8 हजार किमी की यात्रा कर भारत पहुंची राफेल की पांचवीं खेप, UAE सेना ने दिया ईंधन

नए विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना के सामने राफेल जेट का दूसरा स्क्वाड्रन तैयार करने का रास्ता खुल गया है. (फोटो: Twitter/ @IAF_MCC)

नए विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना के सामने राफेल जेट का दूसरा स्क्वाड्रन तैयार करने का रास्ता खुल गया है. (फोटो: Twitter/ @IAF_MCC)

Rafale Jet Fifth Batch: वायुसेना ने कहा कि फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की वायुसेनाओं ने यात्रा के दौरान विमानों को ईंधन मुहैया कराया है. वायुसेना ने ट्वीट किया, 'फ्रांस के मैरीनेक हवाई अड्डे से सीधी उड़ान भरने के बाद राफेल विमानों की पांचवीं खेप 21 अप्रैल को भारत पहुंच गई है.

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  • Last Updated: April 22, 2021, 11:27 AM IST
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नई दिल्ली. भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की ताकत में इजाफा जारी है. बुधवार को वायुसेना ने कहा कि राफेल विमान की पांचवीं खेप फ्रांस (France) से भारत (India) पहुंच गई है. शक्तिशाली लड़ाकू विमान की यह खेप लगभग आठ हजार किलोमीटर की दूरी तय कर भारत पहुंची है. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया (RKS Bhadauria) ने फ्रांस के एक सैन्य हवाईअड्डे से भारत के लिए चार लड़ाकू विमानों को झंडी दिखाकर रवाना किया. इस घटनाक्रम से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी.

नए विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना के सामने राफेल जेट का दूसरा स्क्वाड्रन तैयार करने का रास्ता खुल गया है. नया स्क्वाड्रन पश्चिम बंगाल के हसिमारा हवाई अड्डे पर स्थापित होगा. अपने दौरे के तीसरे दिन राफेल एयरक्राफ्ट ट्रेनिंग फेसिलिटी पहुंचे भदौरिया ने समय पर डिलीवरी देने के लिए फ्रांस की एयरोस्पेस इंडस्ट्री का धन्यवाद किया.

वायुसेना ने कहा कि फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेनाओं ने यात्रा के दौरान विमानों को ईंधन मुहैया कराया है. वायुसेना ने ट्वीट किया, 'फ्रांस के मैरीनेक हवाई अड्डे से सीधी उड़ान भरने के बाद राफेल विमानों की पांचवीं खेप 21 अप्रैल को भारत पहुंच गई है. इन लड़ाकू विमानों ने लगभग आठ हजार किलोमीटर की दूरी तय की. फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेनाओं ने यात्रा के दौरान विमानों को ईंधन मुहैया कराया. सहयोग देने के लिए दोनों वायु सेनाओं को धन्यवाद.'


वायुसेना प्रमुख ने कहा कि कुछ राफेल विमान समय से 'थोड़े' पहले ही डिलीवर कर दिए गए हैं. इसने भारतीय वायुसेना की क्षमता में योगदान दिया है. दिल्ली में सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उनके फ्रांस के इस दौरे से भारतीय वायुसेना और फ्रेंच एयर एंड स्पेस फोर्स के बीच सहयोग बढ़ने का अनुमान है.



पहला राफेल स्क्वाड्रन अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर स्थित है. इस स्क्वाड्रन में करीब 18 विमान हैं. भारत ने फ्रांस के साथ सितंबर 2016 में समझौता किया था. जिसके तहत 58 हजार करोड़ रुपये में 36 राफेल विमानों की डील हुई थी. अब तक भारतीय वायुसेना में 14 राफेल विमानों का संचालन हो रहा है और नए बैच के शामिल होने के बाद विमानों की संख्या बढ़कर 18 हो जाएगी. राफेल के पांच विमानों की पहली खेप बीते साल 29 जुलाई को भारत आई थी. (भाषा इनपुट के साथ)
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