महाराष्ट्र: 1 मई से 18+ का वैक्सीनेशन नहीं, 15 दिन और बढ़ सकते हैं कोरोना प्रतिबंध

उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है कि बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में ये फैसला किया गया है. हालांकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Rajesh Tope) ने कहा है कि 18+ वालों अभी वैक्सीनेशन के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है.

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  • Last Updated: April 28, 2021, 10:14 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र की उद्धव सरकार (Uddhav Government) ने फैसला किया है कि राज्य में 18 से 44 साल की उम्र के लोगों का फ्री वैक्सीनेशन (Free Vaccination) करवाया जाएगा. महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी है कि बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में ये फैसला किया गया है. हालांकि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा है कि 18+ वालों अभी वैक्सीनेशन के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है.

उन्होंने कहा-18 से 44 उम्र वालों का वैक्सीनेशन एक मई से नहीं शुरू होने जा रहा है. मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वो कोविन ऐप का इस्तेमाल करें. आपका वैक्सीनेशन सिर्फ रजिस्ट्रेशन के जरिए ही किया जाएगा. डायरेक्ट वैक्सीन सेंटर पर वैक्सीनेशन नहीं होगा.'

इससे पहले खबर आई है कि राज्य में 15 और दिन के लिए लॉकडाउन लग सकता है. राज्य में 1 मई से 15 मई तक के लिए लॉककडाउन सरीखी पाबंदियां लागू की जा सकती है. बता दें मिनी लॉकडाउन लागू के बाद भी राज्य में संक्रमण थम नहीं रहा है. ऐसे में सरकार अब और सख्त रुख अपना सकती है.

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मई के पहले ही हफ्ते में कोरोना का पीक आएगा और मामले कम होने लगेंगे

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से तबाही जारी है. हर दिन 3 लाख से ज्यादा मामले आ रहे हैं. कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के बीच वैक्सीनेशन और टेस्टिंग पर जोर दिया जा रहा है. इस बीच कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना का पीक जल्द आने वाला है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मई के पहले ही हफ्ते में कोरोना का पीक आएगा और मामले कम होने लगेंगे.

आईआईटी कानपुर ने पिछले 7 दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना वायरस को लेकर एक मैथमेटिकल स्टडी की है. इस स्टडी के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि मई के पहले हफ्ते में कोरोना वायरस पीक पर होगा और फिर उसकी रफ्तार घटने लगेगी. IIT प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल के मुताबिक यह स्टडी गणित विज्ञान के आधार पर की गई है. उन्होंने बताया कि भारत की पीक अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में आएगी. उसके बाद केस कम होंगे. यह ग्राफ उन्होंने पिछले साल फैले संक्रमण को आधार बनाकर तैयार किया है.
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