1971 की लड़ाई में 'पाक' पर बम बरसाने वाले फाइटर ने किया PM मोदी के 'बादल' वाले बयान का बचाव

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पूर्व एयर वायस मार्शल आदित्य विक्रम पेठिया ने कहा है कि बादल और बारिश वाले मौसम में एयरक्राफ्ट उड़ाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है.

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लोकसभा चुनाव अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है. इस दौरान पीएम मोदी के ‘रडार विज्ञान’ वाले बयान की वजह से सोशल मीडिया पर उनकी जमकर किरकिरी हो रही है. कई लोग पीएम मोदी के बादलों वाले तर्क को हास्यास्पद बता रहें हैं, लेकिन अब कुछ लोग पीएम के उस बयान के समर्थन में भी आगे आए हैं. समर्थन करने वालों का कहना है कि संभवत: एयर स्ट्राइक के समय बादलों की वजह से वायुसेना को फायदा मिला था.

इस मामले में पूर्व एयर वाइस मार्शल आदित्य विक्रम पेठिया ने कहा है कि बादल और बारिश वाले मौसम में एयरक्राफ्ट उड़ाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है. उन्होंने बताया कि छोटे-मोटे बादलों से तो रडार को ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, लेकिन घने बादल हो तो लड़ाकू विमानों की एकदम सही जानकारी मिलना कठिन होता है. उनकी मानें तो ये ठीक उसी तरह है जैसे कि बारिश, आंधी और तूफान में कुछ समय के लिए टीवी का सिग्नल डिस्टर्ब हो जाता है.

बता दें कि आदित्य विक्रम पेठिया 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान बीकानेर बॉर्डर के हवाई हमले में खुद शामिल थे. इस हमले में उन्हें युद्धबंदी बनना पड़ा था. इस दौरान उन्‍हें 5 महीने 3 दिन और 8 घंटे तक पाकिस्‍तान के कब्‍जे में रहना पड़ा था. जेल से रिहा होने के बाद उन्हें राष्ट्रपति वीवी गिरी ने 1973 में वीर चक्र से सम्मानित किया था.



बिजयंत पांडा भी समर्थन में उतरे
ओडिशा से भाजपा के प्रमुख नेता और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  बिजयंत पांडा ने भी प्रधानमंत्री मोदी के बयान का समर्थन किया है. बिजयंत पांडा ने मिशिगन टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की है. राजनीति में आने से पहले बिजयंत पांडा कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी कर रहे थे. साथ ही उन्होंने बीजू पटनायक और और वर्तमान में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ भी काम किया है. वहीं, पांडा ने एक लिंक भी साझा किया है, जिसमें रडार से संबंधित जानकारी दी गई है.

बता दें कि एक  इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं दिनभर व्यस्त था. रात नौ बजे रिव्यू किया. फिर बारह बजे रिव्यू किया. हमारे सामने समस्या थी कि उस समय मौसम अचानक खराब हो गया था. बहुत बारिश हुई थी. विशेषज्ञ तारीख बदलना चाहते थे, लेकिन मैंने कहा कि इतने बादल हैं, बारिश हो रही है तो एक फायदा है कि हम (पाकिस्तान के) रडार से बच सकते हैं. सब उलझन में थे क्या करें. फिर मैंने कहा बादल है जाइए और वे चल पड़े.'

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