पुणे हवाईअड्डे पर 1 साल तक रात्रि में नहीं होगा विमानों का परिचालन

औसतन 10 उड़ानों को रात्रि से दिन के समय स्थानांतरित करना होगा (सांकेतिक फोटो)
औसतन 10 उड़ानों को रात्रि से दिन के समय स्थानांतरित करना होगा (सांकेतिक फोटो)

पुणे हवाईअड्डे के निदेशक (Director) ने कहा कि विमानों का परिचालन (operation of flights) सवेरे आठ बजे से रात आठ बजे तक सुचारू रूप से चलेगा. सिंह ने कहा कि रात्रि कालीन सभी उड़ानों और विमानों (all night flights and planes) के उतरने को दिन के समय में स्थानांतरित (transfer) किया जाएगा. इस प्रकार औसतन 10 उड़ानों (Flights) को रात्रि से दिन के समय स्थानांतरिक करना होगा.

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पुणे. पुणे हवाईअड्डे (Pune Airport) पर एक साल तक रात्रि में विमानों का परिचालन (Operation of flights) बंद रहेगा. इसकी वजह है कि वहां हवाईपट्टी (Runway) पर दोबारा से सड़क बिछाने का कार्य शुरू किया जारहा है. पुणे हवाईअड्डे के निदेशक (Director) कुलदीप सिंह ने कहा, ‘‘ हवाईपट्टी पर दोबारा सड़क (road) बिछाने का कार्य 26 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है. इसमें करीब एक साल का वक्त लगेगा. काम रात्रि (night) के समय होगा ऐसे में रात आठ बजे से सुबह आठ बजे के बीच रनवे पर विमानों का परिचालन (operation) बंद रहेगा.’’

उन्होंने कहा कि विमानों का परिचालन (operation of flights) सवेरे आठ बजे से रात आठ बजे तक सुचारू रूप से चलेगा. सिंह ने कहा कि रात्रि कालीन सभी उड़ानों और विमानों (all night flights and planes) के उतरने को दिन के समय में स्थानांतरित (transfer) किया जाएगा. इस प्रकार औसतन 10 उड़ानों (Flights) को रात्रि से दिन के समय स्थानांतरिक करना होगा.

घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में सितंबर में सुधार जारी: इक्रा
यह भी बता दें कि घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में सितंबर में सुधार जारी रहा है. मासिक आधार पर अगस्त के मुकाबले इसमें 37 से 39 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गयी. रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार हालांकि सालाना आधार पर सितंबर में घरेलू यात्रियों की संख्या में करीब 60 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी. इक्रा के मुताबिक घरेलू विमानन कंपनियों ने भी अपनी क्षमता में विस्तार किया है. सितंबर में कंपनियों ने करीब 46 प्रतिशत क्षमता के साथ काम किया जो अगस्त में 33 प्रतिशत थी.
नागर विमानन मंत्रालय ने जून में कंपनियों को अपनी क्षमता 45 प्रतिशत तक बढ़ाने की अनुमति दी थी. यह 27 जून से प्रभावी हुई. उसके बाद दो सितंबर को इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया. इसके अलावा मंत्रालय ने अगस्त के अंत में विमानन कंपनियों के लिए कई और राहतों की घोषणा की. इसमें यात्रियों को यात्रा के दौरान भोजन देना, पैकेज्ड खाना और पेय पदार्थ देना और मनोरंजन सेवाएं उपलब्ध कराने की भी अनुमति दे दी.



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इक्रा के उपाध्यक्ष किंजल शाह ने कहा कि लॉकडाउन के बाद 25 मई से जब घरेलू उड़ानों का परिचालन शुरू किया गया तो पहले दिन 416 उड़ानों चली. 28 सितंबर को यह संख्या बढ़कर 1,488 हो गयी. सितंबर में प्रतिदिन औसत 1,311 उड़ानें परिचालित हुईं. यह अगस्त 2020 के 930 रोजाना उड़ानों से बेहतर लेकिन सितंबर 2019 के 2,874 की औसत दैनिक उड़ानों से कमतर स्थिति है.
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