लाइव टीवी

पूर्व CJI आरएम लोढ़ा का CAB पर सवाल- धर्म के आधार पर बना कानून संविधान की मूलभावना के खिलाफ

News18Hindi
Updated: December 10, 2019, 7:28 PM IST
पूर्व CJI आरएम लोढ़ा का CAB पर सवाल- धर्म के आधार पर बना कानून संविधान की मूलभावना के खिलाफ
पूर्व सीजेआई आरएम लोढा ने कहा कि धर्म के आधार पर बनाया गया कोई भी कानून संविधान के प्रावधानों को संतुष्‍ट नहीं कर पाएगा.

लोकसभा (Lok Sabha) में सोमवार को देर रात तक हुई बहस के बाद नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) को पारित कर दिया गया. विधेयक के पक्ष में 311, जबकि इसके खिलाफ महज 80 वोट ही पड़े. माना जा रहा है कि मोदी सरकार बुधवार को इस विधेयक को राज्‍यसभा से भी पारित करा लेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 10, 2019, 7:28 PM IST
  • Share this:
नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्‍य न्‍यायाधीश आरएम लोढा (Ex-CJI RM Lodha) ने लोकसभा से पारित नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) पर सवाल उठाए. उन्‍होंने कहा कि धर्म के आधार पर बनाया गया कोई भी कानून संविधान (Constitution) की मूल भावना के खिलाफ है. बता दें कि लोकसभा (Lok Sabha) में सोमवार को देर रात तक हुई गरमा-गरम बहस के बाद बिल को पारित कर दिया गया. विधेयक के पक्ष में 311, जबकि इसके खिलाफ महज 80 वोट ही पड़े. माना जा रहा है कि मोदी सरकार इस विधेयक को राज्‍यसभा से भी पारित करा लेगी.

'फिलहाल कानून को लेकर कुछ कहना जल्‍दबाजी होगी'
पूर्व सीजेआई लोढा ने कहा कि इस कानून पर अभी बात करना या कुछ भी कहना जल्‍दबाजी होगा. अभी हमें यह भी नहीं पता कि इस कानून की संरचना कैसी होगी. सिर्फ इतना कहा जा सकता है कि धर्म के आधार पर किसी समुदाय को बनाए जा रहे किसी भी कानून से बाहर रखना संविधान के प्रावधानों को संतुष्‍ट नहीं कर पाएगा. दूसरे शब्‍दों में कहा जाए तो ऐसा कानून संविधान की मूलभावना के खिलाफ होगा. हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक, बहुत से लोग विधेयक को असंवैधानिक बता रहे हैं. वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि बिल मुस्लिमों के खिलाफ है.

शशि थरूर ने विधेयक को बताया संविधान पर हमला

कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता शशि थरूर ने भी कहा था कि नागरिकता संशोधन विधेयक देश के संविधान पर हमला है. हमें सभी के लिए मुक्‍त भारत (Free India) का निर्माण करना चाहिए. हम देश को धर्म (Religion) के आधार पर नहीं बांट सकते. उन्‍होंने विधेयक को लोकसभा में पेश किए जाने से पहले भी कहा था कि धर्म के आधार पर राष्‍ट्रीयता को तय करना पाकिस्‍तान (Pakistan) का तरीका है. इस विधेयक में सिर्फ छह धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता प्राप्‍त करने का प्रावधान किया गया है. बाकी धर्मों को विधेयक में बाहर कर दिया गया है. यह धर्म के आधार पर भेदभाव है.

चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ने के दिए संकेत
कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) ने भी नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को असंवैधानिक करार दिया है. साथ ही कहा कि अब इस असंवैधानिक विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में लड़ाई लड़ी जाएगी. आईएनएक्‍स मीडिया केस में दो महीने से ज्‍यादा तिहाड़ जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए चिदंबरम ने बीजेपी पर आम लोगों की उम्‍मीदों को कुचलने का आरोप लगाया. उन्‍होंने कहा कि देश के लोग एक पार्टी को पूर्ण बहुमत (Majority) देने का खामियाजा भुगत रहे हैं.तीन देश के लोगों को धर्म के आधार पर मिलेगी भारतीय नागरिकता
नागरिकता संशोधन विधेयक के कानून बनने के बाद पाकिस्‍तान (Pakistan), बांग्‍लादेश (Bangladesh) और अफगानिस्‍तान (Afghanistan) में धार्मिक आधार पर प्रताडि़त गैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता प्राप्‍त करने में आसानी हो जाएगी. ये ऐसा पहला विधेयक होगा, जिसके तहत लोगों को धर्म के आधार पर भारत की नागरिकता मिलेगी. बता दें कि इस सप्‍ताह 1,000 से ज्‍यादा लोगों ने विधेयक पर चिंता जताने वाले बयान पर हस्‍ताक्षर किए थे. वहीं, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के अलावा कई पार्टियों ने लोकसभा में भी इसका विरोध किया था.

ये भी पढ़ें:

राज्यसभा में आसानी से पास हो जाएगा सिटिजनशिप बिल, ये है पूरा गणित

शशि थरूर ने अमित शाह के बंटवारे को लेकर दिए बयान पर कसा तंज

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 10, 2019, 7:16 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर