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रामायण के दिनों में भी था ‘पुष्पक विमान’, अर्जुन के तीरों में थी परमाणु शक्ति: धनखड़

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Updated: January 15, 2020, 5:07 AM IST
रामायण के दिनों में भी था ‘पुष्पक विमान’, अर्जुन के तीरों में थी परमाणु शक्ति: धनखड़
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ की फाइल फोटो

एक कार्यक्रम में जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने कहा, ‘‘संजय ने महाभारत (Mahabharat) का पूरा युद्ध घृतराष्ट्र को सुनाया, लेकिन टीवी देखकर नहीं. महाभारत में अर्जुन के तीरों में परमाणु शक्ति (Nuclear Power) थी.’’

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने मंगलवार को दावा किया कि रामायण (Ramayana) के दिनों में भी ‘पुष्पक विमान’ था और महाभारत (Mahabharat) के अर्जुन के तीरों मे परमाणु शक्ति थी.

यहा एक कार्यक्रम में जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने कहा, ‘‘यह 20वीं सदी में नहीं, बल्कि रामायण के दिनों में हमारे पास पुष्पक विमान (Pushpak Viman) था. संजय ने महाभारत का पूरा युद्ध घृतराष्ट्र को सुनाया, लेकिन टीवी देखकर नहीं. महाभारत में अर्जुन के तीरों में परमाणु शक्ति (Nuclear Power) थी.’’

बता दें कि महाकाव्य महाभारत में ऐसा प्रसंग है कि कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) के युद्ध के दौरान संजय ने हस्तिनापुर में बैठकर दृष्टिबाधित नरेश धृतराष्ट्र को आंखों देखा हाल सुनाया था. इसके लिए संजय के पास दिव्यदृष्टि जैसी कोई शक्ति थी.

सियासी दांवपेंच और कानून के जानकार हैं धनखड़

वर्तमान में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ कभी राजस्थान की सियासत का चर्चित चेहरा थे. राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रह चुके धनखड़ सियासत के मंजे हुए खिलाड़ी रहे हैं, राजस्थान में जाटों को आरक्षण (Reservation) दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही है.

धनखड़ कानून, सियासत, सियासी दांवपेंच औऱ हर पार्टी के अंदर अपने संबंधों की महारत के लिए जाने जाते हैं. वे राजस्थान (Rajasthan) की जाट बिरादरी आते हैं और राजस्थान में जाटों को आरक्षण दिलवाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. इस समुदाय में धनखड़ की अच्छी खासी साख है. धनखड़ की नियुक्ति का एक मकसद शायद इस बिरादरी के बीच संदेश भी हो.

जनता दल और कांग्रेस में भी रहेधनखड़ केंद्रीय मंत्री भी रहे. झुंझुनूं से 1989 से 91 तक वे जनता दल से सांसद रहे. हालांकि बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था. अजमेर (Ajmer) से कांग्रेस टिकट पर वे लोकसभा चुनाव हार गए थे. फिर धनखड़ 2003 में बीजेपी में शामिल हो गए, अजमेर के किशनगढ़ से विधायक चुने गए. धनखड़ सिर्फ नेता ही नहीं माने हुए वकील भी हैं. वे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं तथा राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं. (भाषा के इनपुट सहित)

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First published: January 15, 2020, 5:07 AM IST
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