NRC पर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिकाएं होंगी दाखिल, अयोग्‍य लोगों को हटाने के आदेश को देंगे चुनौती

पिछले साल जारी की गई थी एनआरसी की अंतिम सूची.
पिछले साल जारी की गई थी एनआरसी की अंतिम सूची.

बता दें कि असम (Assam NRC) में एनआरसी के को-ऑर्डिनेटर हितेश देव सरमा ने पिछले दिनों एनआरसी की अंतिम सूची से अयोग्य लोगों के नाम हटाए जाने संबंधी आदेश दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 11:34 AM IST
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नई दिल्‍ली. असम (Assam) में नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) से अयोग्य लोगों को हटाए जाने संबंधी आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में नई याचिकाएं दाखिल करने का फैसला लिया गया है. यह फैसला एनआरसी के दो स्‍टॉक होल्‍डरों ने लिया है. बता दें कि असम में एनआरसी के को-ऑर्डिनेटर हितेश देव सरमा ने पिछले दिनों एनआरसी (Assam NRC) की अंतिम सूची से अयोग्य लोगों के नाम हटाए जाने संबंधी आदेश दिया था.

असम एनआरसी के से संबंधित इस मामले पर ऑल इंडिया असम माइनॉरिटी स्‍टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष रिजाउल करीम सरकार ने प्रतिक्रिया दी है. उन्‍होंने कहा है कि इस महीने के अंत तक उन्‍होंने इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाएं दाखिल करने का फैसला लिया है. यह फैसला पिछले साल राज्‍य में जारी हो चुकी एनआरसी की अंतिम सूची को फिर से खोलने का काम करेगा.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार रिजाउल ने कहा, 'हमारी नजर में वो (सरमा) ऐसा आदेश नहीं दे सकते क्योंकि एनआरसी को-ऑर्डिनेटर के तौर पर उनकी नियुक्ति को ही सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और अभी यह मामला कोर्ट में है.' वहीं सूत्रों ने जानकारी दी है कि जमीयत उलैमा-ए-हिंद नाम के दूसरे संगठन ने भी इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला लिया है.



बता दें कि हितेश देव सरमा ने इस महीने एनआरसी के संबंध में असम के 33 जिलों में के डिप्टी कमिश्नर और डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार्स ऑफ सिटिजन रजिस्ट्रेशन को पत्र लिखे थे. इसमें उन्होंने कहा था कि आपकी तरफ से मिली रिपोर्ट के मुताबिक सूची में में DF (घोषित विदेशी)/ DV (संदिग्ध मतदाता)/ PFT (फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल में अटके पड़े नाम) और उनके वंशजों सहित बहुत से अयोग्य नाम भी आ गए हैं.'

सरकार ने अगस्त 2019 में असम एनआरसी की फाइनल लिस्‍ट जारी की थी. इसमें 3.3 करोड़ आवेदकों में से 19.22 लाख लोगों को एनआरसी से बाहर कर दिया गया था. आखिरी लिस्ट 31 अगस्त, 2019 को प्रकाशित की गई थी. दो हफ्ते बाद ही एक ऑनलाइन लिस्ट जारी की गई थी.
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