2G स्‍पेक्‍ट्रम के फैसले पर विनोद राय ने तोड़ी चुप्‍पी, कहा- अपनी जांच पर कोई खेद नहीं

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Updated: September 9, 2019, 1:40 PM IST
2G स्‍पेक्‍ट्रम के फैसले पर विनोद राय ने तोड़ी चुप्‍पी, कहा- अपनी जांच पर कोई खेद नहीं
2जी स्‍पेक्‍ट्रम पर पूर्व कैग विनोद राय की रिपोर्ट ने यूपीए सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर दी थी.

पूर्व कैग विनोद राय (CAG Vinod Rai) ने पहली बार अपनी चुप्‍पी तोड़ी है. उन्‍होंने कहा, उन्‍हें अपनी जांच पर कोई पछतावा नहीं है'. ए राजा समेत दूसरे लोगों के निर्दोष साबित होने पर राय ने कहा, 'मुझे इस फैसले से बुरा नहीं लगा.'

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  • Last Updated: September 9, 2019, 1:40 PM IST
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भूपेंद्र चौबे
नई दिल्‍ली. 2G मामले में ए राजा समेत दूसरे आरोपियों के बरी होने के बाद पूर्व नियंत्रक एवं महा लेखापरिक्षक (CAG) विनोद राय (Vinod Rai) ने पहली बार अपनी चुप्‍पी तोड़ी है. उन्‍होंने कहा, 'उन्‍हें अपनी जांच पर कोई पछतावा नहीं है.' बता दें कि पूर्व कैग विनोद राय ने ही यूपीए सरकार के समय हुए 2G स्‍पेक्‍ट्रम के बंटवारे में गडबड़ी और सरकार को वित्‍तीय नुकसान की बात कही थी.

सीबीआई (CBI) कोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में अपने फैसले में ए राजा समेत दूसरे लोगों को इस मामले से बरी किया था, बल्‍कि कैग (CAG) और सीबीआई द्वारा पेश किए गए नुकसान के आंकड़ों पर भी सवाल खड़े किए थे. कोर्ट ने कहा था, 'कुछ लोगों ने इस मामले में कुछ चुनिंदा तथ्‍य उठाए और अपने हिसाब से इसे स्‍कैम करार दे दिया.' तब कैग की जांच में 1.76 लाख करोड़ के नुकसान की बात कही गई थी.



अब इस मामले में पूर्व कैग विनोद राय ने 9 महीने बाद अपनी चुप्‍पी तोड़ते हुए कहा, 'इस मामले में सीबीआई की जांच कैग की जांच से पूरी तरह अलग है. इसलिए आंकड़ों में अंतर आया. उन्‍होंने कहा, स्‍पेक्‍ट्रम आवंटन पर मेरी कैग जांच पर कोई सवाल या खेद नहीं है. हमारा काम मौजूदा सरकारी दस्‍तावेजों के आधार पर ऑडिट करना था. हमने नुकसान का आकलन 2जी स्‍पेक्‍ट्रम के आवंटन के आधार पर किया, ये 3जी स्‍पेक्‍ट्रम का आवंटन से मिली रकम के बाद सही साबित हुआ.'

ए राजा समेत दूसरे लोगों के निर्दोष साबित होने पर राय ने कहा, 'मुझे इस फैसले से बुरा नहीं लगा. सीबीआई कोर्ट ने फैसला सीबबीआई जांच के बाद सुनाया.'

पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय ने कहा कि सीबीआई को सरकार से एक निश्चित दूरी बनाकर चलने के लिए तुरंत सशक्त करने की जरूरत है. उन्‍होंने पिछले दिनों सीबीआई में आलोक वर्मा और पूर्व स्‍पेशल डायरेक्‍टर राकेश अस्‍थाना के बीच हुए विवाद पर कहा, 'इस बात की तुरंत स्‍क्रूटनी होनी चाहिए कि सीबीआई में टॉप पोजीशन पर कौन आएगा.'

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First published: September 9, 2019, 1:18 PM IST
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