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मॉडल टाउन से BJP के कपिल मिश्रा की हार के पांच कारण!

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Updated: February 11, 2020, 4:27 PM IST
मॉडल टाउन से BJP के कपिल मिश्रा की हार के पांच कारण!
आखिर क्यों हारे कपिल मिश्रा (फाइल फोटो)

कपिल मिश्रा की बयानबाजी, सीट और पार्टी बदलने की रणनीति पड़ी भारी, जातीय समीकरण में भी बुरी तरह से फंसे

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  • Last Updated: February 11, 2020, 4:27 PM IST
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नई दिल्ली. मॉडल टाउन (Model Town) विधानसभा सीट से कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) आम आदमी पार्टी के अखिलेश पति त्रिपाठी से हार गए हैं. मिश्रा किसी दौर में अरविंद केजरीवाल के खासमखास हुआ करते थे. लेकिन बाद में वे आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद केजरीवाल को लेकर लगातार बयानबाजी करते रहे. विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें मॉडल टाउन सीट जीतने की जिम्मेदारी दी. लेकिन वो खरे नहीं उतरे. आईए समझते हैं उन पांच कारणों को जिनकी वजह से मिश्रा हार गए.

>>करावल से मॉडल टाउन: कपिल मिश्रा को सीट बदलना भारी पड़ा. मिश्रा 2013 और 2015 में करावल नगर से ‘आप’ की टिकट पर चुनाव लड़े थे. करावल नगर कपिल मिश्रा की बनी बनाई सीट थी. यहां पर 2015 में उन्होंने बीजेपी के मोहन सिंह बिष्ट को 44 हजार से अधिक वोट से शिकस्त दी थी. इस पर उनकी पैठ थी, लेकिन बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें मॉडल टाउन सीट दे दी गई. यहां पर उन्हें नए सिरे से मैदान बनाना था.

>>जातीय समीकरण: करावल नगर में कपिल मिश्रा का मुकाबला एक उत्तराखंड के ठाकुर से था, लेकिन मॉडल टाउन में उनके सामने आप आदमी पार्टी का एक ब्राह्मण प्रत्याशी खड़ा था, जो लगातार दो बार विधायक रह चुका है. ऐसे में ब्राह्मण वोटर बंट गए.

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कपिल मिश्रा ने दिया था हिंदुस्तान-पाकिस्तान वाला बयान


>>जनता में दलबदलू और बड़बोले नेता के तौर पर पहचान बनी. उन्होंने पार्टी और विधानसभा सीट दोनों बदल लिया. दिल्ली चुनाव की तुलना भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच से करना जनता को रास नहीं आया.  चुनाव आयोग ने उनके प्रचार करने पर जो 48 घंटे की रोक लगाई उससे भी उन्हें नुकसान हुआ.

>>केजरीवाल के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक बयान देना जनता को पसंद नहीं आया. ऐसा लगता है कि वे व्यक्तिगत खुन्नस निकाल रहे हैं.

>>आम आदमी पार्टी के खिलाफ पानी घोटाले को लेकर खूब कीचड़ उछाला निकल उसमें कुछ नहीं निकला. इससे आम आदमी पार्टी को ही फायदा मिला.

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First published: February 11, 2020, 2:40 PM IST
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