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पूर्व मंत्री ने कहा-BJP अकेले लड़े 2022 का पंजाब चुनाव, अकाली दल ने दिया ये जवाब

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Updated: January 18, 2020, 11:33 PM IST
पूर्व मंत्री ने कहा-BJP अकेले लड़े 2022 का पंजाब चुनाव, अकाली दल ने दिया ये जवाब
पंजाब के पूर्व परिवहन मंत्री मास्टर मोहन लाल

पंजाब के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता मास्टर मोहन लाल (BJP leader Master Mohan Lal) ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि उनकी पार्टी को राज्य में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ने चाहिए.

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  • Last Updated: January 18, 2020, 11:33 PM IST
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(रामलाल कोंडाल)
चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता मास्टर मोहन लाल (BJP leader Master Mohan Lal) ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि उनकी पार्टी को राज्य में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव अकेले ही लड़ने चाहिए. उनकी पार्टी बीजेपी पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) की गठबंधन सहयोगी है. बीजेपी नेता मास्टर लाल (BJP leader Master Mohan Lal) के इस बयान पर सावधानीपूर्वक प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने इस बयान को मोहन लाल का 'व्यक्तिगत' विचार बताया.

पंजाब यूनिट के अध्यक्ष के नियुक्ति समारोह में कही थी यह बात
नेता मास्टर लाल ने यह बयान बीजेपी (BJP) की पंजाब यूनिट के नये नियुक्त हुए अध्यक्ष अश्विनी शर्मा के नियुक्ति के समारोह में ही दिया था. उन्होंने यहां पर कहा था, "2022 के चुनाव को लक्ष्य बनाइए. ये टकसाली हैं, वो गैर-टकसाली हैं, ये अकाली (Akali) हैं, वो गैर-अकाली हैं. इनको परे रखते हुए भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाइए." लाल के इस बयान पर श्रोताओं ने जोरदार तालियां बजाई थीं. हालांकि श्रोताओं में ज्यादातर बीजेपी के कार्यकर्ता ही थे.

'पंजाब में ऐसा क्या हो गया कि आप अकालियों के सहारे हैं'
बीजेपी का लगभग पूरा नेतृत्व उस दौरान स्टेज पर मौजूद था, "जब लाल ने कहा कि बीजेपी हरियाणा, हिमाचल प्रदेश में सत्ता में है यहां तक हम जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) तक में सत्ता पाने में कामयाब रहे हैं. उन्होंने इस दौरान शर्मा से पूछा, पंजाब में ऐसा क्या हो गया कि आप अकालियों के सहारे हैं? दम दिखाइए."

पूर्व परिवहन मंत्री (Former Punjab Transport) ने अपने बयान पर शनिवार को सफाई दी और कहा कि उन्होंने जो बातें कहीं वे उनके व्यक्तिगत विचार हैं और पार्टी से उनका कोई लेना-देना नहीं है.बाद में मोहन लाल ने दी थी सफाई
उन्होंने कहा, "मैं केवल अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की भावनाएं नेताओं के सामने रख रहा था. यह तय करना पार्टी का काम है कि वह अकालियों के साथ रहेगी या नहीं. उन्होंने कहा, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर मेरा मानना है कि बीजेपी को अकेले चुनाव (Election) लड़ना चाहिए ताकि वह अपना प्रमाण साबित कर सके." उनके इस बयान के बाद SAD नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा था कि लाल ने यह बयान तब दिया था जब माहौल जोश में था.

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First published: January 18, 2020, 9:21 PM IST
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