पदक जलाने या लौटाने वाले पूर्व सैनिक देश का अपमान कर रहे हैं: पर्रिकर

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सरकार ने वन रैंक वन पेंशन पर अपना वादा पूरा किया है। पदक जलाने या लौटाने वाले पूर्व सैनिक देश का अपमान कर रहे हैं।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सरकार ने वन रैंक वन पेंशन पर अपना वादा पूरा किया है। पदक जलाने या लौटाने वाले पूर्व सैनिक देश का अपमान कर रहे हैं।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सरकार ने वन रैंक वन पेंशन पर अपना वादा पूरा किया है। पदक जलाने या लौटाने वाले पूर्व सैनिक देश का अपमान कर रहे हैं।

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि सरकार ने वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) पर अपना वादा पूरा किया है। पदक जलाने या लौटाने वाले पूर्व सैनिक देश का अपमान कर रहे हैं।



पर्रिकर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ओआरओपी, सेवा का हिस्सा है। पदक सशस्त्र बलों द्वारा देश के लिए दी गई कुर्बानी के लिए दिया जाता है। इन्हें जलाना या लौटाना देश और रक्षा बलों का अपमान है। मुझे यह अच्छा नहीं लगा। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व सैनिकों को लगता है कि उन्हें कोई समस्या है तो वह न्यायिक आयोग के पास जा सकते हैं, जिसे इसी ओआरओपी योजना के तहत बनाया गया है।



उन्होंने कहा कि ओआरओपी चुनाव में किया गया बीजेपी का वादा था और मुझे लगता है कि वादा पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि ओआरओपी और पदक दो अलग-अलग चीजें हैं, इन्हें मिलाना नहीं चाहिए।





भारतीय पूर्वसैनिक आंदोलन के महासचिव वी.के. गांधी ने कहा था कि पदक जलाने की कोशिश से समझा जा सकता है कि पूर्व सैनिक किस हद तक भावुक स्थिति में हैं। सरकारों ने बीते 60 साल में इनके लिए कुछ नहीं किया।
मौजूदा सरकार ने 7 नवंबर को ओआरओपी को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी की थी। इसमें न्यायिक आयोग के गठन का भी ऐलान किया गया है। यह आयोग इस योजना को लागू करने में आई विसंगतियों पर छह महीने में अपनी रिपोर्ट देगा।
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