाकिस्तान (Pakistan) को भी एक कड़ा संदेश दिया था.

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नई दिल्‍ली. अनुच्छेद 370 (Article 370), धारा 35A (Article 35A) हटाने और जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) व लद्दाख (Ladakh) का विभाजन कर दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने का 5 अगस्त को एक साल पूरा हो रहा है. पिछले साल मोदी सरकार ने यह ऐतिहासिक कदम उठाकर दशकों से चल रहे भेदभाव को खत्म कर दिया और साथ ही पाकिस्तान को भी एक कड़ा संदेश दिया था. इस कदम का असर सीधे जम्मू-कश्मीर के हालात पर भी देखा जा सकता है, क्योंकि इस एक साल में आतंकवाद के खात्मे की दिशा में भी सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है.

अनुच्छेद 370 से पहले और बाद के सुरक्षा हालात
> अगर तुलना करें तो 5 अगस्त के बाद घाटी में हिंसा में कमी आई है. वहीं आतंकवाद के खिलाफ कई बड़ी कामयाबियां मिली हैं.

> गृह मंत्रालय के सूत्रों ने न्यूज़18 को बताया कि अनुच्छेद 370 के जाने के बाद आतंकवाद की घटनाओं में करीब 36% की गिरावट आई है.
> पिछले साल (जनवरी से 15 जुलाई तक) घाटी में कुल 188 आतंकवाद से जुड़ी घटनाएं हुई हैं, वहीं इस साल इसी अवधि में 120 आतंकी घटनाएं हुई.



> वहीं इस अवधि में 2019 में 126 आतंकी मारे गए, जबकि इस साल इसी अवधि में 136 आतंकियों का खात्मा हुआ.

> पिछले साल 51 ग्रेनेड हमले हुए वहीं इस साल 15 जुलाई तक 21 ग्रेनेड हमले हुए.

> पिछले साल आतंकी हमलों में 23 आम नागरिक मारे गए वहीं 75 सुरक्षबलों के जवान शहीद हुए. वहीं इस साल 22 आम नागरिक मारे गए और 35 जवान शहीद हुए.

> अगर IED हमलों की तुलना करें तो इस अवधि में पिछले साल 6 IED हमले हुए, वहीं इस साल 15 जुलाई तक केवल 1 IED हमला हुआ.

अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंक की कमर तोड़ी
> मारे गए आतंकियों में 110 स्थानीय आतंकी थे और बाकी पाकिस्तान से थे. मारे गए आतंकियों में सबसे अधिक 50 से ज़्यादा आतंकी हिज़्बुल मुजाहिद्दीन के हैं, लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद से करीब 20-20 आतंकी शामिल हैं और वहीं ISJK और अंसार ग़ज़वात-उल-हिन्द के 14 आतंकी शामिल हैं.

>इस एक साल में सुरक्षाबलों को मिली कामयाबी में हिज़्बुल मुजाहिद्दीन का कमांडर रियाज़ नाइकू, लश्कर का कमांडर हैदर, जैश का कमांडर कारी यासिर और अंसार ग़ज़वात-उल-हिन्द का बुरहान कोका भी मारा गया.

>इसके अलावा 22 आतंकी और करीब उनके 300 मददगार गिरफ्तार किए गए.

>इस एक साल में 22 आतंकी ठिकानों का पता लगाया गया और करीब 190 हथियार पकड़े गए जिसमें अधिकतर AK-47 शामिल हैं.

>इतना ही नहीं स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने में भी 40% की कमी आयी है, इस साल केवल 67 युवाओं को बरगला कर आतंक की राह पर भेजा गया।.

>वहीं आतंकवाद और हिंसा को बढ़ावा देने वाली हुर्रियत कॉन्फ्रेंस को भी इसी साल करार झटका लगा जब उसके नेता सैयद अली शाह गिलानी ने खुद को हुर्रियत कांफ्रेंस से अलग किया.
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