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राहुल गांधी पर निर्मला सीतारमण का तीखा हमला, बोलीं- प्रधानमंत्री का अपमान करना उनकी आदत

शनिवार को बजट पर सदन में चर्चा के दौरान वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला किया.
शनिवार को बजट पर सदन में चर्चा के दौरान वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला किया.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने साल 2013 के उस वाक्‍ये को बताया जब पूर्व पीएम मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) विदेश गए थे तब राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने उनकी ओर से लाए गए अध्यादेश को फाड़कर फेंक दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 13, 2021, 3:53 PM IST
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नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के खिलाफ कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आरोपों पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि कांग्रेस नेता फर्जी विमर्श गढ़ते हैं, देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़े होते हैं और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं. उन्‍होंने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वो पहले के प्रधानमंत्री का भी अपमान करते थे और वह अभी के प्रधानमंत्री का भी अपमान करते हैं.

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह जब विदेश गए थे तो राहुल गांधी ने उनकी ओर से लाए गए अध्यादेश को फाड़कर फेंक दिया था. वित्त मंत्री जिस वाकये का हवाला दे रही हैं, वो साल 2013 का है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने जब दोषी जनप्रतिनिधियों को चुनाव लड़ने के खिलाफ फैसला दिया था. इस फैसले को निष्‍प्रभावी बनाने के लिए यूपीए की सरकार ने एक अध्‍यादेश जारी किया था. उस वक्‍त राहुल गांधी ने यूपीए की ओर से लाए गए अध्‍यादेश को बकवास बताते हुए कहा था कि इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए.

उस वक्‍त के योजना आयोग (अब नीति आयोग) के प्रमुख मोंटेक सिंह अलहूवालिया के मुताबिक, राहुल गांधी ने जब 2013 में अध्यादेश फाड़ा था, उसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस्तीफा देना चाहते थे. सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक ‘डूम्सडे मैन’ (प्रलय की बात करने वाला व्यक्ति) हैं. सीतारमण ने लोकसभा में बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह कहा कि कांग्रेस नेता को चर्चा में बोलते समय यह जवाब देना चाहिए था कि कांग्रेस ने कृषि सुधारों को लेकर अपने रुख से क्यों बिलकुल पलट गये?
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए तीन नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला था और आरोप लगाया था कि यह ‘हम दो, हमारे दो’की सरकार है. उन्होंने यह दावा भी किया था कि इन तीनों कानूनों के कारण मंडिया खत्म हो जाएंगी और कृषि क्षेत्र कुछ बड़े उद्योगपतियों के नियंत्रण में चला जाएगा. वित्त मंत्री ने अपने जवाब के दौरान 10 सवालों के माध्यम से राहुल गांधी पर पलटवार किया है.



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सीतारमण ने कहा राहुल बताएं कि उन्‍होंने पलटी क्‍यों मारी
उन्होंने कहा, मैं सहमत हूं कि बजट पर चर्चा के दौरान कृषि के मुद्दे पर बात होती है क्योंकि यह बजट का हिस्सा है. लेकिन जब वह (राहुल गांधी) बोलने खड़े हुए तो बजट पर बोलने के लिए भूमिका रखी, लेकिन इस पर बोले ही नहीं. सीतारमण ने कहा कि उस समय उम्मीद थी कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बताएंगे कि कांग्रेस ने 2019 के घोषणापत्र में किए वादे से क्यों पलटी मारी? पहले तो कृषि सुधारों का समर्थन करते थे, लेकिन अब नहीं कर रहे हैं.

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राहुल बताएं कृषि कानून के किस प्रावधान में कमी है
उन्होंने कांग्रेस के सदस्यों की टोका-टोकी के बीच कहा कि कांग्रेस ने कई राज्यों में चुनाव जीतने के लिए कर्जमाफी का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कर्जमाफी नहीं हुई. वित्त मंत्री ने कहा, किसानों की पीठ में छूरा घोंप दिया. उम्मीद थी कि राहुल गांधी इस बारे में बताएंगे लेकिन नहीं बताया. सीतारमण ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि कांग्रेस नेता कम से यह बात बोलेंगे कि उनकी ओर से पंजाब में किसानों से जुड़े कानून को हटाने का आदेश वहां के मुख्यमंत्री को दिया गया है. उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष जारी रखते हुए कहा, मुझे उम्मीद थी कि वह बताएंगे कि तीनों कृषि कानूनों में किस प्रावधान में कमी है, लेकिन यह भी नहीं बताया. (भाषा इनपुट के साथ)
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