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कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए किसानों का वेबिनार आज, दुनियाभर के किसान नेता लेंगे हिस्सा

दिल्ली की सीमा पर किसानों का प्रदर्शन

दिल्ली की सीमा पर किसानों का प्रदर्शन

Farmers Protest: वेबिनार में 'तीन कृषि कानूनों का किसानों पर असर' विषय पर चर्चा होगी. कहा जा रहा है कि इस वेबिनार में कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, मेलबर्न और ब्रिटेन के लोग भी हिस्सा लेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 8:36 AM IST
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Farmers Protest Against Agriculture Law: दिल्ली की सीमाओं पर केन्द्र के तीन कृषि कानूनों (New Farm Laws) के विरोध में करीब तीन महीनों से बैठे किसान आज एक ग्लोबल वेबिनार (Global Webinar) करेंगे. इसमें नए कृषि कानूनों को लेकर चर्चा की जाएगी. दावा किया जा रहा है कि इस वेबिनार में दुनियाभर के कई किसान हिस्सा लेंगे. किसान एकता मोर्चा की ओर से इस कार्यक्रम के बारे में ट्विटर पर जानकारी दी गई है.

सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक चलने वाले इस वेबिनार में कई किसान नेता हिस्सा लेकर अपनी बात रखेंगे. वेबिनार में 'तीन कृषि कानूनों का किसानों पर असर' विषय पर चर्चा होगी. कहा जा रहा है कि इस वेबिनार में कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, मेलबर्न और ब्रिटेन के लोग भी हिस्सा लेंगे. आम लोग भी इससे जुड़ सकते हैं और सवाल पूछ सकते हैं. रजिस्ट्रेशन के लिए ऑल लाइन लिंक भी जारी की गई है.

वेबिनार का आयोजन आज




भारत बंद का समर्थन
बता दें कि किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा कि वो परिवहन और श्रमिक संगठनों द्वारा आज बुलाए गए भारत बंद का वो समर्थन करते हैं. किसान संगठनों ने लोगं से 'भारत बंद' में शांतिपूर्ण तरीके से भाग लेने की अपील की है.

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अब तक सरकार से नहीं बनी है बात
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि सरकार प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत फिर से शुरू करने के लिये तैयार है लेकिन किसान संघ पहले उसके तीन विवादित कृषि कानूनों को डेढ़ साल के लिये स्थगित रखने और समाधान तलाशने के लिये एक संयुक्त समिति के गठन के प्रस्ताव पर जवाब तो दें. गतिरोध तोड़ने और किसानों के प्रदर्शन को खत्म करने के लिये सरकार और किसान संघों के बीच अब तक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है और आखिरी दौर की बातचीत 22 जनवरी को हुई थी. किसानों द्वारा 26 जनवरी को आयोजित ‘ट्रैक्टर परेड’ के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा के बाद बातचीत फिर शुरू नहीं हुई.

पगड़ी संभाल दिवस
इससे पहले किसानों ने मंगलवार को किसान आंदोलन के गीत गाते हुए ‘पगड़ी संभाल दिवस’ मनाया. संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित यह एक दिन का कार्यक्रम 1906 की ‘पगड़ी संभाल लहर’ से प्रेरित था. किसान नेताओं ने कहा कि कभी किसानों की शान हुआ करती थी पगड़ी, लेकिन सरकार ने किसानों को उसी पगड़ी को फांसी का फंदा बनाने पर मजबूर कर दिया है.
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