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कृषि कानून: किसानों ने तैयार की आंदोलन तेज करने की रणनीति, 23 से 27 तक कई कार्यक्रम

कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे किसानों ने आंदोलन तेज करने के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की.
कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे किसानों ने आंदोलन तेज करने के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की.

Farmers Protest: केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अपना आंदोलन तेज करने के लिए 23 से 27 फरवरी के बीच कई कार्यक्रम आयोजित करने की रविवार को घोषणा की. उन्‍होंने बताया है कि आंदोलन को लंबे समय तक चलाए रखने के लिए भी नई रणनीति बनाई जा रही है.

  • भाषा
  • Last Updated: February 21, 2021, 11:57 PM IST
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नयी दिल्ली. केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अपना आंदोलन तेज करने के लिए 23 से 27 फरवरी के बीच कई कार्यक्रम आयोजित करने की रविवार को घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि वे प्रदर्शन को लंबे समय तक चलाने के लिए जल्द ही नई रणनीति तैयार करेंगे. प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 23 फरवरी को ‘पगड़ी संभाल दिवस’ और 24 फरवरी को ‘दमन विरोधी दिवस’ मनाया जाएगा और इस दौरान इस बात पर जोर दिया जाएगा कि किसानों का सम्मान किया जाए और उनके खिलाफ कोई ‘‘दमनकारी कार्रवाई’’ नहीं की जाए.

मोर्चा ने कहा कि 26 फरवरी को ‘युवा किसान दिवस’ और 27 फरवरी को ‘मजदूर किसान एकता दिवस’ मनाया जाएगा. किसान नेता योगेन्द्र यादव ने कहा, 'सरकार प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी, उन्हें हिरासत में लेने और उनके खिलाफ मामले दर्ज कर हर दमनकारी उपाय अपना रही है. सिंघू बॉर्डर पर किलेबंदी कर दी गई है और वह एक अंतरराष्ट्रीय सीमा की तरह प्रतीत होता है.'

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किसानों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया
किसान अब अपने आंदोलन को तीसरे चरण की रणनीति के तहत आगे बढ़ाएंगे. किसान सभा हरियाणा के इंद्रजीत ने कहा कि सरकार ओछी हरकत कर रही है. 26 जनवरी के दिन किसानों की गिरफ्तारी नहीं अपहरण किया गया. सरकार की हरकतों से किसान नाराज हैं. किसान नेता प्रेम सिंह भंगू ने बताया कि सरकार किसानों में डर पैदा करना चाहती है. किसानों की चार प्रमुख मांगों में जेलों में बंद किसानों को रिहा किया जाए, किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिए जाएं, किसान नेताओं को नोटिस जारी करना बंद किया जाए और बॉर्डर पर बैरिकेडिंग हटाई जाए आदि प्रमुख रूप से शामिल है.

संसद सत्र के मद्देनजर अगली बैठक में रणनीति साझा
उन्होंने कहा, 'संसद के आठ मार्च से शुरू हो रहे सत्र के मद्देनजर आंदोलन के लिए दीर्घकालिक योजना पर चर्चा की जाएगी और एसकेएम की अगली बैठक में रणनीति साझा की जाएगी.' मोर्चो के अन्य नेता दर्शन पाल ने भी सरकार पर ‘‘दमन’’ का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में ‘ट्रैक्टर परेड’ के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 122 लोगों में से 32 को जमानत मिल चुकी है.
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