चीनी दूतावास के दिशा-निर्देशों पर विदेश मंत्रालय का जवाब- भारत में है स्वतंत्र मीडिया

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (File Photo)
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (File Photo)

India-China Standoff: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भारत में स्वतंत्र मीडिया है जो मुद्दों पर अपने हिसाब से रिपोर्टिंग करता है.’’

  • Share this:
नई दिल्ली. भारत (India) ने यहां स्थित चीनी दूतावास (Chinese Embassy) द्वारा भारतीय मीडिया (Indian Media) के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों पर गुरुवार को कहा कि देश में ‘‘स्वतंत्र मीडिया’’ (Free Media) है. चीनी दूतावास ने ताइवान के राष्ट्रीय दिवस (Taiwan's National Day) से पहले दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि भारतीय मीडिया को भारत की ‘एक चीन’ नीति (One China Policy) का उल्लंघन नहीं करना चाहिए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘भारत में स्वतंत्र मीडिया है जो मुद्दों पर अपने हिसाब से रिपोर्टिंग करता है.’’ चीनी दूतावास द्वारा पत्रकारों को भेजे गए पत्र के बारे में पूछे जाने पर श्रीवास्तव ने यह बात कही.

भारतीय पत्रकारों को भेजे गए पत्र में चीनी दूतावास ने ‘एक चीन’ की नीति का सम्मान करने को कहा है. सात अक्टूबर को लिखे गए इस पत्र में कहा गया है, ‘‘चीन के साथ राजनयिक संबंध रखने वाले सभी देशों को ‘एक चीन’ की नीति की अपनी प्रतिबद्धता का पूरा सम्मान करना चाहिए, जो भारत का लंबे समय से जारी आधिकारिक रुख है.’’ इसमें कहा गया, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि ताइवान के सवाल पर भारतीय मीडिया भारत सरकार के रुख को अपनाएगा और ‘एक चीन’ के सिद्धांत का उल्लंघन नहीं करेगा.’’

चीन ने चिट्ठी में कही थी ये बात
दिल्ली स्थिति चीन के दूतावास ने भारतीय मीडिया को भेजी गई चिट्ठी में कहा था कि- हम आशा करते हैं कि भारतीय मीडिया, ताइवान को लेकर भारत सरकार के रुख पर कायम रहेगा और एक चीन की नीति का उल्लंघन नहीं करेगा. चिट्ठी में आगे कहा गया कि ताइवान को एक देश के तौर पर न बताया जाए न ही चीन के ताइवान प्रांत के नेता को राष्ट्रपति कहकर संबोधित किया जाए ताकि जनता के बीच गलत संदेश न जाए.
ताइवान विदेश मंत्रालय ने दिया मुंहतोड़ जवाब


हालांकि चीन के इन पत्र के बाद ताइवान विदेश मंत्रालय ने एक ट्वीट के जरिए चीनी मीडिया को साफ शब्दों में कड़ा जवाब दे दिया. ताइवान विदेश मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस पत्र की कॉपी को रीट्वीट कर लिखा गया कि- 'जीवंत प्रेस और आजादी पसंद लोगों वाला भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. हालांकि, ऐसा लगता है कि कम्युनिस्ट चीन इस उप महाद्वीप पर भी सेंसरशिप थोपना चाहता है. ताइवान के भारतीय दोस्तों का एक ही जवाब होगा- भाड़ में जाओ.'



ताइवान का राष्ट्रीय दिवस 10 अक्टूबर को है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज