पश्चिमी महाराष्ट्र में बाढ़ का कहर, कई मकान क्षतिग्रस्त, अब तक 28 लोगों की मौत

सोलापुर, सांगली, सतारा और पुणे जिलों में भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़
सोलापुर, सांगली, सतारा और पुणे जिलों में भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़

Floods in Western Maharashtra: पुणे, सोलापुर, सतारा और सांगली जिलों में 57,000 हेक्टेयर में फैले गन्ना, सोयाबीन, सब्जियों, चावल, अनार और कपास जैसी फसलों को नुकसान हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 17, 2020, 12:00 AM IST
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पुणे. पश्चिमी महाराष्ट्र (Western Maharashtra) के कई जिलों में भारी बारिश (Heavy Rain) और उसके बाद आई बाढ़ में 2,300 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए और बड़े पैमाने पर फसल बर्बाद हो गई. इन जिलों में 21,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

यहां के संभागीय आयुक्त कार्यालय के अनुसार, एक और शव बरामद होने के बाद बारिश संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या 28 हो गई. इस क्षेत्र में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला सोलापुर है, जहां इनमें से आधी मौतें हुई हैं.

कई फसलों को हुआ नुकसान
कार्यालय ने बताया कि पुणे, सोलापुर, सतारा और सांगली जिलों में 57,000 हेक्टेयर में फैले गन्ना, सोयाबीन, सब्जियों, चावल, अनार और कपास जैसी फसलों को नुकसान हुआ है. पुणे संभागीय आयुक्त कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस क्षेत्र में भारी बारिश और बाढ़ में लगभग 513 पशुओं की जान चली गई.




2 हजार से ज्यादा मकान हुए क्षतिग्रस्त
उन्होंने बताया कि सोलापुर, सांगली, सतारा और पुणे जिलों में भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ में कुल 2,319 मकान क्षतिग्रस्त हो गए. अधिकारी ने बताया, "बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक कुल 28 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 14 लोगों की मौत सोलापुर में, 9 सांगली में, 4 पुणे में और 1 सतारा में हुई है." उन्होंने कहा कि पुणे में एक व्यक्ति अभी भी लापता है. अधिकारी ने बताया कि इन जिलों के 6,061 घरों के 21,292 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है.
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