यूपी सरकार के कॉर्परेशन समेत चार कंपनियां सेंट्रल विस्टा प्रॉजेक्ट के लिए पाई गईं अयोग्य

यूपी सरकार के कॉर्परेशन समेत चार कंपनियां सेंट्रल विस्टा प्रॉजेक्ट के लिए पाई गईं अयोग्य
PTI

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट (Central Vista Project) का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए बोली लगाने वाली सात में तीन कंपनियां काबिल पाई गई हैं. इसमें एल एंड टी लिमिटेड, टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड और शापूरजी पालोनजी एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 12, 2020, 7:32 AM IST
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नई दिल्ली. देश की नई संसद बनाने से जुड़े केंद्र सरकार के सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट (Central Vista Project) का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए बोली लगाने वाली सात में तीन कंपनियां काबिल पाई गई हैं. केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के रिकॉर्ड के अनुसार इन कंपनियों में एल एंड टी लिमिटेड, टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड और शापूरजी पालोनजी एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. इस परियोजना में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड समेत सात कंपनियों ने बोली लगाने के पूर्व आवेदन पेश किया था. सेंट्रल विस्टा की पुनर्विकास परियोजना के तहत संसद भवन के पास ही नए भवन का निर्माण किया जाना है. इसका काम 21 महीने में पूरा किया जाना है और इस पर अनुमानित तौर पर 889 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

आईटीडी सीमेंटेशन इंडिया लिमिटेड,  एनसीसी लिमिटेड, पीएसपी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की यूपी राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को इस परियोजना के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया है.

CPWD ने मौजूदा संसद भवन से सटे पार्लियामेंट हाउस एस्टेट के प्लॉट नंबर 118 पर लगभग 60,000 वर्ग मीटर के बिल्ट-अप एरिया पर त्रिकोणीय आकार की इमारत के निर्माण के लिए टू बिडिंग प्रणाली में प्री क्वालिफिकेशन बिडिंग मांगी थी और सात कंपनियों ने नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना में नए संसद भवन के निर्माण में रुचि दिखाई.



क्या होगा Central Vista Project में?
हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार मंगलवार को CPWD ने एक सर्कुलर में कहा कि 'एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत किए गए ऑनलाइन बिडिंग डॉक्यूमेंट्स को स्क्रूटनी और जांच की गई. बता दें नए संसद भवन  में लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के अधिक से अधिक सांसदों के बैठने और  संसद के सदस्यों के लिए कार्यालय, कोर्टयार्ड, भोजन की सुविधा और सांसदों के लिए एक लाउंज होगा. इसका निर्माण कार्य संसद के शीतकालीन सत्र के खत्म होने के बाद शुरू होने की संभावना है.

पिछले साल सेंट्रल विस्टा के रीडिजाइन के लिए बोली जीतने वाली आर्किटेक्चर फर्म एचसीपी डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बिमल पटेल ने कहा कि निर्माण कार्य संसद के शीतकालीन सत्र के बाद शुरू होगा. इसके साल 2022 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है.
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