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फेसबुक पर आए मदद का मैसेज तो सावधान! पुलिस, बैंककर्मी और जवानों के नाम पर हो रहा फर्जीवाड़ा

फेसबुक के जरिए ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)
फेसबुक के जरिए ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

Online Fraud: सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों में से कई जवान इस फर्जीवाड़े में आसानी से फंस भी जाते हैं, क्योंकि वो अपने घर परिवार से कई महीनों तक दूर रहते हैं. ऐसे में अगर कोई दूर का रिश्तेदार या मित्र बनकर उससे कोई पैसे की डिमांड करता है तो उसका बैकग्राउण्ड पता नहीं कर पाता है. क्योंकि वो ज़्यादातर वक्त ड्यूटी पर तैनात होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 2, 2020, 10:37 PM IST
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"बेटे अभिषेक , कैसे हो ? तुमसे एक अनुरोध है बेटा , मेरा अभी एक्सीडेंट हो गया है ,कृप्या मेरे दोस्त के बैंक एकाउंट में 15 हजार रुपया डाल दो " ...

दिल्ली में एक सरकारी बैंक में कार्यरत बैंक मैनेजर अभिषेक को ऐसा मैसेज उसके फेसबुक (Facebook) पर चैटिंग के दौरान उसके मौसा के नाम से किसी शख्स ने किया. अभिषेक झारखंड के रहने वाले हैं और काफी तेज तर्रार युवा और बैंककर्मी होने के नाते ये समझ चुके थे कि ये किसी का फर्जीवाड़ा है. लेकिन फेसबुक पर प्रोफाइल पिक्चर सहित अन्य कई कॉमन फ्रेंड्स और परिवार के लोगों को  देखने के बाद एक नजर में तुरंत लगा कि उनकी मदद कर दी जाए. लेकिन उन्होंने सतर्कता बरतते हुए उन्होंने अपने मौसा को ही कॉल कर दिया, जिसके बाद दोनों को पता चला कि उनके साथ धोखा किया जा रहा है.

फेसबुक पर कैसे फर्जीवाड़े को दिया जाता है अंजाम
अगर आप सोशल मीडिया (Social Media) पर एक्टिव हैं और वहां अगर आपके किसी मित्र या परिवार का सदस्य आपसे चैट के मार्फत पैसे की डिमांड कर रहा है तो थोड़ा सावधान हो जाइये, क्योंकि वो आपका परिवारिक सदस्य या मित्र नहीं है बल्कि वो एक फर्जी तस्वीरों वाला सोशल मीडिया एकाउंट बनाकर "ऑनलाइन फर्जीवाड़ा को अंजाम देने वाला गैंग" हो सकता है. जो पिछले करीब तीन महीनों से ऐसा कर रहा है और देश भर में रोजाना हजारों ऐसे मामलों को अंजाम दे रहा है. फेसबुक पर ऑनलाइन फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले गैंग, आपके एकाउंट का ही एक क्लोन यानी उसके जैसा दूसरा एकाउंट बनाकर पहले कई आपके कई जानकर को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं और उसके बाद किसी दुर्घटना, कोरोना संक्रमण से पीड़ित जैसे मसलों के बारे में जानकारी देकर आपसे मदद की अपील करते हैं. उसके बाद किसी विशेष मित्र या जानकर के नाम पर दूसरे  बैंक एकाउंट में पैसे भेजने की अपील करते हैं.
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पुलिसकर्मियों और सेना के जवानों को भी बनाया जा रहा है निशाना
दिल्ली पुलिस के दर्जन भर अधिकारियों और अर्धसैनिक बल के काफी जवानों को इस तरह के संदेश भेजकर उनके साथ फर्जीवाड़े को अंजाम देने की कोशिश की जा रही है. सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों में से कई जवान इस फर्जीवाड़े में आसानी से फंस भी जाते हैं, क्योंकि वो अपने घर परिवार से कई महीनों तक दूर रहते हैं. ऐसे में अगर कोई दूर का रिश्तेदार या मित्र बनकर उससे कोई पैसे की डिमांड करता है तो उसका बैकग्राउण्ड पता नहीं कर पाता है. क्योंकि वो ज़्यादातर वक्त ड्यूटी पर तैनात होता है, लिहाजा ऐसे में कई जवान भावुकता की वजह से तुरंत उस संदिग्ध बैंक एकाउंट में पैसे ट्रांसफर भी कर देते हैं. लेकिन जब तक उसे उस  मामले कि जानकारी प्राप्त होती है, तब तक ऑनलाइन फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाला आरोपी उस संबंधित फर्जी एकाउंट से पैसे को निकाल चुका होता है. इसके लिए अर्धसैनिक बलों और सेना  के प्रमुख द्वारा जारी निर्देश जारी करते हुए उन सभी को जागरूक भी किया जा रहा है और उसे कैसे इस फर्जीवाड़ा करने वालों से बचना है ये भी बताया जा रहा है, इसी का तकाजा है कि पिछले कुछ महीने पहले ही सेना और अर्धसैनिक बलों को सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने का आदेश भी दिया गया था, जिससे देश के खिलाफ जासूसी करने वालों और ऑनलाइन फ़्रॉड करने वालों से बचा सके.

