लाइव टीवी

असम: विरोध प्रदर्शन में छाया है ये खास गमछा और 'जय आई असोम’का नारा

भाषा
Updated: December 14, 2019, 3:36 PM IST
असम: विरोध प्रदर्शन में छाया है ये खास गमछा और 'जय आई असोम’का नारा
असम में विरोध प्रदर्शन

इसे राज्य की पहचान के तौर पर पेश करने के लिए प्रदर्शनकारी इसका उपयोग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन नागरिकता कानून से असम (Assam) की पहचान को खतरा है.

  • Share this:
गुवाहाटी. हो! हो!’ की गूंज के साथ असमिया ‘गमछा’ और ‘जय आई असोम’ का नारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (Amended Citizenship Act) के खिलाफ असम में हो रहे उग्र विरोध प्रदर्शन का प्रतीक बन गया है. हाथ से बने सफेद और लाल धारी वाला सूती ‘गमछा’ पारंपरिक रूप से असम में बड़ों और मेहमानों को सम्मान के रूप में दिया जाता है.

इसे राज्य की पहचान के तौर पर पेश करने के लिए प्रदर्शनकारी इसका उपयोग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन नागरिकता कानून से असम की पहचान को खतरा है.

शहर के एक कॉलेज की 18 वर्षीय छात्रा अरुणिमा बरुआ ने कहा, ‘‘राज्य के लोगों की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान दांव पर है और हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते. हम ‘गमछा’ लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जो हमारी संस्कृति और अस्तित्व के हमारे गौरव को दर्शाता है.’

कई छात्र ‘गमछा’ लिये हुये थे, जिनपर ‘नो कैब’, ‘कैब वापस लो’, ‘असम डंपिंग ग्राउंड नहीं है’, ‘हम बांग्लादेशियों का बोझ और नहीं झेल सकते’ जैसे नारे लिखे हुये थे. सड़कों पर बड़ी संख्या में उतरे प्रदर्शनकारी ‘जय आई असोम (असम माता की जय) का नारा लगा रहे थे.

व्यवसायी ब्रोजेन डेका ने कहा, ‘‘हमारी मातृभूमि के भविष्य को खतरा है और हमें इसे उन खतरों से बचाना होगा जो इस अधिनियम के लागू होने के कारण उत्पन्न हो सकते हैं.’

ये भी पढ़ें:

दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब AAP के लिए रणनीति बनाएंगे प्रशांत किशोरकानपुर में PM मोदी की अध्यक्षता में 'गंगा काउंसिल' की पहली समीक्षा बैठक जारी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 14, 2019, 3:32 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर