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अब कोरोना की दवाओं पर शिफ्ट हुआ फोकस, भारतीय कंपनियों का सस्ती एंटी-वायरल दवाओं पर जोर

भारतीय फार्मां कंपनियां अब कोरोना की एंटी-वायरल पर जोर दे रही हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

भारतीय फार्मां कंपनियां अब कोरोना की एंटी-वायरल पर जोर दे रही हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Covid-19 Anti viral Drugs: कोरोना की आगामी लहरों के मद्देनजर फार्मा कंपनियां एंटी वायरल दवाओं का बड़ा मार्केट मान रही ह ...अधिक पढ़ें

    मुंबई. अमेरिका में कोरोना के इलाज का दावा करने वाली दो एंटी-वायरल दवाओं (2 Anti viral Drugs) की घोषणा के बाद अब फार्मा कंपनियों का फोकस शिफ्ट हो रहा है. सिप्ला, डॉ. रेड्डीज, सन फार्मा, बीडीआर फार्मा जैसी स्वदेशी फार्मा कंपनियां अब एंटीवायरल दवाओं पर ध्यान केंद्रित करने की तैयारी कर रही हैं. इनमें विशेष रूप से फाइज़र की दवा पैक्सलोविड पर विशेष फोकस है. माना जा रहा है कि कोरोना के इलाज के लिए सभी एंटीवायरल दवाओं का भारत में निर्माण होगा. इन दवाओं की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में कम रहने की उम्मीद जाहिर की जा रही है.

    टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना की आगामी लहरों के मद्देनजर फार्मा कंपनियां एंटीवायरल दवाओं का बड़ा मार्केट मान रही हैं. माइल्ड और मॉडरेट कोरोना मरीजों के इलाज में इन दवाओं का बड़ा रोल हो सकता है. कुछ दिनों पहले अमेरिका की फॉर्मा कंपनी फाइजर ने कोरोना की एक दवा को लेकर एक बड़ा दावा किया था.

    कोविड-19 के खिलाफ एंटीवायरल गोली को लेकर फाइजर इंक ने कहा था कि उसकी टैबलेट अस्पताल में भर्ती होने और महामारी से मृत्य दर में 89% तक की कमी लाने में सहायक है. अमेरिका समेत दुनिया भर के अधिकांश देशों में इस समय कोरोना के इलाज के लिए इंजेक्शन का ही इस्तेमाल किया जा रहा है.

    इन लोगों पर की गई है फाइज़र की दवा की टेस्टिंग
    फाइजर की तरफ से तैयार इस कोविड-19 एंटी वायरल गोली का ब्रांड नाम Paxlovid होगा जो दिन में दो बार दी जाएगी. फाइजर की तरफ से इस गोली के लिए कुल 1,219 लोगों पर टेस्टिंग की गई है. इनमें से अधिकांश लोग मोटापे, गंभीर बीमारी से पीड़ित या फिर अधिक उम्र के लोग थे.

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    95 देशों में हो सकेगा फाइज़र की दवा का इस्तेमाल
    एक दिन पहले फाइजर ने कहा है कि वह वायरस रोधी दवा के लिए जिनेवा स्थित ‘मेडिसिन्स पेटेंट पूल’ को लाइसेंस देगी जो ‘जेनरिक’ औषधि निर्माता कंपनियों को दवा का उत्पादन करने देगा. इससे विश्व के 95 देशों में इस दवा का इस्तेमाल हो सकेगा जहां दुनिया की लगभग 53 प्रतिशत आबादी रहती है.

    मोल्नुपिराविर को लेकर भी आशाएं
    इससे पहले मर्क कंपनी की गोली ने पहले ही कई सकारात्मक परिणाम दिए हैं. मर्क कंपनी का दावा है कि उसकी गोली मोल्नुपिराविर कोरोना से लड़ने में कारगर है. मर्क ने अमेरिकी कंपनी ने इस दवा के विकास के लिए अमेरिका की Ridgeback Biotherapeutics कंपनी के साथ साझेदारी की है. कंपनी का दावा है कि इस गोली के तीसरे फेज के ट्रायल में पाया गया कि इसने मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने या मौत की जोखिम को काफी हद तक कम कर दिया.

    हाल ही में स्वदेशी फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डीज ने कहा है कि वो अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइज़र की एंटी कोविड दवा के प्रोडक्शन के लिए तैयार है. डॉ. रेड्डीज के पास Merck की एंटी कोविड दवा Molnupiravir का प्रोडक्शन लाइसेंस पहले से है.

    Tags: COVID 19, Dr reddys lab, Pfizer

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