WHO के मंच पर बोले विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला, भारत को कोवैक्सीन की मंजूरी का इंतजार

विदेश सचिव ने कहा कि भारत सरकार वैश्विक वैक्सीन निर्माता कंपनियों जैसेकि फाइजर, जॉनसन एंड जॉनसन और मॉडर्ना के साथ भारत में वैक्सीन निर्माण करने के लिए बात कर रही है. फाइल फोटो

विदेश सचिव ने कहा कि भारत सरकार वैश्विक वैक्सीन निर्माता कंपनियों जैसेकि फाइजर, जॉनसन एंड जॉनसन और मॉडर्ना के साथ भारत में वैक्सीन निर्माण करने के लिए बात कर रही है. फाइल फोटो

Foreign Secretary Harsh Shringla ने कहा, "भारत महामारी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर की क्षमता बनाने की प्रक्रिया में हिस्सा लेगा. जी-7, जी-20, क्वाड, ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे मंचों पर इस बारे में कई गंभीर विकल्पों पर विचार चल रहा है."

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नई दिल्ली. विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के मंच से बोलते हुए कहा कि भारत सरकार डब्ल्यूएचओ द्वारा भारतीय वैक्सीन कोवैक्सीन को मंजूरी का इंतजार कर रहा है. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर सभी के लिए वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत विश्व व्यापार संगठन में कई अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि ट्रिप्स के मामले में अस्थायी छूट हासिल की जा सके और सभी को वैक्सीन उपलब्ध हो सके. विदेश सचिव ने यह भी कहा कि भारत खुद की बनाई कोवैक्सीन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. बता दें कि कोवैक्सीन को भारत बायोटेक और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है. कंपनी ने डब्ल्यूएचओ को 90 फीसदी से ज्यादा दस्तावेज सौंप दिए हैं. वैश्विक संस्था ने कंपनी से और दस्तावेज मांगे हैं.

इससे पहले विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने दोहराया कि महामारी की चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर की क्षमता विकसित की प्रक्रिया में भारत सक्रिय भूमिका निभाएगा और एक नई वैश्विक सप्लाई चेन विकसित करने की अंतरराष्ट्रीय प्रक्रिया में पूर्ण भागीदारी करेगा. विदेश सचिव ने कहा, "हमें रातों रात नई क्षमताएं विकसित करनी पड़ीं और अपने उद्देश्यों को फिर से पुर्नस्थापित करते हुए एक पूरी तरह नई महामारी डिप्लोमेसी विकसित की."

उन्होंने कहा, "भारत महामारी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर की क्षमता बनाने की प्रक्रिया में हिस्सा लेगा. जी-7, जी-20, क्वाड, ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे मंचों पर इस बारे में कई गंभीर विकल्पों पर विचार चल रहा है." कोरोना महामारी से निपटने में भारत सरकार के प्रयासों को गिनाते हुए श्रृंगला ने कहा कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार के अधिकार प्राप्त समूह की वैश्विक शाखा के रूप में काम किया है. मंत्रालय ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कच्चे माल की खरीद और मेडिकल सप्लाई सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है.

उन्होंने कहा कि भारत सरकार वैश्विक वैक्सीन निर्माता कंपनियों जैसे कि फाइजर, जॉनसन एंड जॉनसन और मॉडर्ना के साथ भारत में वैक्सीन निर्माण करने के लिए बात कर रही है. विदेश सचिव ने बताया कि महामारी के समय भारत ने वर्चुअल डिप्लोमेसी को अपनाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 वर्चुअल समिट में हिस्सा लिया और 75 द्विपक्षीय वर्चुअल समिट को संबोधित किया है. विदेश मंत्री और मंत्रालय ने सौ से ज्यादा वर्चुअल बैठकों में हिस्सा लिया है.

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