वैक्सीन की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं कई देश, सीरम में आई परेशानियों से सप्लाई प्रभावित

सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने बीते साल 2020 के अंत तक एस्ट्राजेनेका के 40 करोड़ डोज निम्न और मध्यम आय वाले देशों को देने की बात कही थी. बाद में इसे बदलकर 2021 कर दिया गया था. (फाइल फोटो)

सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने बीते साल 2020 के अंत तक एस्ट्राजेनेका के 40 करोड़ डोज निम्न और मध्यम आय वाले देशों को देने की बात कही थी. बाद में इसे बदलकर 2021 कर दिया गया था. (फाइल फोटो)

Serum Institute Vaccine Supply: कोवैक्स के तहत सीरम को 20 करोड़ डोज का ऑर्डर मिला था, जिसमें से अभी तक केवल 3 करोड़ डोज प्राप्त हुए हैं. जानकार बताते हैं कि वैक्सीन की कमी के चलते आगे कई परेशानियां आ सकती हैं.

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नई दिल्ली. बांग्लादेश (Bangladesh), नेपाल (Nepal) और रवांडा समेत दुनिया के कई देश वैक्सीन की कमी का सामना कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि इन देशों में किल्लत का कारण भारत स्थित सीरम इंस्टीट्यूट में एक के बाद एक परेशानियों का आना है. एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है कि गरीब देशों में धीमे टीकाकरण के चलते वायरस के नए वेरिएंट तैयार हो सकते हैं और महामारी को और मुश्किल बना सकते हैं.

सीरम इंस्टीट्यूट की फैक्ट्री में आग लगने से लेकर निर्यात प्रतिबंधों के चलते विश्व के कई देशों में वैक्सीन प्रोग्राम खासा प्रभावित हुआ है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि कोवैक्स को वैक्सीन सप्लाई करने वालों में सीरम इंस्टीट्यूट का नाम सबसे ऊपर था. कोवैक्स, विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक पहल है, जिसके तहत दुनिया भर में वैक्सीन उपलब्ध कराई जानी है.

कोवैक्स के तहत सीरम को 20 करोड़ डोज का ऑर्डर मिला था, जिसमें से अभी तक केवल 3 करोड़ डोज प्राप्त हुए हैं. जानकार बताते हैं कि वैक्सीन की कमी के चलते आगे कई परेशानियां आ सकती हैं. इसके अलावा कई अन्य निर्माता भी डिलीवरी का लक्ष्य पूरा करने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. कोवैक्स काफी हद तक सीरम पर निर्भर था, जिसके कारण वैश्विक स्तर पर सप्लाई प्रभावित हुई है.

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भारत सरकार ने दूसरी लहर के बीच वैक्सीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने बीते साल 2020 के अंत तक एस्ट्राजेनेका के 40 करोड़ डोज निम्न और मध्यम आय वाले देशों को देने की बात कही थी. बाद में इसे बदलकर 2021 कर दिया गया था. उन्होंने कहा था कि कंपनी ने केवल 7 करोड़ डोज तैयार किए हैं, क्योंकि वे इस बात को लेकर सुनिश्चित नहीं थे कि उन्हें भारत से लाइसेंस मिलेगा या नहीं. साथ ही उनके पास पर्याप्त वेयरहाउस जगह नहीं है.


नेपाल ने कहा है कि उन्हें ऑर्डर किए गए 20 लाख डोज में से केवल आधे ही प्राप्त हुए हैं. गावी में सीईओ सेठ बर्क्ले ने कहा कि कोवैक्स ने सीरम को अपने बड़े सप्लायर के रूप में चुना, क्योंकि उनके पास बड़ी उत्पादन क्षमता है. वे कम दामों में वैक्सीन डिलीवर कर सकते थे और उन्हें शुरुआत में ही आपातकालीन इस्तेमाल के लिए WHO की सूची में जगह मिल गई थी. उन्होंने कहा कि सीरम का काम बढ़ रहा है. हाल ही में सीरम ने यह साफ कर दिया है कि देश के भीतर भारी मांग के चलते 2021 के अंत तक वैक्सीन का निर्यात शुरू होने की संभावना नहीं है.

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