लाइव टीवी

पाकिस्तान की अब खैर नहीं, भारत को सौंपे गए 3 और राफेल विमान

News18Hindi
Updated: November 21, 2019, 9:39 AM IST
पाकिस्तान की अब खैर नहीं, भारत को सौंपे गए 3 और राफेल विमान
फ्रांस की ओर से भारत को 36 में से चार राफेल लड़ाकू विमान सौंप दिए गए हैं.

भारत (India) और फ्रांस (France) ने सितंबर 2016 में 36 राफेल विमान (Rafale Fighter Aircraft) के लिए करीब 59 हजार करोड़ रुपये की डील की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 21, 2019, 9:39 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. फ्रांस (France) ने भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को 3 और राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Aircraft) सौंप दिए हैं. राफेल लड़ाकू विमान को भारत लाने के लिए भारतीय वायुसेना के पायलटों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसकी जानकारी रक्षा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक (Shripad Naik) ने लोकसभा में दी. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने 8 अक्टूबर को फ्रांस स्थित एयरबेस पर पहला राफेल जेट हासिल किया था.

इन चारों राफेल जेट के मई 2020 तक भारत पहुंचने की उम्मीद जताई गई है. बता दें कि कांग्रेस ने मोदी सरकार पर राफेल डील में अनियमितताओं का आरोप लगाया था. कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि यूपीए के कार्यकाल में जो डील 526 करोड़ रुपये में की गई थी, उसे मोदी सरकार ने 1670 करोड़ रुपये में तय किया.

इसे भी पढ़ें :- क्या है राफेल डील, क्यों इसे लेकर आया सियासी भूचाल

क्या है राफेल विमान की खासियतें?

>> राफेल विमान एक मिनट में 60 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. इसकी ईंधन क्षमता करीब 17 हजार किलोग्राम है.
>> राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है. स्काल्प की रेंज 300 किलोमीटर है.
>> राफेल विमान एक बार में 24,500 किलो तक का वजन ले जा सकता है.
Loading...

>> ये विमान 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान भी भर सकता है.
>> राफेल लड़ाकू विमानों की गति 2,223 किलोमीटर प्रति घंटा है.
>> राफेल विमान 300 किलोमीटर की रेंज से हवा से जमीन पर हमला करने में सक्षम है.
>> राफेल विमान 14 हार्ड पॉइंट के जरिए भारी हथियार भी गिराने की क्षमता रखता है.
>> राफेल लड़ाकू विमान हर तरह के मौसम में एक साथ कई काम करने में सक्षम है. इसे मल्टिरोल फाइटर एयरक्राफ्ट के नाम से भी जाना जाता है.
>> मल्टी टास्कर होने की वजह से राफेल एक ऐसा विमान है, जिसे किसी भी तरह के मिशन पर भेजा जा सकता है. भारतीय वायुसेना को इसकी काफी वक्त से जरूरत थी.
>> यह ऐंटी शिप अटैक से लेकर परमाणु अटैक, क्लोज एयर सपॉर्ट और लेजर डायरेक्ट लॉन्ग रेंज मिसाइल अटैक में भी अव्वल है.

 


इसे भी पढ़ें :- राफेल विवाद की पूरी कहानी, कैसे 2007 से शुरू हुआ मामला 2019 में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 21, 2019, 9:27 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...