पंजाब: कोरोना वैक्सीन 'घोटाले' में घिरी कैप्टन सरकार, समझिए 4 दिनों का पूरा घटनाक्रम

पंजाब सरकार ने कहा है कि वे अस्पतालों से 41 हजार 400 डोज वापस लेंगे, क्योंकि अब तक 600 डोज ही लोगों को लगाए गए हैं. (पीटीआई फाइल फोटो)

पंजाब सरकार ने कहा है कि वे अस्पतालों से 41 हजार 400 डोज वापस लेंगे, क्योंकि अब तक 600 डोज ही लोगों को लगाए गए हैं. (पीटीआई फाइल फोटो)

Vaccine Scandal in Punjab: केंद्र ने पंजाब सरकार से कोवैक्सीन (Covaxin) के 40 हजार डोज के संबंध में रिपोर्ट मांगी है. कहा जा रहा है कि पंजाब ने केंद्र से 400 रुपये प्रति डोज की दर से वैक्सीन खरीदकर निजी अस्पतालों को 165 फीसदी ऊंचे दामों यानि 1060 रुपये में बेची है.

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चंडीगढ़. पंजाब में जारी राजनीतिक संकट के बीच मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) की सरकार कथित 'वैक्सीन घोटाले' के आरोपों में घिरी हुई है. विपक्षी दल ने कैप्टन सरकार पर निजी अस्पतालों को मोटी रकम वसूल कर वैक्सीन सप्लाई करने के आरोप लगाए हैं. इसके बाद मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को निजी अस्पतालों को वैक्सीन सप्लाई के आदेश को वापस ले लिया. कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि निजी अस्पतालों को बेचे गए 42 हजार डोज में से केवल 600 डोज ही लगाए गए हैं. अस्पतालों से बचे हुए 41 हजार 400 वैक्सीन वापस ली जाएंगी.

केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

इसी बीच केंद्र ने पंजाब सरकार से कोवैक्सीन के 40 हजार डोज के संबंध में रिपोर्ट मांगी है. कहा जा रहा है कि पंजाब ने केंद्र से 400 रुपये प्रति डोज की दर से वैक्सीन खरीदकर निजी अस्पतालों को 165 फीसदी ऊंचे दामों यानी 1060 रुपये में बेची है. इससे राज्य सरकार ने 600 रुपये प्रति डोज मुनाफा कमाया है और सरकार ने 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा हासिल किए.

पंजाब में जारी वैक्सीन विवाद को सिलसिलेवार तरीके से समझिए
2 जून: राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बुधवार को सभी शासकीय सर्जनों को निजी अस्पतालों में कोविड इलाज की कीमतें प्रदर्शित करने के लिए कहा था. सरकार ने यह फैसला अस्पतालों में ज्यादा कीमतें वसूलने की घटनाओं से बचने के लिए लिया था. मंत्री ने कहा था कि कोई भी अस्पताल तय कीमतों से ज्यादा फीस नहीं वसूल सकेगा. राज्य सरकार ने इसके संबंध में जिला प्रशासन को आदेश जारी किए हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी थी कि महामारी बीमारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत ज्यादा रकम वसूलने वाले अस्पतालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं.

3 जून: शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने गुरुवार को निजी अस्पतालों को मोटी कीमतों में वैक्सीन बेचकर टीकों की झूठी कमी तैयार करने के आरोपों में जांच की मांग की. उन्होंने पूरे मामले की हाईकोर्ट की निगरानी में मांग कराने की. बादल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आम आदमी की वैक्सीन अस्पतालों को डायवर्ट करने पर स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के खिलाफ मामला दर्ज कराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा है कि इस कांड ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दावों को भी उजागर कर दिया है. जहां वे कह रहे थे कि सभी को मुफ्त वैक्सीन मिलनी चाहिए.



4 जून: शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के हमले बाद पंजाब सरकार शुक्रवार को 18-44 आयुवर्ग के लिए स्टॉक वापस करने के आदेश जारी किए. केंद्र ने पंजाब सरकार से अस्पतालों को वैक्सीन बेचे जाने के संबंध में सफाई पेश करने के लिए कहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य) वंदना गुरनानी ने कहा कि यह दारीकृत मूल्य निर्धारण और राष्ट्रीय COVID-19 टीकाकरण रणनीति का उल्लंघन है. स्वास्थ्य मंत्री सिद्धू ने कहा है कि उन्होंने आरोपों की जांच के आदेश दे दिए हैं.

मंत्री ने बताया कि वापस बुलाए गए वैक्सीन डोज 18-44 युवा वर्ग को मुफ्त में लगाए जाएंगे. पंजाब के कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के प्रभारी विकास गर्ग ने कहा कि यह तय किया गया है कि अस्पताल उनके पास मौजूद सभी वैक्सीन डोज वापस करेंगे. सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि निजी अस्पतालों के जरिए 18-44 आयुवर्ग के लोगों को टीका लगाने का फैसला अच्छी भावना से नहीं लिया गया, जिसके चलते इसे वापस लिया जा रहा है.

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निजी अस्पताल अब सीधे वैक्सीन निर्माताओं से ही वैक्सीन हासिल करेंगे. साथ ही उनकी तरफ से वैक्सीन फंड में जमा कराई गई राशि को भी सरकार की तरफ से लौटाया जाएगा. हालांकि, बीती शाम तक भी पंजाब सरकार ने मुनाफा कमाने के आरोप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार ने बीते महीने 420 रुपये प्रति डोज की कीमत पर मिली कोवैक्सीन की 1.14 लाख डोज में से 40 हजार डोज 1060 रुपये प्रति डोज की दर से बेची हैं. उन्होंने दावा किया कि ये 20 निजी अस्पतालों को बेची गई हैं, जिन्हें बाद में अस्पतालों ने 1560 रुपये प्रति डोज की दर से बेचा.


5 जून: पंजाब सरकार ने कहा है कि वे अस्पतालों से 41 हजार 400 डोज वापस लेंगे, क्योंकि अब तक 600 डोज ही लोगों को लगाए गए हैं. खास बात है कि पंजाब में जारी इस विवाद के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार को 'वैक्सीन की अलग-अलग कीमतों और अपर्याप्त सप्लाई' को लेकर पत्र लिखा है. पार्टी ने लिखा, 'बढ़ती कोविड-19 महामारी के बीच वैक्सीनेशन ही एक बचाव है. मोदी सरकार की टीकाकरण रणनीति में कई गलतियां हैं.' पत्र में कहा गया है, 'अभी की जरूरत है कि बीजेपी सरकार वैक्सीन खरीदे और राज्यों और निजी अस्पतालों को भारत के लोगों के लिए मुफ्त में मुहैया कराए. इससे कम कुछ भी भारत और उसके लोगों के लिए नुकसान है.'

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