ब्रह्मपुत्र नदी पर निगरानी कर रही है सरकार, पानी की दिशा नहीं बदलेगा चीन: विदेश मंत्रालय

दुनिया की सबसे बड़ी नदियों में से एक ब्रह्मपुत्र चीन, भारत और बांग्लादेश से होकर गुजरती है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर-AP)

विदेश मंत्रालय (Misitry of External Affairs) के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'हमने उनसे अपील की है कि पहले यह सुनिश्चित करें कि ऊंचे इलाकों पर होने वाली गतिविधियों की वजह से निचली धाराओं वाले क्षेत्रों पर असर नहीं होगा.'

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    नई दिल्ली. चीनी मीडिया (Chinese Media) में रिपोर्ट्स आ रही थीं कि वहां की सरकार ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra River) पर बड़ा हाइड्रोपावर निर्माण करने जा रही है. इसे लेकर बुधवार को विदेश मंत्रालय की प्रेस कांफ्रेंस में चर्चा की गई. मंत्रालय का कहना है कि सरकार ब्रह्मपुत्र में हो रहे कामों की निगरानी कर रही है. वहीं, इस वार्ता में पाकिस्तान जेल में बंद कुलभूषण जाधव (Kulbhushan Jadhav) को लेकर भी मंत्रालय की तरफ से बात की गई. भारत ने पाकिस्तान पर जाधव के केस को दूसरे मामले से जोड़ने के आरोप लगाए हैं.

    मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार ब्रह्मपुत्र नदी पर हो रहे कामों की निगरानी कर रही है. उन्होंने बताया कि पानी के स्थापित उपयोगकर्ता के अधिकारों के साथ निचले तटवर्ती इलाके होने के चलते हम लगातार चीन के सामने अपनी बातें रख रहे हैं. श्रीवास्तव ने कहा, 'हमने उनसे अपील की है कि पहले यह सुनिश्चित करें कि ऊंचे इलाकों पर होने वाली गतिविधियों की वजह से निचली धाराओं वाले क्षेत्रों पर असर नहीं होगा.' मंत्रालय के मुताबिक, चीन ने हमें जानकारी दी है कि वह केवल रीवर हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट्स (Hydropower Projects) पर काम कर रहे हैं, जिसमें ब्रह्मपुत्र के पानी का डायवर्जन शामिल नहीं है.

    इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने यह साफ किया है कि भारत लगातार चीन के साथ ट्रांसबॉर्डर नदियों को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा हुई है. मंत्रालय ने कहा कि कूटनीतिक माध्यमों के साथ-साथ हम 2006 में स्थापित एक्सपर्ट लेवल के तंत्र के तहत हम चीन से ट्रांसबॉर्डर नदियों से जुड़े मुद्दों पर बात कर चुके हैं. उन्होंने कहा, 'हमारे हितों की रक्षा के लिए हम आगे भी चीन के साथ बातचीत में बने रहेंगे.'

    कुलभूषण जाधव से जुड़े मामले को लेकर पाकिस्तान पर लगाए आरोप
    विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर कुलभूषण जाधव और मोहम्मद इस्माइल (Mohammad Ismail) के मामले को आपस में जोड़ने के आरोप लगाए हैं. इस्माइल भारतीय कैदी हैं. मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के मामले को दूसरे केस से जोड़ने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने बताया कि एक और भारतीय कैदी मोहम्मद इस्माइल की रिहाई से जुड़े मामले के लिए हमारी हाईकमीशन ने शाहनवाज नून (Shahnawaz Noon) को चुना था.

    मंत्रालय ने कहा कि इस्माइल के मामले की सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल ने जाधव से जुड़ा मामला उठाया, जबकि ये दोनों केस आपस में कोई जुड़ाव नहीं है. मंत्रालय के अनुसार, ऐसा पता चला है कि नून को हमारे सीडीए को लेकर गलत बयान देने के लिए मजबूर किया गया है. यह बयान इस केस में हमारे मत के खिलाफ है.

    मंत्रालय के मुताबिक, ऐसा लगता है कि नून ने पाकिस्तान के दबाव में आकर ऐसे बयान दिए हैं, जिन्हें देने का उनके पास अधिकार नहीं है. मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि नून को पहले ही यह बता दिया गया था कि उनके पास भारत सरकार या कुलभूषण जाधव का प्रतिनिधिन बनने का अधिकार नहीं है.

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