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Article 370: पूर्व IAS शाह फैसल को अब हो रहा अफसोस! कहा- सरकार को लेकर नहीं कहनी चाहिए थी ऐसी बात

शाह फैसल ने जताया खेद. (File pic)
शाह फैसल ने जताया खेद. (File pic)

CNN-News18 के सवाल पर शाह फैसल ने लिखा, 'जी हां, वैश्विक ऑडियंस के लिए भारत के आंतरिक मामलों के बारे में बात करते समय शब्दों के साथ अधिक सावधान रहना होगा.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 4, 2021, 5:36 PM IST
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आदित्‍य राज कौल


नई दिल्‍ली. किसान आंदोलन (Farmers Protest) को लेकर अमेरिकी पॉप स्‍टार रिहाना (Rehanna) की ओर से समर्थन को लेकर किए गए ट्वीट से उठे विवाद में अब जम्‍मू कश्‍मीर (Jammu Kashmir) के पूर्व नौकरशाह शाह फैसल (Shah Faesal) भी उतर गए हैं. 2010 में भारत के सिविल सर्विसेज के टॉपर रहे शाह फैसल ने इस मामले में पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के ट्वीट पर कमेंट किया है. उन्‍होंने इसमें लिखा है, 'हां, घर की बात घर के अंदर ही अच्‍छी.'

इसके बाद शाह फैसल से सीएनएन-न्‍यूज18 ने एक ब्रिटिश ब्रॉडकास्‍टर को दिए गए इंटरव्‍यू का हवाला देकर पूछा कि क्‍या अनुच्‍छेद 370 हटाने पर भारत सरकार की आलोचना करना आपकी गलती थी? क्‍या आपको इस पर खेद है? तो शाह फैसल ने इस सवाल का जवाब देते हुए ट्विटर पर लिखा, 'जी हां, वैश्विक ऑडियंस के लिए भारत के आंतरिक मामलों के बारे में बात करते समय शब्दों के साथ अधिक सावधान रहना होगा.'







बता दें कि 14 अगस्त, 2019 को शाह फैसल ने तब एक बड़े विवाद को जन्म दिया था जब एक ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर के साथ एक इंटरव्‍यू के दौरान उन्होंने कहा था, 'मुझे लगता है कि यह हम सभी के लिए बहुत जल्दी है, मैं कोई बेवकूफ नहीं बनने जा रहा हूं. मुझे लगता है कि यह कदम हम सभी के लिए उठाए जाने को लेकर एक स्‍पष्‍टता यह है कि वे लोग जो मानते थे कि भारत कश्मीरियों की इस पीढ़ी के साथ विश्वासघात नहीं करेगा.'

उन्‍होंंने कहा था, 'आप मेरे दादाजी की पीढ़ी को जानते हैं, जब 1953 में जम्मू और कश्मीर के प्रधानमंत्री को बहुत छोटे स्तर के पुलिस कांस्‍टेबल द्वारा हथकड़ी लगाई गई थी. मेरे दादाजी की पीढ़ी अलग-थलग पड़ गई और उनके साथ विश्वासघात हो गया. 1987 में जब जम्मू और कश्मीर राज्य में चुनाव हुए और चुनावों में धांधली हुई, मेरे पिता की पीढ़ी से उस समय धोखा हुआ और लोकतांत्रिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक पद्धति को तबाह कर दिया. हमने 1988 में कश्मीर में उग्रवाद का विस्फोट देखा.'



फैसल एंकर के एक सवाल का जवाब दे रहे थे. यह था- तो, यह आपके लिए क्या है, मिस्टर फैसल, क्या आप रूढ़िवादी या अलगाववादी होने जा रहे हैं? इस पर फैसल ने कहा था, 'आप इस नए अपमान को जानते हैं. यह नया चरण 5 अगस्त 2019 को शुरू हुआ आक्रोश है और यह मेरी पीढ़ी है जिसे अब विश्वासघात का स्वाद मिल गया है और मुझे नहीं पता कि यह अगले 50 से 70 वर्षों में कैसे चलेगा.'
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