ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल अब बच्चों पर होगा , 6 से 17 साल के बच्चे होंगे शामिल

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का ट्रायल बच्चों पर किया जाएगा. (सांकेतिक तस्वीर)

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का ट्रायल बच्चों पर किया जाएगा. (सांकेतिक तस्वीर)

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका (Oxford-AstraZeneca) द्वारा विकसित की गई इस वैक्सीन में भारत का सीरम इंस्टीट्यूट भी पार्टनर रहा है. सीरम इंस्टीट्यूट इस वैक्सीन को कोविशील्ड (Covishield) के नाम से बेच रहा है. बच्चों पर किसी भी कोरोना वैक्सीन का ये पहला इस्तेमाल होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 14, 2021, 5:39 AM IST
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लंदन. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक पहली बार अपनी वैक्सीन बच्चों को देने की तैयारी कर रहे हैं. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका (Oxford-AstraZeneca) द्वारा विकसित की गई इस वैक्सीन में भारत का सीरम इंस्टीट्यूट भी पार्टनर रहा है. सीरम इंस्टीट्यूट इस वैक्सीन को कोविशील्ड (Covishield) के नाम से बेच रहा है. बच्चों पर किसी भी कोरोना वैक्सीन का ये पहला इस्तेमाल होगा.

एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस वैक्सीन के ट्रायल का अनाउंसमेंट शनिवार को हुआ. युनिवर्सिटी की तरफ से 6 से 17 उम्र समूह के 300 वॉलंटियर्स को रजिस्‍ट्रेशन करने के लिए कहा गया है. गौरतलब है कि दुनियाभर के देशों में वैक्सीन प्रोग्राम के तहत अभी उम्रदराज लोगों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का ही टीकाकरण किया जा रहा है. नए स्ट्रेन की बुरी गिरफ्त में आए यूनाइटेड किंगडम में भी तेजी के साथ फ्रंटलाइन वर्कर्स और उम्रदराज लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए जाने की मंजूरी दे दी

इससे पहले खबर आई थी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के पैनल ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन बड़े स्तर पर इस्तेमाल किए जाने की मंजूरी दे दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के पैनल ने इस वैक्सीन को 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए भी सुरक्षित बताया है. पैनल ने कहा है कि इस वैक्सीन के दो शॉट लेना आवश्यक है. दो शॉट के बीच की अवधि 8 से 12 हफ्तों की बताई गई है.
WHO के स्ट्रैटजिक अडवायजरी ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स ऑन इम्युनाइजेशन (SAGE) ने कहा कि हर तरफ ये सवाल पूछे जा रहे हैं कि ये वैक्सीन अफ्रीकी स्ट्रेन पर कितनी प्रभावी होगी. पैनल ने कहा कि कोई कारण नहीं है कि इस वैक्सीन की इजाजत न की जाए.
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