NEET परीक्षा, रेलवे, और देश के सबसे बड़े बांध समेत ये हैं कैबिनेट के 7 बड़े फैसले

NEET परीक्षा, रेलवे, और देश के सबसे बड़े बांध समेत ये हैं कैबिनेट के 7 बड़े फैसले
कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताते केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर

कैबिनेट ने मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं के लिए एक ही परीक्षा की व्यवस्था कर दी है. अब मेडिकल में प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को एक ही परीक्षा देनी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 17, 2019, 11:00 PM IST
  • Share this:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. इस प्रमुख कैबिनेट मीटिंग के अलावा आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की भी एक मीटिंग हुई. बाद में इस मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी प्रकाश जावड़ेकर ने दी. उन्होंने बताया कि आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने 1600 करोड़ रुपये की लागत से 2880 मेगावाट की दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना को मंजूरी दे दी है. ये हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट अरुणाचल प्रदेश में लगना है. और देश का सबसे बड़ा हाइड्रो प्रोजेक्ट होगा.

कहा जा रहा है कि जून, 2018 तक की अनुमानित लागत के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में 28080.35 करोड़ का खर्च होगा. इसमें IDC और FC में खर्च होने वाले 3974.95 करोड़ रुपये भी शामिल हैं. इसके पूरा होने की अनुमानित समय अवधि 9 साल है. कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इसके जरिए बनने वाली कुल बिजली का 12% अरुणाचल प्रदेश को मुफ्त में दिया जाएगा.

मेडिकल में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स को देनी होगी सिर्फ NEET की परीक्षा
इसके अलावा प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि कैबिनेट ने मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी एक ही परीक्षा की व्यवस्था कर दी है. अब मेडिकल में प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को एक ही परीक्षा देनी होगी. इसके लिए कैबिनेट ने अपने फैसले में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की स्थापना का निर्णय लिया है. प्रकाश जावड़ेकर ने इस फैसले के बारे में विस्तार से बताया कि मौजूदा समय में देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में अलग-अलग वक्त पर मेडिकल की अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं. इन्हें खत्म कर दिया गया है. अब स्टूडेंट्स को सिर्फ एक नीट की परीक्षा देनी होगी. इसके आधार पर ही छात्रों को किसी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल सकेगा.
इलाहाबाद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच बिछेगी 150 किमी लंबी लाइन


इलाहाबाद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच बनेगी 150 किमी लंबी तीसरी रेलवे लाइन
कैबिनेट ने इलाहाबाद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच 150 किमी लंबी तीसरी रेलवे लाइन के निर्माण को भी स्वीकृति दे दी है. 2649.44 करोड़ की परियोजना 2023-24 तक पूरी होगी.

उत्तर प्रदेश में रेल संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सहजनवा से दोहरीघाट के बीच 81.17 किमी लंबी नई रेल लाइन के निर्माण को कैबिनेट की मंजूरी, दोहरीघाट-सहजनवा के बीच नई रेललाइन बनने से छपना से लखऩई के लिए गोरखपुर से अलग वैकल्पिक लाइन बिछेगी. असम में रेल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने न्यू बोंगाईगांव-अनथोरी वाया रंगिया रेल लाइन (142.97 किमी) के दोहरीकरण को मंजूरी दी. यह परियोजना बोंगाईगांव, बक्सा, बरपेटा, नलबाड़ी तथा कामरूप जिलों से होकर जाएगी.

दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता में बदलावों को मंजूरी
सरकार ने बुधवार को ऋण शोधन अक्षमता संहिता (IBC) में कुल 7 संशोधन किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है. IBC में संशोधन का मकसद कंपनी कर्ज शोधन अक्षमता समाधान रूपरेखा में गंभीर खामी को दूर करने के साथ समाधान प्रक्रिया के जरिए अधिकतम मूल्य प्राप्त करना है. यह भी कहा गया है कि इसके लिए सरकार समयसीमा का कड़ाई से पालन करने के साथ यह सुनिश्चित कर सकेगी कि चालू कंपनियों के लिे अच्छा से अच्छा पैसा मिल सके.

330 दिन में होगा दिवालिया हो चुकी कंपनियों का निपटारा
इसके अलावा कैबिनेट से फैसला किया है कि दिवालिया हो चुकी कंपनियों का मामला 330 दिनों में निपटाना होगा. केंद्रीय कैबिनेट ने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड से जुड़े 7 संशोधनों पर अपनी मुहर लगा दी है. सरकार इन प्रस्तावों को संसद में मंजूरी के लिए पेश करेगी, जिसके पास हो जाने के बाद इसे लागू किया जा सकेगा.

अभी इस पूरी प्रक्रिया के लिए 270 दिनों का समय मिलता है. इसमें कानूनी लड़ाई भी शामिल होती है. लेकिन कई बार कंपनी के आसानी से अपना अधिकार न छोड़ने के प्रयासों के चलते यह मामले लंबे खिंच जाते हैं.

अब नए संशोधन में फाइनेंशियल क्रेडिटर्स और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स के अधिकारों में फर्क साफ बताया गया है. फाइनेंशियल क्रेडिटर्स रेस्क्यू प्लान के पक्ष में वोट नहीं करते. दिवालिया हो चुकी कंपनी की वैल्यू को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने की कोशिश की जाएगी.

58 अप्रचलित कानूनों को भी खत्म करेगी सरकार
इन महत्वपूर्ण फैसलों के अलावा कैबिनेट ने अन्य कई फैसले भी लिए. इनमें 5,600 से अधिक बांधों को विनियमित करने के लिए राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण को मंजूरी दी गई है. कैबिनेट ने बांध सुरक्षा विधेयक, 2019 को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इसी मीटिंग में 58 अप्रचलित कानूनों को खत्म करने के का फैसला भी लिया गया.

यह भी पढ़ें: और ताकतवर हुई NIA, राज्य सभा में पास हुआ संशोधन बिल
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज