लाइव टीवी
Elec-widget

OPINION| दिल्ली में प्रदूषण पर ढुलमुल हैं नेता और अधिकारी, बस चला रहे जुबान

News18Hindi
Updated: November 17, 2019, 1:59 PM IST
OPINION| दिल्ली में प्रदूषण पर ढुलमुल हैं नेता और अधिकारी, बस चला रहे जुबान
दिल्ली की ज़हरीली हवा

इस वक्त जरूरत इस बात की है कि केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के स्तर को घटाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं. इसके लिए पॉलिसी में बदलाव लाने की जरूरत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2019, 1:59 PM IST
  • Share this:
(रवि शंकर कपूर)

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और उत्तर भारत में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरे की घंटी बजा रहा है. एयर क्वालिटी इंडेक्स (air quality index) बेहद खराब और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. लिहाजा स्कूलों को बंद करना पड़ रहा है. इसके अलावा लोगों को सांस से जुड़ी कई बीमारियां हो रही हैं, लेकिन इसके बावजूद हमारे नेताओं को इसकी कोई फिक्र नहीं है. यही वजह है कि शुक्रवार को प्रदूषण को लेकर पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में 29 में से 25 सांसद गायब थे.

प्रदूषण को लेकर सिर्फ नेता ही नहीं सरकारी अधिकारी भी ज़्यादा गंभीर नहीं है. नगर आयुक्त, दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और कई टॉप ब्यूरोक्रेट्स ने भी इस अहम बैठक की अनदेखी की. कमेटी के चेयरमैन जगदम्बिका पाल के अलावा सिर्फ हसनैन मसूदी, सीआर पाटिल और संजय सिंह इस बैठक के लिए पहुंचे. लिहाजा मीटिंग को रद्द करना पड़ा.

इतना ही नहीं अधिकारियों ने कमेटी को ये भी नहीं बताया कि वो इस बैठक के लिए नहीं पहुंच सकते हैं. जगदम्बिका पाल ने इसे काफी गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि वो इसकी शिकायत स्पीकर से करेंगे. हमारे संसदीय लोकतंत्र में कार्यपालिका विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है. कार्यपालिका का मतलब सिर्फ राजनीतिक कार्यपालिका नहीं है, बल्कि स्थायी कार्यकारी भी है. इसमें ब्यूरोक्रेट्स भी आते हैं.

इस मामले का राजनीतिकरण भी हो गया है. आम आदमी पार्टी के नेता ने गौतम गंभीर पर निशाना साधा है. गंभीर को भी मीटिंग में शामिल होना था. आम आदमी पार्टी का कहना है कि गंभीर इंदौर में मौजमस्ती कर रहे थे.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को भी बैठक न होने का पछतावा हो रहा था. उन्होंने कहा, 'हमलोग पता करेंगे कि लोग इस बैठक के लिए क्यों नहीं आए. हमलोग पर्यावरण को लेकर काफी गंभीर हैं. हमलोगों ने ही सबसे पहले 2015 में इसको लेकर एक्शन प्लान तैयार किया था. कई चुनौतियां है हमें इसे मिलकर खत्म करना होगा. मैंने हमेशा कहा है कि इसमें हर किसी की सहयोग की जरूरत है.'

क्या हमारे नेता 'हम देखेंगे' के माइंडसेट से बाहर नहीं आ सकते. अंग्रेंजी में 'look into the matter’ का मतलब होता है लोग जल्दी ही इस मुद्दे को भूल जाएंगे. क्या वो लोगों को इससे परेशान और मरते हुए नहीं देख रहे हैं.
Loading...

नेता भाषण देते समय अक्सर ये महसूस नहीं करते हैं कि लोगों को वो बेवकूफ बना रहे है और गलत बयानबाजी के लिए जनता उन्हें बेनकाब कर सकती है. जावड़ेकर ने कहा कि हमलोंगो ने ही सबसे पहले 2015 में इसको लेकर एक्शन प्लान तैयार किया था, लेकिन किस चीज़ की प्लानिंग वो कर रहे थे. क्या वो दिल्ली को और ज़हरीला गैस चेंबर बनाना चाह रहे थे.

आप ने दिल्ली में ऑड-इवन लाकर ये जताने की कोशिश की है कि प्रदूषण को कम करने करने के लिए उन्होंने ये काम किया, लेकिन इसमें कोई दोराय नहीं कि वो इसका राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं. राज्य सरकार ये कह रही है कि इससे प्रदूषण में कमी आई है, जबकि एक्सपर्ट इससे सहमत नहीं हैं.

इस वक्त जरूरत इस बात की है कि केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के स्तर को घटाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं. इसके लिए पॉलिसी में बदलाव लाने की जरूरत है. उधारण के लिए पराली जलाने को लेकर एग्रिकल्चर पॉलिसी हो. पंजाब में धान की खेती के लिए मुफ्त बिजली भी राज्य के लिए ठीक नहीं है, लेकिन कोई भी पार्टी इस पर सोचने के लिए तैयार नहीं है.

इसी तरह दिल्ली में धूल की समस्या कम करने के लिए यहां निर्माण कार्य को रोक दिया जाता है. लेकिन असल में यहां सही तरीका ये होगा कि वो ये पता करे कि किन चिज़ों से धूल की समस्या हो रही है और उसे खत्म किया जाए.

जाहिर है, जो लोग दिलचस्पी नहीं रखते हैं. ये कुछ और नहीं उनके अभाववादी दृष्टिकोण की व्याख्या करता है. शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक से राजनेताओं और अधिकारियों की अनुपस्थिति इस सच्चाई को उजागर करती है.

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं, ये उनकी निजी राय है)

ये भी पढ़ें:

कभी राहुल गांधी के साथ जुड़ा था नाम, अब अदिति सिंह बनेंगी इनकी दुल्हनियां

AIMPLB बैठक पर बोले इकबाल अंसारी- कोर्ट ने जो फैसला कर दिया, उसे मान लो

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 17, 2019, 12:51 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com