कर्नाटक में सरकार बनाने की कवायद: खरीद फरोख्त का ऑडियो आया सामने

कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होने से पहले एक ऑडियो टेप सामने आया था. इस टेप में कथित तौर पर बीजेपी नेता और कांग्रेस नेता के बीच, खरीद फरोख्त की बात सुनी जा सकती है.

News18Hindi
Updated: May 19, 2018, 4:10 PM IST
कर्नाटक में सरकार बनाने की कवायद: खरीद फरोख्त का ऑडियो आया सामने
फाइल फोटो
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Updated: May 19, 2018, 4:10 PM IST
कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होने से पहले एक ऑडियो टेप सामने आया था. इस टेप में कथित तौर पर बीजेपी नेता और कांग्रेस नेता के बीच, खरीद फरोख्त की बात सुनी जा सकती है. हालांकि NEWS18 हिन्दी इस ऑडियो टेप की पुष्टि नहीं करता है. यह ऑडियो टेप कांग्रेस की ओर से जारी किया गया है. पढ़ें, इस ऑडियो में सुनी गई बातचीत के अंश-

नमस्कार, मैं रामुलू बोल रहा हूं.
बीसी पाटिल- नमस्कार.
श्रीरामुलू- आप को कितनी राशि की उम्मीद है?

बीसी पाटिल- 'साहेब्रू' ने मुझे कुछ बताया नहीं.
श्रीरामुलू- मुझे बताएं, आप कितनी राशि की उम्मीद कर रहे हैं.
बीसी पाटिल- जो आप बताएं.
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श्रीरामुलू- कुछ ने 25 बोला है. आपके साथ कितने लोग हैं?
बीसी पाटिल- 3 से 4 लोग मेरे साथ हैं. मुझे उन्हें स्पष्ट करना है. मैं विश्वस्त हूं.
श्रीरामुलू- उन्हें 10-15 मिल जाएगा.
बीसी पाटिल- उनका पद क्या होगा?
श्रीरामुलू- उन्हें मंत्री बनाएंगे.
बीसी पाटिल- मेरी विधानसभा में यूबी बनाकर मजबूत हैं. अगर वहां फिर से मतदान होता है, तो वहां दिक्कत होगी.
श्रीरामुलू- परेशान ना हों, कोई चुनाव नहीं होगा. हम अपना स्पीकर चुनेंगे और बहुमत दिखाएंगे. आंध्र और तेलंगाना की तरह, किसी विधायक को अयोग्य नहीं किया जाएगा. आप चुनाव की चिंता ना करें. मैं अब फोन मुरलीधर राव को दे रहा हूं. आप उनसे बात करें.
मुरलीधर राव- इस्तीफे का कोई सवाल ही नहीं उठेगा. आपको दोबारा चुनाव में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
बीसी पाटिल- 3-4 लोग मेरे साथ हैं, आपको मुझे संख्या बतानी होगी.
श्रीरामुलू फोन पर आए- मैंने आपको पहले ही 15 बता दिया है. आप उनसे संख्या के बारे में ना पूछे.
मुरलीधर राव- हम तैयार हैं. किसी के लिए कोई चुनाव नहीं होगा. यह स्पीकर पर है. हर राज्य में यही चीज होती है.


कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान हुए थे, इसके बाद 15 मई को परिणाम आए थे. जिसमें किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. बीजेपी जहां 104 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बनी. वहीं कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीट मिली. 2 सीट अन्य के खाते में भी गई. 15 मई को ही बीजेपी पहले राज्यपाल वजूवाला के पास गई और सरकार बनाने का दावा पेश किया. इसके बाद कांग्रेस-जेडीएस के नेता भी राज्यपाल से मिले. उन्होंने भी सरकार बनाने का दावा किया.

राज्यपाल ने पहले बीजेपी को मौका दिया. इसके बाद कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट चली गई. जिसके बाद बीजेपी को राज्यपाल की ओर से बीजेपी को दिए गए 15 दिन के मौके को निरस्त कर 19 मई को ही फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया. इससे पहले कांग्रेस-जेडीएस लगातार बीजेपी पर यह आरोप लगाते रहे हैं कि वह उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है.

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