29वीं पुण्यतिथि पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को देश ने किया याद

पूर्व पीेएम राजीव गांधी की अंतिम यात्रा की एक तस्वीर (Firstpost)
पूर्व पीेएम राजीव गांधी की अंतिम यात्रा की एक तस्वीर (Firstpost)

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की आज 29वीं पुण्यतिथि है. राष्ट्र अपने पूर्व प्रधानमंत्री को याद कर रहा है.

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नई दिल्ली. देश आज अपने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) को याद कर रहा है. 21 मई 1991 को श्रीपेरंबदूर में एक बम धमाके में उनकी हत्या कर दी गई थी. उस वक्त वे एक चुनावी रैली संबोधित करने पहुंचे थे. लिट्टे उग्रवादियों ने 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जान ले ली थी. श्रीलंका में शांति सेना भेजने से नाराज तमिल विद्रोहियों ने तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में राजीव पर आत्मघाती हमला किया.

लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे राजीव गांधी के पास एक महिला फूलों का हार लेकर पहुंची और उनके बहुत करीब जाकर अपने शरीर को बम से उड़ा दिया. धमाका इतना जबरदस्त था कि उसकी चपेट में आने वाले ज्यादातर लोगों के मौके पर ही परखच्चे उड़ गए.

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया था.  इस बार यह दिवस कोरोना वायरस महामारी के बीच मनाया जा रहा है.



पूर्व प्रधानमंत्री की 29वीं पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर #ThankYouRajivGandhi कैंपेन चला रखा है. कांग्रेस के ट्विटर अकाउंट से लिखा गया- 'राजीव गांधी - वह व्यक्ति जिसने एक युवा भारत की नब्ज को महसूस किया और हमें एक उज्जवल भविष्य की ओर अग्रसर किया. वह आदमी जो युवा और बूढ़े की जरूरतों को समझता था और एक और सभी से प्यार करता था.'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूर्व पीएम राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया -  'पुण्यतिथि पर पूर्व पीएम श्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि.'
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लिखा कि -'राजीव जी की पुण्य तिथि पर उन्हें सादर श्रद्धांजलि। राजीव जी को यह देश कभी नहीं भुला पायेगा। राजीव गॉंधी अमर रहें.'


राजीव गांधी के फैसले
-भारत में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने नवोदय विद्यालय की नींव रखी थी. ये फैसला साल 1986 में शिक्षा नीति के तहत लिया गया था.

​-पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में वोट देने की उम्र में परिवर्तन किया गया. वोट देने का अधिकार पहले 21 साल की उम्र में था. फिर राजीव गांधी ने इसे घटाकर 18 साल कर दिया.

-BSNL और MTNL टेलीकॉम कंपनियां जो आज संकट से जूझ रही हैं उन्हें  पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी  के कार्यकाल में ही स्थापित किया गया था.

-भारत में कम्प्यूटर शिक्षा का श्रेय  पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी   को ही दिया जाता है. उन्होंने साइंस और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए सरकारी बजट में इसका इंतजाम किया.

-अयोध्या के विवादित मामले राम मंदिर में लगे ताले को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में ही खोला गया था.
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