दिल्ली पुलिस में एडिशनल डीसीपी पद पर कार्यरत कुमार ज्ञानेश, वसंत विहार थाना के SHO  इंस्पेक्टर  रविशंकर, स्पेशल सेल में कार्यरत इंस्पेक्टर राजपाल डबास, कश्मीरी गेट थाना अंतर्गत लाल किला पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी  थान सिंह चंदौरिया ने भी सोशल मीडिया के मार्फ़त से आम लोगों को ये जानकारी प्रदान की है कि कोई शख्स उसके नाम से फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए उसके फेसबुक का फर्जी अकाउंट बनाकर कई लोगों से पैसों की डिमांड कर रहा है. ऐसे में आपलोग भी सतर्क रहें.

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बच्चों को मुफ्त पढ़ाने वाले पुलिसकर्मी के नाम पर भी हुई थी ठगी
दरअसल एक मामले का ही अगर उदाहरण दें तो थान सिंह लाल किला पुलिस चौकी पर ड्यूटी के दौरान
एक विशेष कार्य के लिए बहुत चर्चित हुए थे, वो मुफ्त में पिछले कई सालों से गरीब बच्चों को ड्यूटी के बाद पढ़ाते हैं. इस कार्य के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने भी थान सिंह की तारीफ की थी, उसके बाद सोशल मीडिया से लेकर टेलीविजन मीडिया पर भी थान सिंह की काफी तारीफ हुई थी. इसी का फायदा उठाने के लिए सोशल मीडिया पर एक्टिव गैंग उनके नाम पर गलत तरीके चंदा उगाही करना शुरू कर दिया. थान सिंह को जब ये जानकारी मिली तब आनन-फानन में सोशल मीडिया पर तत्काल उन्होंने एक वीडियो -लिखित संदेश भेजकर अपने जानकर लोगों को सूचित किया.



इंस्पेक्टर राजपाल डबास काफी तेज तर्रार पुलिस अधिकारी हैं, फिलहाल ये स्पेशल सेल में कार्यरत हैं लेकिन इससे पहले दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच में पोस्टेड थे. इसी का हवाला देकर उनके फर्जी एकाउंट बनाकर ऑनलाइन फर्जीवाड़ा करने वालों ने इस तरह की वारदात करने की कोशिश की थी. लेकिन इंस्पेक्टर राजपाल डबास की सतर्कता की वजह से कई लोगों को वो गैंग चूना लगाने की कोशिश के पहले ही उसका पर्दाफाश हो गया और कई लोगों को भी उसके झांसे में आने से बचाया जा सका.
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