द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने वाले नौसेना के पूर्व अधिकारी का 97 साल की उम्र में निधन

जॉन थॉमस गोसलीन परेरा 1979 में सेवानिवृत्त हुए थे.
जॉन थॉमस गोसलीन परेरा 1979 में सेवानिवृत्त हुए थे.

नौसेना के साथियों के बीच जेटीजी के नाम से मशहूर परेरा 1971 के युद्ध में पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (तकनीक) थे. युद्ध के दौरान उल्लेखनीय सेवा के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) से सम्मानित किया गया था.

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मुंबई. भारतीय नौसेना में पूर्व चीफ ऑफ मैटेरियल्स वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) जॉन थॉमस गोसलीन परेरा का सोमवार को मुंबई में निधन हो गया. वह कुछ समय से बीमार थे. परेरा 97 वर्ष के थे. वर्ष 1958 में युद्धपोत आईएनएस दिल्ली में उनके साथ काम करने वाले वाइस एडमिरल आई सी राव (सेवानिवृत्त) ने बताया कि परेरा नौसेना के उन अंतिम जीवित अधिकारियों में से एक थे, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सेवा में रहे थे.

उन्होंने बताया कि वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) परेरा का दक्षिण मुंबई में नौसेना के अस्पताल आईएनएसएच अश्विनी में आज तड़के निधन हो गया. परेरा 1979 में सेवानिवृत्त होने के बाद रायगढ़ जिले से सटे तटीय शहर उरण में बस गए थे.

राव ने कहा, नौसेना के साथियों के बीच जेटीजी के नाम से मशहूर परेरा 1971 के युद्ध में पश्चिमी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (तकनीक) थे. युद्ध के दौरान उल्लेखनीय सेवा के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) से सम्मानित किया गया था. उन्होंने कहा, जेटीजी के नेतृत्व में ही बेड़े और मिसाइल नौकाओं की बड़ी मेहनत के साथ तैयारी की गई थी, जिसने 1971 की लड़ाई में हमें जीत दिलाई. फरवरी 1923 को केरल के कन्नूर में जन्मे परेरा एक मई 1944 को रॉयल नेवी में शामिल हुए थे. राव ने बताया कि जेटीजी के परिवार में उनका बेटा माइकल परेरा (71) और बेटी जेनिफर (67) है.
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