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टोक्‍यो ओलंपिक से कारगिल दिवस तक पढ़ें PM मोदी के 'मन की बात' से जुड़ी 10 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत टोक्‍यो ओलंपिक से की.  (फ़ाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत टोक्‍यो ओलंपिक से की. (फ़ाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मन की बात (Mann Ki Baat) के जरिए कहा, 15 अगस्त को देश अपनी आज़ादी के 75वें साल में प्रवेश कर रहा है. आज़ादी के 75 साल मनाने के लिए, 12 मार्च को बापू के साबरमती आश्रम से ‘अमृत महोत्सव’ की शुरुआत हुई थी.

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    नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज एक बार फिर अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात (Mann Ki Baat) के जरिए राष्‍ट्र को संबोधित किया. मन की बात कार्यक्रम के 79वें संस्‍करण की शुरुआत पीएम मोदी टोक्‍यो ओलंपिक से की. पीएम मोदी ने कहा, दो दिन पहले की कुछ अद्भुत तस्वीरें, कुछ यादगार पल, अब भी मेरी आंखों के सामने हैं, इसलिए इस बार मन की बात की शुरुआत उन्ही पलों से करते हैं. आइए मिलकर अपने सभी खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं दें और उनका हौसला बढ़ाएं.

    पीएम मोदी ने कहा, सोशल मीडिया पर ओलंपिक खिलाड़ियों के सपोर्ट के लिए हमारा Victory Punch Campaign अब शुरू हो चुका है. पीएम मोदी ने कहा कल, यानि, 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस भी है. इस बार ये गौरवशाली दिवस भी ‘अमृत महोत्सव’ के बीच में मनाया जाएगा. मैं चाहूंगा कि आप कारगिल की रोमांचित कर देने वाली गाथा जरूर पढ़ें और कारगिल के वीरों को हम सब नमन करें.

    मन की बात कार्यक्रम से जुड़ी 10 बड़ी बातें :- 
    पीएम मोदी ने कहा, 15 अगस्त को देश अपनी आज़ादी के 75वें साल में प्रवेश कर रहा है. आज़ादी के 75 साल मनाने के लिए, 12 मार्च को बापू के साबरमती आश्रम से ‘अमृत महोत्सव’ की शुरुआत हुई थी. ऐसे कितने ही स्वाधीनता सेनानी और महापुरुष हैं, जिन्हें अमृत महोत्सव में देश याद कर रहा है. सरकार और सामाजिक संगठनों की तरफ से भी लगातार इससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
    पीएम मोदी ने कहा, सरकार और सामाजिक संगठनों की तरफ से लगातार अमृत महोत्सव से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. सांस्कृतिक मंत्रालय की कोशिश है कि 15 अगस्त को ज्यादा-से-ज्यादा भारतवासी मिलकर राष्ट्रगान गाएं, इसके लिए एक website भी बनाई गई है. अमृत महोत्सव किसी सरकार का कार्यक्रम नहीं, किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, यह कोटि-कोटि भारतवासियों का कार्यक्रम है.
    पीएम मोदी ने कहा मन की बात एक ऐसा माध्‍यम है, जहां सकारात्‍मकता है, संवेदनशीलता है. मन की बात में हम पॉजिटिव बाते करते हैं. सकारात्‍मक विचारों और सुझावों के लिए भारत के युवाओं की ये सक्रियता मुझे आनंदित करती है. मुझे इस बात की भी खुशी है कि मन की बात के माध्‍यम से मुझे युवाओं के मन को भी जानने का अवसर मिलता है.
    पीएम मोदी ने कहा, 7 अगस्त को आने वाला National Handloom Day है. आपने देखा होगा साल 2014 के बाद से ही ‘मन की बात’ में हम अक्सर खादी की बात करते हैं. आज देश में खादी की बिक्री कई गुना बढ़ गई है. क्या कोई सोच सकता था कि खादी के किसी स्टोर से एक दिन में एक करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री हो सकती है! लेकिन, आपने, ये भी कर दिखाया है.
    पीएम मोदी ने कहा, बात जब आज़ादी के आंदोलन और खादी की हो तो पूज्य बापू का स्मरण होना स्वाभाविक है. जैसे बापू के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन चला था, वैसे ही आज हर देशवासी को भारत जोड़ो आंदोलन का नेतृत्व करना है. पीएम मोदी ने कहा, आप लोगों से मिले सुझाव ही ‘मन की बात’ की असली ताकत हैं.
    पीएम मोदी ने कहा, कुछ दिन पहले ही MyGov की ओर मान की बात के श्रोताओं को लेकर एक स्‍टडी की गई थी. इस स्‍टडी में ये देखा गया कि मन की बात के लिए संदेश और सुझाव भेजने वालों में प्रमुखत: कौन लोग है. स्‍टडी के बाद ये जानकारी सामने आई है कि संदेश और सुझाव भेजने वालों में से करीब करीब 75 प्रतिशत लोग 35 साल की आयु से कम के होते हैं. इसका मतलब है कि भारत की युवा शक्ति के सुझाव मन की बात को दिशा दे रहे हैं.
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा, आपने अंग्रेजी की एक कहावत सुनी होगी– To Learn is to Grow यानि सीखना ही आगे बढ़ना है. जब हम कुछ नया सीखते हैं, तो हमारे लिए प्रगति के नए-नए रास्ते खुद-ब-खुद खुल जाते हैं.
    पीएम मोदी ने कहा, फिलहाल देश में 6 अलग-अलग जगहों पर लाइट हाउस प्रोजेक्‍ट पर तेजी से काम चल रहा है. इन लाइट हाउस प्रोजेक्‍ट से आधुनिक तकनीक और इनोवेटिव तौर तरीकों का इस्‍तेमाल किया जाता है. इससे कंस्‍ट्रक्‍शन का समय कम हो जाता है. साथ ही जो घर बनते है वो अधिक टिकाऊ, किफायती और आरामदायक होते हैं. मैंने हाल ही में ड्रोन के जरिए इन प्रोजेक्‍ट की समीक्षा भी की और कार्य की प्रगति को लाइव देखा.
    पीएम मोदी ने कहा, हमारे आदिवासी समुदाय में बेर बहुत लोकप्रिय रहा है. आदिवासी समुदायों के लोग हमेशा से बेर की खेती करते रहे हैं लेकिन कोरोना महामारी के बाद इसकी खेती विशेष रूप से बढ़ती जा रही है. त्रिपुरा के उनाकोटी के ऐसे ही 32 साल के मेरे युवा साथी है बिक्रमजीत चकमा. उन्‍होंने बेर की खेती की शुरुआत कर काफी मुनाफा भी कमाया है और अब वो लोगों को बेर की खेती करने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं.
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कोरोना अभी गया नहीं है, इससे जुड़े प्रोटोकॉल्स का पालन करते रहिए. पीएम मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि घर से बाहर निकलते समय मास्‍क जरूर पहनें और दो गज की दूरी बनाकर रखें.

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