Highlights: निर्मला सीतारमण का ऐलान- सेना के लिए हथियारों के आयात पर धीरे-धीरे रोक लगाएंगे

वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने कोयला, रक्षा उत्पाद और खनिज समेत 8 सेक्टरों पर अहम घोषणाएं कीं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने कोयला, रक्षा उत्पाद और खनिज समेत 8 सेक्टरों पर अहम घोषणाएं कीं.

वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने कहा रक्षा उत्पादन (Defence Manufacturing) में आत्मनिर्भर बनने के लिए मेक इन इंडिया (Make in India) जरूरी है. वित्त मंत्री ने कहा कि सेना को आधुनिक हथियारों की जरूरत है, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना है जिससे रक्षा क्षेत्र में निर्यात का खर्च बचाया जा सके.

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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने शनिवार को 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की चौथी किस्त का ऐलान किया. वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने कोयला, रक्षा उत्पाद और खनिज समेत 8 सेक्टरों पर अहम घोषणाएं कीं. वित्त मंत्री ने अहम ऐलान करते हुए कहा कि कोयला क्षेत्र (Coal Sector) में सरकार का एकाधिकार खत्म होगा.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस कदम से कोयला क्षेत्र में सुधार की योजना बनी, सही कीमत पर ज्यादा कोयला मिलेगा. रक्षा उत्पादन को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने कहा रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए मेक इन इंडिया जरूरी है. वित्त मंत्री ने कहा कि सेना को आधुनिक हथियारों की जरूरत है, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना है जिससे रक्षा क्षेत्र में निर्यात का खर्च बचाया जा सके.

पैकेज की चौथी किस्त की मुख्य बातें इस प्रकार हैं...



: कोयला क्षेत्र में निजी कंपनियों को वाणिज्यिक खनन शुरू करने के लिए करीब 50 ब्लाक पेश किए जाएंगे. सरकार का एकाधिकार समाप्त होगा.
: कोयला क्षेत्र में वाणिज्यिक खनन के लिए प्रति टन शुल्क की व्यवस्था के बजाय राजस्व-भागीदारी व्यवस्था पेश की जायेगी.

: खनिज क्षेत्र में खोज-खनन-उत्पादन एक समग्र अनुमति की व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी. 500 ब्लॉकों की नीलामी होगी.

: कुछ हथियारों के आयात पर रोक लगेगी, ऐसे हथियार और साजो सामान की खरीद सिर्फ भारत से की जा सकेगी.

: रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में स्वत: मंजूरी मार्ग से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की जायेगी.

: यात्री उड़ानों के लिये भारतीय वायु मार्गों पर लगी पाबंदियों में ढील दी जायेगी, इससे विमानन क्षेत्र को एक साल में एक हजार करोड़ रुपये का लाभ होगा.

: खदानों से निकाले गये कोयले के उठाव की बुनियादी सुविधाओं पर सरकार 50 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी.

: छह और हवाईअड्डों में निजी कंपनियों की भागीदारी के लिये नीलामी की जायेगी, 12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों से 13 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश मिलेगा.

: केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण किया जायेगा.

: उपग्रहों, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं समेत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी कंपनियों को भगीदारी के अवसर मिलेंगे.

: कैंसर एवं अन्य बीमारियों के किफायती उपचार के लिये पीपीपी आधार पर अनुसंधान नाभिकीय संयंत्र बनाये जायेंगे.

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