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गुलाम नबी आज़ाद का 13 साल पुराना वीडियो वायरल, जिसे याद कर संसद में भावुक हो गए पीएम मोदी

गुलाम नबी आजाद आज राज्यसभा में भी इस घटना को याद कर भावुक हो गए.
गुलाम नबी आजाद आज राज्यसभा में भी इस घटना को याद कर भावुक हो गए.

Ghulam Nabi Azad Viral Video: राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद की विदाई के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक आतंकवादी हमले के बाद आजाद द्वारा पीड़ितों की मदद के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए भावुक हो गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 9, 2021, 3:12 PM IST
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नई दिल्ली. राज्यसभा (Rajya Sabha) में मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष की विदाई के अवसर पर ना केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) बल्कि खुद गुलाम नबी आजाद  (Ghulam Nabi Azad) भी कुछ पलों के लिए भावुक हो गए तथा उन्होंने देश से आतंकवाद के खात्मे और कश्मीरी पंडितों के आशियानों को फिर से आबाद किए जाने की कामना की. उच्च सदन में अपने विदाई भाषण के दौरान आजाद ने उस घटना का विवरण दिया जिसकी चर्चा करते हुए इससे पहले प्रधानमंत्री का गला रूंध गया था.

अब इस घटना का एक वीडियो सामने आया है. पीएम मोदी और आजाद द्वारा इस घटना का जिक्र किये जाने के बाद समाचार एजेंसी ANI ने एक वीडियो जारी किया है. यह वीडियो 30 जुलाई 2007 का है. तब जम्मू-कश्मीर के सीएम रहे गुलाम नबी आजाद ने आतंकी हमले के पीड़ितों से मुलाकात की थी.

यहां देखें पूरा वीडियो
वीडियो में देखा जा सकता है कि आतंकी हमले के पीड़ितों को हवाई जहाज से गुजरात रवाना करने से पहले आजाद ने पत्रकारों से बात की. आजाद इस दौरान भी भावुक दिख रहे हैं. इस वीडियो में पीछे पीड़ितों के रोने की आवाजें भी आ रही हैं. आजाद ने उस वक्त कहा था- 'हम आपको फूल फल लेके भेजना चाहते थे, लेकिन आपके बच्चों की लाशें भेज रहे हैं. बहुत अफसोस है. हम सबको माफ करना.'





वीडियो के शुरुआती हिस्से में भी पीड़ितों से मिलते हुए आजाद भावुक हो गए थे. वह अपनी आंखे पोछते दिख सकते हैं.

इससे पहले आजाद ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि जम्मू एवं कश्मीर का मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही दिनों के भीतर कश्मीर में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ और कुछ पर्यटक मारे गए थे. इनमें गुजरात के पर्यटक भी थे. उन्होंने कहा कि वह जब हवाईअड्डे पहुंचे तब पीड़ित परिवारों के बच्चे उन्हें पकड़कर रोने लगे.

आजाद ने कहा कि वह दृश्य देखकर उनके मुंह से चीख निकल गई, 'खुदा तूने ये क्या किया...मैं क्या जवाब दूं इन बच्चों को...इन बच्चों में से किसी ने अपने पिता को गंवाया तो किसी ने अपनी मां को...ये यहां सैर करने आए थे और मैं उनकी लाशें हवाले कर रहा हूं....' इसी कड़ी में आजाद ने कहा, 'अल्लाह से... भगवान से... यही दुआ करते हैं कि इस देश से आतंकवाद खत्म हो जाए.'
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