INX मामले में पी चिदंबरम पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, नहीं मिली अग्रिम जमानत

News18Hindi
Updated: August 20, 2019, 4:39 PM IST
INX मामले में पी चिदंबरम पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, नहीं मिली अग्रिम जमानत
मामला साल 2007 का है जब पी चिदंबरम (P Chidambaram) यूपीए (UPA) के कार्यकाल में वित्त मंत्री थे.

मामला साल 2007 का है जब पी चिदंबरम (P Chidambaram) यूपीए (UPA) के कार्यकाल में वित्त मंत्री थे.

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  • Last Updated: August 20, 2019, 4:39 PM IST
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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम  (P Chidambaram) पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) से कांग्रेस (Congress) नेता चिदंबरम को बड़ा झटका लगा है. यहां से चिदंबरम को अग्रिम जमानत नहीं मिली. बता दें चिदंबरम को सीबीआई और ईडी  (CBI And ED) द्वारा दाखिल दोनों मामलों में जमानत नहीं मिली है. हालांकि हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद चिदंबरम ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.  चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने सबसे पहले कोर्ट 1 यानी CJI के समक्ष मामले को मेंशन करना चाहा.लेकिन तब तक कोर्ट उठ चुकी थी. इसके बाद  सिब्बल मामले को सूचीबद्ध करने को लेकर जॉइंट रजिस्टार के पास गए.

कोर्ट में यह याचिका पी चिदंबरम की तरफ से दायर की गई थी. यह मामला साल 2007 का है जब वह यूपीए के कार्यकाल में वित्त मंत्री थे. उस वक्त आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रुपये की विदेशी धनराशि प्राप्त करने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी दिलाने में कथित अनियमितता बरते जाने का आरोप है.

इस मामले में कथित रूप से 10 लाख रुपये हासिल करने के लिए चिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया था. आईएनएक्स मीडिया कंपनी के तत्कालीन निदेशक इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी भी इस मामले में आरोपी हैं. सीबीआई ने इस मामले में 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था.

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क्या है एयरसेल मैक्सिस केस?
यह केस फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) से जुड़ा है. 2006 में एयरसेल-मैक्सिस डील को पी चिदंबरम ने बतौर वित्त मंत्री ने मंजूरी दी थी. पी चिदंबरम पर आरोप है कि उनके पास 600 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्‍ट प्रपोजल्‍स को ही मंजूरी देने का अधिकार था. इससे बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए उन्हें आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी लेनी जरूरी थी.

एयरसेल-मैक्सिस डील केस 3500 करोड़ की एफडीआई की मंजूरी का था. इसके बावजूद एयरसेल-मैक्सिस एफडीआई मामले में चिदंबरम ने कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स की मंजूरी के बिना मंजूरी दी गई.
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सुब्रमण्यम स्वामी ने किया था मामले का खुलासा
साल 2015 में सुब्रमण्यम स्वामी ने कार्ति चिदंबरम की विभिन्न कंपनियों के बीच वित्तीय लेनदेन का खुलासा किया था. स्वामी ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए पी. चिदंबरम ने अपने बेटे कार्ति की एयरसेल-मैक्सिस डील से लाभ उठाने में मदद की. इसके लिए उन्होंने दस्तावेजों को जानबूझकर रोका और अधिग्रहण प्रक्रिया को नियंत्रित किया ताकि कार्ति को अपनी कंपनियों के शेयर की कीमत बढ़ाने का वक्त मिल जाए.

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First published: August 20, 2019, 3:14 PM IST
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