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भारत के गेहूं के एक्सपोर्ट बैन से जर्मनी नाराज, कहा- इस कदम से बढ़ेगा विश्व भर में खाद्यान्न संकट

भारत ने तत्काल प्रभाव से गेंहू के निर्यात पर रोक लगा दी है. (फाइल फोटो)

भारत ने तत्काल प्रभाव से गेंहू के निर्यात पर रोक लगा दी है. (फाइल फोटो)

wheat export ban, G7 countries Criticises : दरअसल रूस और यूक्रेन दुनिया के दो सबसे बड़े खाद्यान निर्यातक है. लेकिन, इस साल रूस द्वारा यूक्रेन में युद्ध छेड़ने की वजह से वहां खेती नहीं हो पाई और दुनिया भर के तमाम देशों ने रूस पर व्यापारिक प्रतिबंध लगा रखे हैं. इससे पूरे विश्व में बड़ा खाद्य संकट पैदा हो गया है. यूक्रेन और रूस से आपूर्ति प्रभावित होने के बाद भारत से गेंहू की मांग बढ़ी है.

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नई दिल्ली: भारत ने तेजी से बढ़ती मंहगाई को कंट्रोल करने के लिए गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक (Wheat Export Ban) लगा दी है. भारत ने इस संबंध में 13 मई शुक्रवार को अधिसूचना जारी की थी. भारत के इस फैसले को लेकर दुनियाभर से प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध के बाद G7 समूह ने भारत के इस कदम की निंदा की है. जर्मनी के कृषि मंत्री केम ओजडेमिर ने कहा कि भारत के इस कदम से विश्व भर में खाद्यान्न संकट बढ़ेगा.

भारत से गेंहू लेने की बढ़ी मांग
दरअसल रूस और यूक्रेन दुनिया के दो सबसे बड़े खाद्यान निर्यातक है. लेकिन, इस साल रूस द्वारा यूक्रेन में युद्ध छेड़ने की वजह से वहां खेती नहीं हो पाई और दुनिया भर के तमाम देशों ने रूस पर व्यापारिक प्रतिबंध लगा रखे हैं. इससे पूरे विश्व में बड़ा खाद्य संकट पैदा हो गया है. यूक्रेन और रूस से आपूर्ति प्रभावित होने के बाद भारत से गेहूं की मांग बढ़ी है. हालांकि यूक्रेन का कहना है कि उसके पास 20 मिलियन टन गेहूं लेकिन उसका व्यापार रूट युद्ध की वजह से पूरी तरह से समाप्त हो चुका है.

गेहूं निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर अधिकारियों ने कहा कि गेंहू के अनियमित निर्यात के कारण कीमतों में वृद्धि हुई जिसे कंट्रोल करने के लिए ऐसा कदम उठाया गया.

इस तरह के कदम से गहराएगा संकट
इससे पहेल जर्मन चांसलर ने कहा था कि वैश्विक स्तर पर भोजन की कमी के लिए रूस विशेष तौर पर जिम्मेदारी का वहन करता है. अब जर्मनी के कृषि मंत्री ने भारत के गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर हर कोई इस तरह से निर्यात प्रतिबंध या फिर बाजार बंद करना शुरू कर देगा तो इससे संकट और गहरा जाएगा.

जर्मन कृषि मंत्री ने कहा कि हम भारत से G20 सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभालने का आह्वान करत हैं. उन्होंने कि इस मुद्दे को G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अगले महीने उठाया जाएगा जब प्रधानमंत्री इसमें भाग लेने पहुंचेंगे. उन्होंने का इस तरह का प्रतिबंध भारत और नेपाल जैसे देशों को ज्यादा प्रभावित करता है जिन्हें इसकी सख्त जरूरत है.

हालांकि भारत ने यह जरूर कहा है कि वह उन देशों को निर्यात की अनुमति देगा जो अपनी आपूर्ति को पूरा करने के लिए अनुरोध करते हैं. बता दें कि भारत ने मार्च यानी पिछले वित्तीय वर्ष में 70 लाख टन गेहूं निर्यात किया था जो कि पिछले साल की अपेक्षा 250 गुना अधिक है.

Tags: Export, G7, Wheat

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