अब तक हिंदी साहित्य की ये 5 कालजयी रचनाएं नहीं पढ़ी तो क्या पढ़ा!

हिंदी साहित्य हमेशा से समृद्ध रही है और इसकी समृद्धि में सबसे बड़ा योगदान रहा उन कालजयी लेखकों और उनकी रचनाओं का, जिनकी आज हम बात करने वाले हैं

News18Hindi
Updated: July 15, 2019, 3:47 PM IST
अब तक हिंदी साहित्य की ये 5 कालजयी रचनाएं नहीं पढ़ी तो क्या पढ़ा!
हिंदी साहित्य हमेशा से समृद्ध रही है और इसकी समृद्धि में सबसे बड़ा योगदान रहा उन कालजयी लेखकों और उनकी रचनाओं का, जिनकी आज हम बात करने वाले हैं
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Updated: July 15, 2019, 3:47 PM IST
अंग्रेजी के दौर में हिंदी पीछे छूट रही है, अगर ऐसा सोचते हैं तो हम बता दें कि भले ही बाजारीकरण के मामले में अंग्रेजी साहित्य संपन्न हो, लेकिन रचना और लेखन के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हिंदी साहित्य की जमकर सराहना होती है. हिंदी साहित्य हमेशा से समृद्ध रही है और इसकी समृद्धि में सबसे बड़ा योगदान रहा उन कालजयी लेखकों और उनकी रचनाओं का, जिनकी आज हम बात करने वाले हैं. ये चुनाव तो काफी मुश्किल भरा रहा, लेकिन इसके बावजूद हमने हिंदी साहित्य की पांच कालजयी रचनाओं को इकट्ठा किया है, जिसे अगर आपने अबतक नहीं पढ़ा तो जल्द से जल्द पढ़कर खत्म कर दें-

1. गोदान

लेखक- प्रेमचंद
प्रकाशक- लोकमय प्रेस

मूल्य- 127 रुपए
अमेजन पर उपलब्ध है

गोदान साभार-अमेजन
गोदान
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साभार-अमेजन


हिंदी साहित्य और प्रेमचंद को एक दूसरे का पूरक कहना गलत नहीं होगा. हमारे लिए तो किसी जमाने में हिंदी साहित्य का मतलब ही प्रेमचंद थे. प्रेमचंद के हिंदी उपन्यासों ने पूरी सदी के साहित्य का मार्गदर्शन किया है. उनके ज्यादातर उपन्यास भारत और दुनियाभर की कई भाषाओं में अनुवादित हुए हैं, इनमें सर्वाधिक चर्चा और डिमांड में रहता है उनका सबसे लोकप्रिय उपन्यास गोदान. किताब की पृष्ठभूमि भारतीय किसानों की व्यथा के चहुंओर गढ़ी गई है.

2. तमस

लेखक- भीम साहनी
प्रकाशक- राजकमल प्रकाशन
मूल्य- 220रु
अमेजन पर उपलब्ध है

तमस ,साभार- अमेजन
तमस
साभार- अमेजन


शायद ही कोई पुस्तक प्रेमी भीम साहनी की कालजयी रचना 'तमस' से अछूता हो. उनके इस लोकप्रिय उपन्यास पर टीवी सीरियल से लेकर फिल्म भी बन चुकी है. माना जाता है कि भीम साहनी के लेखन में प्रेमचंद की झलक दिखती है. उनके द्वारा लिखे गए 6 उपन्यासों में से 'तमस' सबसे प्रसिद्ध हुई. भारत के विभाजन के ईर्द-गिर्द ही इस उपन्यास की कहानी बुनी गई है.

3. रागदरबारी

लेखक- श्रीलाल शुक्ल
प्रकाशक- राजकमल प्रकाशन
मूल्य- 225 रुपए
अमेजन पर उपलब्ध है

राग दरबारी साभार- अमेजन
राग दरबारी
साभार- अमेजन


श्रीलाल शुक्ल द्वारा लिखा यह प्रसिद्ध उपन्यास साल 1970 के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित है. व्यंग्यातमक रूप से रची गई इस उपन्यास की कहानी के व्यंग्य आज के समय में भी उतने ही जीवंत लगते हैं, जितने 42 साल पहले. एक नमूना-

'पढ़े लिखे आदमी को जुतियाना हो तो गोरक्षक जूते का प्रयोग करना चाहिए'.

4. गुनाहों का देवता

लेखक- धर्मवीर भारती
प्रकाशक- भारतीय ज्ञानपीठ
मूल्य- 150 रुपए
अमेजन पर उपलब्ध है

गुनाहों का देवता साभार- अमेजन
गुनाहों का देवता
साभार- अमेजन


एक दौर था जब धर्मवीर भारती की लिखी इस किताब को पढ़े बिना बच्चे जवान नहीं हुआ करते थे. लाखों पाठकों का प्रिय यह उपन्यास आज भी उतनी ही डिमांड में है जैसा कि उसके प्रकाशन के प्रारम्भिक वर्षों में हुआ करता था. पीड़ा, प्रेम, सुख सभी की अनुभूति कराते इस पुस्तक की शुरुआत में ही भारती जी कहते हैं कि 'मेरे लिए इस उपन्यास का लिखना वैसा ही रहा है, जैसा पीड़ा के क्षणों में पूरी आस्था से प्रार्थना करना और इस समय भी मुझे ऐसा लग रहा है, जैसे मैं प्रार्थना मन ही मन दोहरा रहा हूं, बस.'

5. मैला आंचल

लेखक- फणीश्वरनाथ रेणु
प्रकाशक- राजकमल प्रकाशन
मूल्य- 218 रु
अमेजन पर उपलब्ध है

मैला आंचल ,साभार- अमेजन
मैला आंचल
साभार- अमेजन


इस उपन्यास के बारे में भला क्या ही लिखा जाए! जैसा की फणीश्वरनाथ रेणु लिखते हैं,

'इसमें फूल भी हैं शूल भी है, गुलाब भी है, कीचड़ भी है, चन्दन भी सुन्दरता भी है, कुरूपता भी- मैं किसी से दामन बचाकर निकल नहीं पाया. कथा की सारी अच्छाइयों और बुराइयों के साथ साहित्य की दहलीज पर आ खड़ा हुआ हूँ; पता नहीं अच्छा किया या बुरा. जो भी हो, अपनी निष्ठा में कमी महसूस नहीं करता'.
First published: July 15, 2019, 3:42 PM IST
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