भारत-ब्रिटेन में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फाइनेंसिंग पर बनी सहमति, इन प्रोजेक्‍ट्स के लिए फंड की नहीं होगी कमी

ब्रिटेन-इंडिया पार्टनरशिप ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी एंड फाइनेंसिंग पर वित्‍त निर्मला सीतारमण और उनके ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सुनक ने हस्‍ताक्षर किए.
ब्रिटेन-इंडिया पार्टनरशिप ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी एंड फाइनेंसिंग पर वित्‍त निर्मला सीतारमण और उनके ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सुनक ने हस्‍ताक्षर किए.

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharama) ने 10वें भारत-ब्रिटेन इकोनॉमिक एंड फाइनेंशियल डायलॉग (EFD) के दौरान कहा कि दोनों देशों के आर्थिक संबंध बेहद जरूरी हैं. दोनों देश दुनिया की शीर्ष 7 अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शामिल हैं. दोनों देशों की साझा जीडीपी (GDP) 5 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 9:18 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) और ब्रिटेन के उनके समकक्ष ऋषि सुनक (British FM Rishi Sunak) ने 'ब्रिटेन-इंडिया पार्टनरशिप ऑन इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी एंड फाइनेंसिंग' पर हस्ताक्षर किए. इससे भारत के नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट को काफी मदद मिलेगी. दोनों देशों के बीच 10वें भारत-ब्रिटेन इकोनॉमिक एंड फाइनेंशियल डायलॉग (EFD) के दौरान गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी (GIFT City) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने को लेकर रणनीतिक समझौता (Strategic Agreement) हुआ है.

नेशनल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पाइपलान के लिए फाइनेंस की नहीं होगी कमी
वित्त मंत्री सीतारमण ने बुधवार को कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत और ब्रिटेन द्विपक्षीय सस्टेनेबल फाइनेंस फोरम की स्थापना पर सहमत हो गए हैं. भारत का 1.4 लाख करोड़ डॉलर का नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और सिटी ऑफ लंदन फाइनेंस की कमी नहीं होने देने को सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. इस साझेदारी से प्रोजेक्ट प्रिपरेशन सपोर्ट फैसिलिटी कम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर पीपीपी प्रोजेक्ट्स की स्थापना में मदद मिल रही है. उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) और कोलिशन फॉर डिजास्टर रेसिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिये भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग बढ़ा है.

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उदय कोटक और डेविड क्रेग ने समझौते से पहले की चर्चा


सीतारमण ने कहा कि यूके रिसर्च एंड इनोवेशन (UKRI) और इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च ने ब्रिटेन-भारत व्यापार तथा निवेश के भविष्य को लेकर 26 लाख यूरो का संकल्प जाहिर किया है. बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ईएफडी में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शिरकत की. उन्होंने वार्ता के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर ही ज्‍वाइंट स्टेटमेंट पर भी साइन किए. समझौते पर हस्‍ताक्षर से पहले बिजनेस एंगेजमेंट सेशन के दौरान भारत की तरफ से उदय कोटक और ब्रिटेन की तरफ से डेविड क्रेग ने चर्चा की.



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'भारत-ब्रिटेन की साझा जीडीपी है 5 ट्रिलियन डॉलर से ज्‍यादा'
वित्त मंत्री सीतारमण ने पहले सेशन में कहा कि भारत-यूके के आर्थिक संबंध जरूरी हैं. दोनों देश दुनिया की शीर्ष 7 अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शामिल हैं. मिलाकर देखे तों दोनों देशों की जीडीपी 5 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है. साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस पर प्रतिक्रियाओं को लेकर अनुभव साझा करना दोनों देशों की पॉलिसीज को बेहतर बनाने में मदद करेगा. सीतारमण ने कहा कि वे अगले साल से शुरू होने वाले वार्षिक इंडिया-यूके फाइनेंशियल मार्केट डायलॉग का इंतजार कर रही हैं.
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