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INX मीडिया केस: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की CBI की दलील, कहा- बस अटकलों के आधार पर नहीं रोक सकते चिदंबरम की बेल

News18Hindi
Updated: October 22, 2019, 2:53 PM IST
INX मीडिया केस: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की CBI की दलील, कहा- बस अटकलों के आधार पर नहीं रोक सकते चिदंबरम की बेल
चिदंबरम अभी ईडी के मामले में गिरफ्तार हैं.

INX Media Case: जमानत मिलने के बावजूद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (P chidambaram) अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते. उन्हें ट्रायल कोर्ट के पास अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा.

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  • Last Updated: October 22, 2019, 2:53 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम (P chidambaram) को बड़ी राहत मिली है. INX Media Case में सीबीआई की ओर से दर्ज केस में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पूर्व वित्त मंत्री को जमानत दे दी है.

चिदंबरम ने भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High court) से जमानत न मिलने के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की. हालांकि यहां ध्यान देने वाली अहम बात यह है कि कांग्रेस नेता फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में हैं और अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे.

जस्टिस आर भानुमती की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, 'अगस्त में सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी से पहले चिदंबरम एक साल से अधिक समय तक अग्रिम जमानत पर थे और वह अचानक भाग नहीं सकते.'

कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के तर्कों को खारिज कर दिया, जिन्होंने उन आर्थिक अपराधियों के उदाहरण दिए, जो भारत छोड़कर भाग गए और कभी वापस नहीं आए.

कोर्ट ने कहा-
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'सीबीआई के पास प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से गवाहों को प्रभावित करने के आरोप को लेकर कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हैं. हाईकोर्ट के समक्ष कोई भी विशेष सबूत नहीं दिया गया कि कब और कैसे उन दो गवाहों से संपर्क किया गया. महज अटकलों के आधार पर चिदंबरम की जमानत को खारिज नहीं किया जा सकता.'

जमा कराना होगा पासपोर्ट
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कांग्रेस नेता को दो जमानती लोगों के साथ एक लाख रुपये का जमानत बांड प्रस्तुत करना होगा. वह अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते. उन्हें ट्रायल कोर्ट के पास अपना पासपोर्ट जमा करना होगा.

चिदंबरम को 21 अगस्त को सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपये के विदेशी फंड प्राप्त करने के लिए INX मीडिया समूह को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी में अनियमितता बरती गई थी. इस मामले में CBI ने 15 मई, 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी.

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था 
इसके बाद ईडी ने 2017 में इस संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया. 74 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने हाईकोर्ट के 30 सितंबर के फैसले को चुनौती देने वाली शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसने सीबीआई द्वारा दायर INX मीडिया भ्रष्टाचार मामले में अपनी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने कहा था कि जांच के दौरान गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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First published: October 22, 2019, 10:43 AM IST
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