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6 महीने से नज़रबंद उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ अब लगा पब्लिक सेफ्टी एक्ट

भाषा
Updated: February 7, 2020, 7:47 AM IST
6 महीने से नज़रबंद उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ अब लगा पब्लिक सेफ्टी एक्ट
पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती 5 अगस्त से ही नज़रबंद हैं.

दोनों ही पूर्व सीएम बीते साल 5 अगस्त से ही नज़रबंद हैं. अब महबूबा मुफ्ती (Mahbooba Mufti) और उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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श्रीनगर. जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्रियों महबूबा मुफ्ती (Mahbooba Mufti) और उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) समेत नेशनल कांफ्रेंस और उसकी धुर प्रतिद्वंद्वी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के दो कद्दावर नेताओं के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्रशासन ने जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया.

दोनों ही पूर्व सीएम बीते साल 5 अगस्त से ही नज़रबंद हैं और गुरूवार को अधिकारियों ने पुलिस की मौजूदगी में मजिस्ट्रेट ने उस बंगले में जाकर महबूबा को आदेश सौंपा जहां उन्हें नजरबंद रखा गया है. बाद में अधिकारियों ने बताया कि उमर अब्दुल्ला के खिलाफ भी पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है.

इस कानून के तहत किसी भी आरोपी को बिना किसी अन्य आरोप या फिर ट्रायल के  2 साल तक हिरासत में रखा जा सकता है. इस कानून के तहत आरोपी व्यक्ति को बिना वारंट, किसी विशेष जुर्म के किए आरोपी होने के बिना भी बिना किसी समयसीमा के अरेस्ट या डीटेन कर रखा जा सकता है. बता दें कि उमर अब्दुल के पिता फारुक अब्दुल्ला को पहले ही इस कानून के तहत नज़रबंद करके रखा गया है.

मोहम्मद सागर पर भी PSA के तहत मामला दर्ज

नेशनल कांफ्रेंस के महासचिव और पूर्व मंत्री मोहम्मद सागर को प्रशासन ने पीएसए नोटिस थमाया. शहर के कारोबारी इलाके में सागर का मजबूत आधार माना जाता है. इसी प्रकार पीडीपी के नेता सरताज मदनी के खिलाफ भी पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है. मदनी महबूबा मुफ्ती के मामा हैं. सागर और मदनी दोनों को केंद्र सरकार द्वारा पांच अगस्त के बाद राज्य के नेताओं पर की गई कार्रवाई के तहत नजरबंद किया गया था.

 



इस नोटिस के मिलने के बाद महबूबा मुफ़्ती के ट्विटर अकाउंट जो कि उनकी बेटी इल्तिजा चलती हैं, से ट्वीट किया गया- महबूबा मुफ़्ती ने अभी एक PSA आर्डर रिसीव किया है. जम्मू-कश्मीर के दू पूर्व सीएम पर PSA जैसे कानून के तहत मामला दर्ज करने वाली इस तानाशाह सरकार से और क्या ही उम्मीद की जा सकती है जो कर्नाटक में 9 साल के बच्चों पर 'राजद्रोह' का केस दर्ज कर सकती है. सवाल ये है कि हम सब आखिर कब तक तमाशा देखते रहेंगे और ये लोग हर उस चीज़ को बर्बाद कर देंगे जिसके लिए ये देश बना था.

पांच अगस्त को केंद्र ने जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के साथ ही इसे दो केंद्र शासित हिस्सों में बांट दिया था. इन लोगों की छह महीने की एहतियातन हिरासत अवधि बृहस्पतिवार को खत्म हो रही थी. इससे पूर्व अधिकारियों ने बताया था कि नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक बशीर अहमद वीरी के खिलाफ भी पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें रिहा कर दिया गया है.

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First published: February 6, 2020, 10:45 PM IST
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