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काबू में नहीं आया कोरोना तो सिर्फ दिल्ली में 4.5 लाख लोगों को ICU में करना पड़ेगा भर्ती: ICMR

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Updated: March 25, 2020, 4:44 PM IST
काबू में नहीं आया कोरोना तो सिर्फ दिल्ली में 4.5 लाख लोगों को ICU में करना पड़ेगा भर्ती: ICMR
मुंबई में सरकारी हॉस्पिटल के बाहर कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कीटाणुनाशक का छिड़काव करते फायर फाइटर (फोटो- Reuters)

गणितीय मॉडलिंग (mathematical modelling) पर आधारित यह स्टडी इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Journal of Medical Research) में छपी है. इसमें अनुमान लगाया गया है कि 'निराशाजनक' परिस्थितियों में शहरों में कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार को रोक पाना मुश्किल होगा.

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  • Last Updated: March 25, 2020, 4:44 PM IST
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नई दिल्ली. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने Covid-19 के मामलों को लेकर चेतावनी दी है कि इसके कम्युनिटी ट्रांसमिशन (Community Transmission) के मामलों के सामने आने में 20 दिन से लेकर कुछ महीनों तक का समय लग सकता है. हर संक्रमित भारतीय (Infected Indian) सबसे आशावादी परिस्थितियों में कम से कम 1.5 लोगों को और सबसे बुरी परिस्थितियों में 4 लोगों को संक्रमित करेगा.

इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Journal of Medical Research) में प्रकाशित यह स्टडी, जो कि गणितीय मॉडलिंग पर आधारित है, में अनुमान लगाया गया है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार को निराशाजनक परिस्थितियों में दिल्ली (Delhi), मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और कोच्चि जैसे शहरों में फैलने से रोक पाना मुश्किल होगा, अगर जिन लोगों ने विदेश की यात्रा की हो या विदेश यात्रा करने वाले लोगों के संपर्क में आए हों, वे खुद को आइसोलेट (Isolate) नहीं करते.

आशावादी परिस्थिति में भी दिल्ली में अगले 600 दिनों में आ सकते हैं 2 लाख मामले
जबकि आशावादी परिस्थिति में भी सरकार के दखल के बावजूद दिल्ली में Covid-19 के लक्षण वाले 2 लाख मामले अगले 600 दिनों में आ सकते हैं. इस स्टडी के सह लेखक और Covid-19 से निपटने के लिए बनाई गई नेशनल टास्क फोर्स (National Task Force) के सदस्य, तरुण भटनागर ने बताया, "इनमें से केवल 5% लोगों को ICU में भर्ती करना पड़ेगा, जो कि दिल्ली में अगले दो सालों में 10 हजार मामले होंगे."



वहीं अगर निराशाजनक परिस्थिति (Pessimistic Scenario) के अनुसार सोचें तो, सरकारी दखल के बाद भी, दिल्ली में 90 लाख ऐसे लक्षण वाले मामले सामने आ सकते हैं. जिनमें से 4.5 लाख को तो 45 दिनों में ही ICU में भर्ती करना पड़ेगा. भटनागर ने कहा, 'अन्य मेट्रो शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता में भी संख्या के मामले में ऐसे ही ट्रेंड देखने को मिलेंगे. बस उनकी जनसंख्या के हिसाब से इनमें थोड़ा-बहुत अंतर होगा.'

अगर एक व्यक्ति ने 4 लोगों को किया संक्रमित तो सिर्फ 10 बार में 10.5 लाख लोग होंगे संक्रमित
अगर बीमारी से संक्रमित होने के बारे में सोचें तो सबसे खराब परिस्थितियों (Worst Scenario) में अगर एक व्यक्ति इससे संक्रमित होता है तो वह चार लोगों को संक्रमित कर सकता है. जिसके चलते ऐसे लोगों के केवल 10 बार ऐसा करने से कुल करीब 10.5 लाख लोगों को यह संक्रमण हो सकता है.

इसका मतलब यह हुआ कि अगर एक व्यक्ति चार लोगों को संक्रमित करता है, और यही प्रक्रिया 10 बार दोहराई जाती है तो 10 लाख से ज्यादा लोगों में यह संक्रमण (Infection) फैल जाएगा. इस संख्या को 10 की घात चार की गणना करके पाया गया है.

सबसे बेहतर परिस्थितियों में भी 1.5 लोगों को संक्रमित कर सकता है कोरोना का 1 मरीज
जबकि दूसरी ओर, सबसे बेहतर परिस्थितियों में एक व्यक्ति 1.5 लोगों को संक्रमित करता है तो 10 बार ऐसी प्रक्रिया दोहराए जाने के बाद 57 लोगों को ही संक्रमित करेगा. इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) और सेल्फ-आइसोलेशन बहुत जरूरी है.

यह गणितीय मॉडल (mathematical model) पर आधारित स्टडी हालांकि सिर्फ फरवरी के आखिरी तक मिले डेटा को ध्यान में रखकर बनायी गई है. और भारत में संक्रमण का दूसरा दौर आने से पहले का चरण है. भारत में संक्रमण के दूसरे दौर में अब तक 550 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं.

केंद्र और सभी राज्य सरकारों को मिलाकर भी 60 हजार से ज्यादा क्वारेंटाइन बेड का प्रबंध नहीं
रिपोर्ट में कहा गया है कि 50 फीसदी ऐसे लक्षण वाले मामलों को तीन दिन के अंदर क्वारेंटाइन (quarantine) में रखने से कुल मामलों में 62% जबकि अधिकतम 89% की कमी आ सकती है.

लेकिन अगर स्टडी में बतायी गई संख्याओं के आसपास मरीजों की संख्या पहुंचती है तो यह आपदा को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा देगी. द हिंदू के मुताबिक सरकारी डेटा में बताया गया है कि सरकार के पास 24 मार्च तक केवल 37,618 आइसोलेशन बेड हैं, 9,152 आईसीयू बेड हैं और 8,432 वेंटिलेटर थे. आज की तारीख तक भी केंद्र और सभी राज्य सरकारों को मिलाकर भी कुल 60,000 से ज्यादा क्वारेंटाइन बेड (quarantine beds) नहीं हैं.

संक्रमणों की संख्या के आने वाले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ने के आसार हैं और पीएम मोदी ने मंगलवार को अपने टीवी पर दिए राष्ट्र के नाम संदेश में 15,000 करोड़ रुपये के हेल्थकेयर फाइनेंशियल पैकेज (healthcare financial package) की घोषणा की है.

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First published: March 25, 2020, 4:17 PM IST
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