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गगनयान के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्री इस देश में लेंगे 11 महीने ट्रेनिंग

भाषा
Updated: January 16, 2020, 4:24 AM IST
गगनयान के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्री इस देश में लेंगे 11 महीने ट्रेनिंग
GSAT- 29 स्पेस मिशन के दौरान उड़ान भरता इसरो का GSLV मार्क III-D2 रॉकेट (फोटो: ISRO)

परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष मामलों के राज्य मंत्री (Minister of State for Atomic Energy and Space Affairs) जितेन्द्र सिंह ने बुधवार को कहा कि रूस (Russia) में उनका प्रशिक्षण (Training) जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू होगा.

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नई दिल्ली. गगनयान परियोजना (Gaganyaan Project) के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों (Astronauts) को रूस (Russia) में 11 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन के संबंध में यह जानकारी केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह (Jitendra Singh) ने बुधवार को दी.

परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष मामलों के राज्य मंत्री (Minister of State for Atomic Energy and Space Affairs) जितेंद्र सिंह ने कहा कि रूस (Russia) में उनका प्रशिक्षण जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू होगा.

भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने पर 2022 में प्रक्षेपित किया जाएगा गगनयान
एक बयान के अनुसार, ‘‘रूस में 11 महीने के प्रशिक्षण के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को भारत में मॉड्यूल-विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. उसमें उन्हें इसरो द्वारा डिजाइन (Design) किए गए क्रू और सर्विस मॉड्यूल में प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्हें उसे चलाना, उसमें काम करना आदि सिखाया जाएगा.’’

10,000 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना ‘गगनयान’ के 2022 में प्रक्षेपित होने की उम्मीद है. उसी साल भारत की आजादी (Freedom) को 75 साल पूरे होंगे.’’

2003 के बाद से कोई भी देश नहीं कर सका है यह कारनामा
अभी तक रूस, अमेरिका और चीन ने ही मनुष्य को अंतरिक्ष में भेजने में सफलता पाई है. हालांकि अगर सबकुछ योजना के मुताबिक हुआ तो भारत भी 2022 तक मानव को अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता रखने वाले देशों की बिरादरी में शामिल हो जाएगा. विश्व की पहली मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान (Manned space flight) की उपलब्धि रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) को हासिल है. उसने 12 अप्रैल 1961 को ‘वस्तोक-1’ नामक अंतरिक्ष यान से यूरी गागरिन को अंतरिक्ष में भेजकर पूरी दुनिया को चकित कर दिया था.इसके बाद मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ानों का सिलसिला बढ़ा और बाद में अमेरिका (America) और चीन (China) ने भी इस करिश्मे को अंजाम दिया. अंतरिक्ष में मनुष्य को भेजना कितना कठिन उद्यम है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आखिरी बार चीन ने 2003 में मानवयुक्त अंतरिक्ष यान भेजा था. तब से लेकर अब तक अन्य कोई भी देश मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान नहीं भर सका है.

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First published: January 16, 2020, 4:24 AM IST
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