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'डगमगा रही है देश की राजनीति, हर आदमी पीएम बनने के लिए बेताब है'

'डगमगा रही है देश की राजनीति, हर आदमी पीएम बनने के लिए बेताब है'

चौहान ने कहा, 'चुनाव करीब आ रहे हैं और हर आदमी प्रधानमंत्री बनने के लिए बेताब है. लेकिन पीएम बनने से ज्यादा जरूरी यह सोचना है कि आप देश के लिए क्या करेंगे.'

    FTII के पूर्व चेयरमैन और फ़िल्म अभिनेता गजेंद्र सिंह चौहान ने न्यूज़ 18 से खास बातचीत में देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर खुलकर अपनी राय रखी. इस बातचीत के दौरान उन्होंने जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को आड़े हाथों लिया तो वहीं कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज को चेतावनी दी कि भारत में पाकिस्तान की तरफदारी करने की बजाए उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए.

    डगमगा रही है देश की राजनीति
    देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर बात करते हुए चौहान ने कहा कि देश की राजनीति इस वक्त डगमगा रही है. चुनाव करीब आ रहे हैं और हर आदमी प्रधानमंत्री बनने के लिए बेताब है. लेकिन पीएम बनने से ज्यादा जरूरी यह सोचना है कि आप देश के लिए क्या करेंगे. विपक्ष के एकजुट होने से जुड़े सवाल पर चौहान हंसते हुए कहते हैं कि विपक्ष एकजुट होने की केवल बात कर रहा है, अभी हुआ नहीं है.

    पार्टी और विचारधारा अपने मां-बाप की तरह होती हैं इन्हें कभी बदला नहीं जा सकता. लेकिन कुछ लोग इतने महत्वाकांक्षी होते हैं कि सब छोड़कर... अपनी विचारधारा छोड़कर...उस पार्टी में शामिल हो जाते हैं जिसे एक दिन पहले तक गाली दे रहे होते हैं. इस महागठबंधन का हर व्यक्ति प्रधानमंत्री बनना चाहता है. देश इनकी चिंता का विषय नहीं है, इनका एक ही मकसद है- मोदी को हटाना.


    जब उनसे पूछा गया कि बीजेपी के अंदर भी लोगों में खींचतान चल रही है तो उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर कोई खींचतान नहीं है. लेकिन अगर पार्टी के लोगों की सोच अलग-अलग है तो यह पार्टी के लिए ही अच्छा है क्योंकि सभी के विचार आएंगे तब हम मिलकर पॉजिटिविटी की तरफ आगे बढ़ेंगे.

    कश्मीर में राज्यपाल शासन सही फैसला
    कश्मीर के हालात पर चौहान ने कहा कि वहां राज्यपाल शासन बहुत अच्छा क़दम है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस कदम में थोड़ी देरी हुई है. उन्होंने कहा, "फिलहाल वहां के हालात को कंट्रोल करने के लिए अच्छा क़दम है. सरकार को कश्मीर के युवाओं के रोज़गार पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि वहां रोज़गार कम है. इसी वजह से ख़ाली दिमाग़ युवाओं को शरारत सूझती है." उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर में सेना अपना काम कर रही है, हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सेना का भी एक दायरा है और उसी के तहत उसे अधिकार मिलने चाहिए.

    कन्हैया को भी रेस्टिकेट कर देना चाहिए
    वहीं जेएनयू मुद्दे पर बोलते हुए चौहान ने कहा कि शैक्षिक संस्थानों में 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसी बातें करना बेहद गलत है. उन्होंने कहा, 'देश विरोधी दिमाग़ के लोग कहीं भी मेंढक की तरह टर्राने लगते हैं और इन लोगों का मुंह बंद रखने के लिए कोई न कोई ठोस क़दम उठाने चाहिए. मुझे बहुत खुशी है कि जेएनयू में कन्हैया पर फाइन बरकरार रखा गया है और उमर ख़ालिद को रस्टिकेट किया गया है. मुझे तो लगता है कि और थोड़ा सा ठोस क़दम लेकर कन्हैया को भी रस्टिकेट कर देना चाहिए. किसी को भी भारत के खिलाफ बात करने का अधिकार नहीं है. यहां रहकर, यहीं की रोटी खाकर इसी के खिलाफ बात करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए."

    वहीं कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा कि उन्हें भी पाकिस्तान ही भेज देना चाहिए, वहीं परवेज मुशर्रफ के साथ रहेंगे. उन्हें मालूम नहीं है कि कश्मीर क्या है, कुछ लोग इस देश में जानबूझकर ऐसी बातें करते हैं ताकि फुटेज मिले. उन्होंने कहा, 'हिंदुस्तान में रहकर पाकिस्तान की तरफदारी करने वालों को हिंदुस्तानी कहलाने का कोई अधिकार नहीं है.'

    रेप को लेकर सख्त कानून बनाने की जरूरत
    बच्चियों के साथ रेप की बढ़ती घटनाओं पर चौहान ने कहा, 'मासूमों के साथ ऐसी हरकत करने वालों के लिए कोई माफी नहीं होनी चाहिए. मेरी निजी राय है कि ऐसे मामलों के दोषियों की सजा को लाइव टेलीकास्ट किया जाए. सऊदी अरब के जैसे इस तरह की सजा के वीडियो वायरल होते हैं. ऐसी सजा हमारे देश में संभव नहीं है लेकिन लाइव टेलीकास्ट होना चाहिए. ऐसी कड़ी सजा दी जानी चाहिए कि कोई ऐसा करने के बारे में सोच भी न सके.'

    Tags: General Election 2019

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