इन 6 बातों को जाने बिना दुनिया की सबसे मशहूर यूनिवर्सिटी में पढ़ना नामुमकिन, पढ़ लें

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने के लिए सिर्फ स्कूली पढ़ाई में अच्छे नंबर ले आना काफी नहीं है (फोटो क्रेडिट- University of Oxford)
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने के लिए सिर्फ स्कूली पढ़ाई में अच्छे नंबर ले आना काफी नहीं है (फोटो क्रेडिट- University of Oxford)

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) में पढ़ने वाले 30% स्टूडेंट विदेशी हैं. जबकि ग्रेजुएशन (Graduation) के स्टूडेंट्स में विदेशियों (Foreigner) की संख्या 20% है. ऐसे में काफी संभावनाएं हैं कि वहां जाकर पढ़ा जा सके.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 8:36 PM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के कुछ कम होने के बाद कॉलेजों में एडमिशन शुरू हो चुके है. दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के एडमिशन में 100% कटऑफ गया है. वहीं स्टूडेंट्स (Students) ने विदेशों में पढ़ाई के लिए भी कोशिश शुरू कर दी है. हालांकि हम सभी जानते हैं कि अगर आप विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) से बेटर कुछ नहीं. दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी (Prestigious Univerty) में पढ़ना बड़े गर्व की बात होती है. न सिर्फ यहां दुनिया के सबसे बेहतरीन स्टूडेंट्स (Best Students) ही पहुंच पाते हैं बल्कि अगर यहां विदेशी स्टूडेंट्स (Foreign Students) पहुंचना चाहते हैं तो उनके लिए राहें स्थानीय स्टूडेंट्स के मुकाबले ज्यादा मुश्किलों भरी होती हैं. ऑक्सफोर्ड जाने के लिए सिर्फ पढ़ाई में ही अच्छा प्रदर्शन करना मायने नहीं रखता.

हालांकि वहां जाना मुश्किल है लेकिन यह बात सुकून देने वाली भी है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) में पढ़ने वाले 30% स्टूडेंट विदेशी हैं. जबकि ग्रेजुएशन (Graduation) के स्टूडेंट्स में विदेशियों (Foreigner) की संख्या 20% है. ऐसे में काफी संभावनाएं हैं कि वहां जाकर पढ़ा जा सके. हम यहां आपको वो 6 बातें बता रहे हैं, जो ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई के लिए इच्छुक स्टूडेंट्स (students) को पता होनी चाहिए और यह भी बता रहे हैं कि एक नये देश में आपको अपनी शुरुआत किस तरह करनी होती है-

भाषा की बेहतरीन जानकारी- ऑक्सफोर्ड की सारी पढ़ाई (किसी विदेशी भाषा की पढ़ाई को छोड़कर) अंग्रेजी भाषा में ही होती है. और जो पढ़ाया या सिखाया जा रहा हो, वह समझ आना बहुत जरूरी है, इसलिए विदेशी स्टूडेंट्स को अपनी अंग्रेजी की जानकारी दिखाने वाले सर्टिफिकेट या उन टेस्ट के रिजल्ट जरूर अपने एप्लिकेशन के साथ लगाने चाहिये, जो यूनिवर्सिटी की भाषा की जानकारी की मांग को पूरा करते हों. ऐसे में आपके अंग्रेजी के रिजल्ट जितने अच्छे होंगे, आपके ऑक्सफोर्ड में सलेक्ट होने के चांसेज उतने ज्यादा रहेंगे. ऑक्सफोर्ड के लिए ऐसी शर्त कोई बुरी बात नहीं है क्योंकि न सिर्फ आपकी सारी पढ़ाई अंग्रेजी में होगी बल्कि आप स्टूडेंट्स और सहपाठियों से भी अंग्रेजी में ही बात करेंगे.



