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पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर पौधारोपण में घोटाले का आरोप, सरकार कराएगी जांच

Jitender Sharma | News18 Madhya Pradesh
Updated: October 11, 2019, 8:23 PM IST
पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर पौधारोपण में घोटाले का आरोप, सरकार कराएगी जांच
वन मंत्री उमंग सिंघार ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिवराज सरकार का 'कच्चा चिट्ठा' खोलने का दावा किया.

मध्य प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार (Forest Minister Umang Singhar) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) पर नर्मदा किनारे पौधारोपण (Narmada Plantation) में घोटाला करने का लगाया आरोप. उन्होंने कहा- मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) से कराई जाएगी.

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भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार के वन मंत्री उमंग सिंघार ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान पर पौधारोपण में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया है. वन मंत्री ने शुक्रवार को यह बात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार का 'कच्चा चिट्ठा' खोलने का दावा किया. सिंघार ने पूर्व सीएम समेत तत्कालीन वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार पर भी घोटाले में शामिल रहने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि घोटाले को लेकर EOW यानी आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) में शिकायत की गई है. इसलिए EOW ही इस घोटाले की जांच करेगी.

ज्यादा दाम में खरीद
वन मंत्री ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ पौधारोपण घोटाले को लेकर EOW में शिकायत की गई है. उन्होंने आरोप लगाया, 'कीर्तिमान स्थापित करने के नाम पर दूसरे राज्यों से पौधे खरीदे गए, जिसमें अनाप-शनाप भुगतान किया गया. 25 रुपए का पौधा 200 रुपए से ज्यादा दाम में खरीदा गया. यही नहीं, पौधों की खरीद के बाद इस घोटाले को छुपाने की हरसंभव कोशिश की गई. फाइल भी गायब कर दी गईं. इसलिए अब तत्कालीन मुख्यमंत्री, वन मंत्री और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.'

शिवराज पर जमकर प्रहार

वन मंत्री ने कहा कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की जिद के चलते इतनी बड़ी तादाद में पौधे रोपे गए. कुल 5 करोड़ पौधे लगाने का आदेश था, लेकिन योजना के लिए तकरीबन 7 करोड़ पौधे खरीद लिए गए. पूर्व सीएम को तानाशाह बताते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि जब मुख्यमंत्री, मंत्री और नोडल अधिकारी ही तानाशाह हो जाएं तो कोई क्या करे. उन्होंने बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2 जुलाई 2017 में वृक्षारोपण के दौरान 455 करोड़ की योजना में घोटाले के आरोप लगाते हुए कहा कि एक दिन में ही बीजेपी सरकार ने वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रुपए भष्टाचार की भेंट चढ़ा दिए.

सबूत के तौर पर दिए आंकड़े
वन मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने आरोपों की सच्चाई के तौर पर कुछ आंकड़े भी पेश किए. उन्होंने कहा, 'एक जगह पर विभाग ने प्रेषित जानकारी में 15,625 पौधे दर्शाए हैं, मगर मौके पर सिर्फ 11,140 ही पौधे मिले. पौधारोपण के लिए किए गड्ढों की भी यही स्थिति है. तत्कालीन सरकार ने पौधे लगाने के लिए 9,985 गड्ढे करने का दावा किया, लेकिन जब इसकी जांच की गई तो मौके पर 2343 गड्ढों में लगे पौधे ही पाए गए. इन आंकड़ों से साफ है कि इस मामले में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है. इसलिए मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई है.' सिंघार ने कहा कि शिकायत में पूर्व सीएम के साथ-साथ तत्कालीन वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार को भी आरोपी बनाया जाएगा.
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First published: October 11, 2019, 7:21 PM IST
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