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मुंबई की बारिश में फंसे लोगों को ऐसे मिला 'बप्पा' का सहारा

मुंबई की बारिश में फंसे लोगों को ऐसे मिला 'बप्पा' का सहारा

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

मुंबई में मंगलवार की रात जोरदार बारिश में जगह-जगह अटके लोगों के लिए बप्पा ने खूब कृपा की.

    मुंबई की भारी बारिश में 'बप्पा' काम आए. जी हां मुंबई में मंगलवार की रात जोरदार बारिश में जगह-जगह अटके लोगों के लिए बप्पा ने खूब कृपा की.

    दरअसल मुंबई में इस समय गणेशोत्सव का त्योहार चल रहा है और 7 हजार से ज्यादा जगहों पर बड़े-बड़े गणेश पंडाल लगे हैं. बारिश के चलते इन पंडालों में पहले से ही बरसाती लगाकर बरसात से बचने का इंतजाम किया गया है. मंगलवार को जब बारिश हो रही थी तो लोग इन पंडालों में शरण लेते गए. सार्वजनिक गणेश मंडलों ने बिना जात-पात देखे इन लोगों की खूब मदद की.

    लालबाग के राजा हो या गणेश गलली के, वर्ली के गणेश बप्पा हों या अंधेरी के राजा, सबने अपना दरबार खोल दिया भक्तों के लिए. हर मंडल में कहीं चाय-बिस्किट का इंतजाम किया गया तो कहीं वडा-पाव और बिरयानी का. रात भर लोगों को इन मंडलों में सोने की व्यवस्था भी की गई और सुबह की चाय के साथ ही विदा किया गया.

    सबसे अच्छी बात ये रही कि इन गणेश मंडलों में आम तौर पर बप्पा की सेवा के लिए तीस से पचास कार्यकर्ता पूरे ग्यारह दिन मौजूद रहते हैं. ये सारे कार्यकर्ता दिन भर लोगों की बारिश में मदद करते रहे. कई जगहों पर ऐसे कार्यकर्ता भी मिले जो लोगों की फंसी हुई या बंद कारों को आगे धकेलते दिखे. वहीं कुछ जगह पर गणेश मंडलों की तरफ से रस्सी डाली गई जिसको पकड़ कर लोग चलते रहे.

    सबसे बड़ा काम ये किया गया कि खुले मेनहोल पर डंडे या झंडे लगाकर लोगों को सूचना दी गई और वहां कार्यकर्ता लोगों को आगाह करते रहे. पांचवे दिन का गणेश विसर्जन होने के कारण कुछ लोग जब समंदर किनारे पहुंचे तो वहां भी कार्यकर्ता उनको हाई टाईड और खतरे से आगाह करते रहे. इसी के चलते एक भी मूर्ति समंदर में नहीं विसर्जित की गई. लोगों ने
    तालाबों में ही विसर्जन किया.

    गणेश मंडल यूं तो आमतौर पर लाउडस्पीकर पर जोर-जोर से गाने बजाते रहते हैं, लेकिन मंगलवार को कई गणेश मंडलों ने इन साउंड सिस्टम का इस्तेमाल लोगों को आगाह करने के लिए किया. सिद्धिविनायक के प्रसिद्ध मंदिर के दरवाजे भी आम लोगों के लिए खोल दिए गए. मंदिर के पूर्व प्रमुख नरेंद्र राणे के अनुसार लोग बप्पा को साल भर के विघनहर्ता यानि कष्ट निवारण के लिए लाते हैं, पूजा करते हैं. मंगलवार को बप्पा ने सचमुच अपने भकतों के कष्ट में उनका साथ दिया.

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