सही वीज़ा होना जरूरी- अगर आप एक ऐसे स्टूडेंट हैं, जो यूरोपियन यूनियन या स्विटज़रलैंड से बाहर से हैं, तो ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई करने के लिए आपको वीज़ा चाहिए होगा. इसका मतलब यह है कि सभी छात्र जो यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र के देशों से नहीं आते हैं, उन्हें इंग्लैंड आने से पहले अपने दस्तावेजों को पूरा कर लेना चाहिए. जैसा कि ज्यादातर मामलों में होता है विदेशी छात्रों को टियर 4 (सामान्य) वीज़ा के लिए आवेदन करना होता है और इसे हासिल करते हुए खुद को विदेशी स्टूडेंट के तौर पर दर्ज कराना होता है. यह सिर्फ ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह ब्रिटेन में घुसने के लिए जरूरी होता है. इसके बाद जब आप ब्रिटेन की धरती पर पहुंच जाते हैं और आपको यह नहीं पता होता कि कहां जाना है, तो वहां के दिशा-निर्देशों और स्थानों की जानकारी के लिए Kevsbest.co.uk से परामर्श कर सकते हैं.
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अंतरराष्ट्रीय योग्यता- आपके रिजल्ट का महत्व होना चाहिए और उसे कुछ मानकों को पूरा करना चाहिए. यानी जब आप ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के लिए आवेदन करते हैं, तब आपके प्रमाण पत्र के मानकों को परखा जाता है. चूंकि अधिकांश देशों में अलग-अलग मूल्यांकन के तरीके हैं, इसलिए विश्वविद्यालय की आवश्यकताओं के हिसाब से सबमें एक साम्य लाने के लिए ऐसा किया जाता है. ऑक्सफोर्ड में कम से कम 150 अलग-अलग देशों के स्टूडेंट पढ़ते हैं, और उन सभी के ग्रेड में समानता लाने के लिए उपयुक्त प्रक्रिया की जाती है.

टेस्ट लेना- कुछ ऐसे टेस्ट हैं, जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिए आवेदन करते समय विदेशी स्टूडेंट्स और स्थानीय स्टू़डेंट्स दोनों ही देने होते हैं. यानी दोनों तरह के स्टूडेंट्स को विश्वविद्यालय का हिस्सा बनने के लिए इनकी जरूरत होती है, हालांकि स्थानीय स्टूडेंट्स के रास्ते थोड़े अलग होते हैं. पहली बार आवेदन करते समय आपको इस बात की जानकारी दी जाती है कि आप किस प्रकार की शिक्षा के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसके अनुसार परीक्षा की तैयारी करनी होती है. आपके पास होम स्कूल में ही प्रोफेशनल सुपरविज़न के तहत कुछ टेस्ट करना भी एक विकल्प होता है, लेकिन कुछ व्यवस्थाएं और तैयारी पहले ही करनी होती है. इसलिए, आपको यह पहले से बताना होता है कि आप ऐसा करना चाहते हैं.

इंटरव्यू- सब कुछ कर लेने के बाद, आपका अपने चुने हुए विषय के लिए एक इंटरव्यू किया जाता है. इसमें आपको शानदार प्रदर्शन करना होता है क्योंकि यह आपके मूल्यांकन के सबसे महत्वपूर्ण भागों में से एक है. इसमें एक विदेशी स्टूडेंट के तौर पर आपको अपनी भाषा की प्रवीणता और बातचीत के लिए विशेष रूप से जांचा जाता है, क्योंकि आप अपनी मातृभाषा में बात नहीं कर रहे होते. लेकिन फिर भी आपसे इसमें कुशल होने की उम्मीद की जाती है. इसलिए आपको अपने बोलने के कौशल का अभ्यास करना चाहिये. इंटरव्यू आपके सलेक्शन के लिए एक महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकता है.

शिक्षक- जब आप अंततः सबसे चहेते विश्वविद्यालय पहुंच जाते हैं, तो उस समय निराश न हों, जब आपके टीचर्स से मुलाकात हो. यानी वे भले ही सबसे योग्य व्यक्ति हों लेकिन अच्छा टीचर होना और अपने स्टूडेंट्स को कोई बात सिखाने में फर्क होता है. इसका मतलब यह नहीं है कि आपके पास उत्कृष्ट ट्यूटर्स नहीं होंगे, और इस बात से आपको डिमोटिवेट नहीं होना चाहिए

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हालांकि आपने सबसे महत्वपूर्ण चीजें जान ली हैं, जो आपके इस विश्वविद्यालय का स्टूडेंट बनने की राह में मदद करती हैं. विदेशी स्टूडेंट्स को इसके लिए एक अपडेटेट टू-डू सूची बनाकर रखनी चाहिए. प्राथमिकताओं में से एक. चूंकि ऑक्सफोर्ड जैसी संस्था के साथ कोई संयोग काम नहीं करता है, इसलिए ऊपर बताई गई सभी चीजों में से सभी को पूरा किया जाना चाहिए. बहरहाल इस दौरान होने वाली कागजी कार्रवाई से आपकी जानकारी ही बढ़ेगी, जो निश्चित रूप से भविष्य में काम की साबित होगी.
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